सरकार को कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए: पीएम मोदी
सारांश
Key Takeaways
- कोरोना काल में एकजुटता की आवश्यकता है।
- कालाबाजारी और जमाखोरी पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
- भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- सीबीएसई ने परीक्षाओं को रद्द किया है।
- सरकार और नागरिक मिलकर हर चुनौती का सामना कर सकते हैं।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि कोरोना के दौरान हम एकजुटता से कई चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। हमें फिर से उसी तरह से तैयार रहने की आवश्यकता है। धैर्य, संयम और शांति के साथ हमें हर चुनौती का सामना करना होगा। यही हमारी पहचान और ताकत है। हमें हमेशा सतर्क और सावधान रहना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि संकट के समय में कुछ लोग हालात का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। हमें ऐसे लोगों की कोशिशों को विफल करना है। मैं सभी राज्य सरकारों से आग्रह करता हूँ कि इस समय कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। जहाँ भी ऐसी शिकायतें आएं, वहां तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संकट के समय में भारतीयों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते 3.72 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट चुके हैं। ईरान से एक हजार भारतीय वापस आए हैं, जिनमें से 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। खाड़ी देशों में हजारों भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और सीबीएसई ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। छात्रों की पढ़ाई निरंतर जारी रखने के लिए सीबीएसई उचित कदम उठा रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि प्रभावित देशों में हमारे सभी मिशन भारतीयों की मदद के लिए तत्पर हैं। वहां काम करने वाले भारतीयों या पर्यटकों को हर संभव सहायता दी जा रही है। हमारे मिशन नियमित रूप से एडवाइजरी जारी कर रहे हैं और भारत तथा अन्य प्रभावित देशों में 24 घंटे कंट्रोल रूम और आपातकालीन हेल्पलाइन उपलब्ध हैं। सभी भारतीयों को त्वरित जानकारी प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जब देश की हर सरकार और हर नागरिक मिलकर काम करेंगे, तो हम हर चुनौती का सामना कर सकते हैं। इसी अनुरोध के साथ मैं अपना वक्तव्य समाप्त करता हूँ।