रोम में PM मोदी की सराहना: इतालवी कलाकारों ने कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम और कथक से किया स्वागत

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रोम में PM मोदी की सराहना: इतालवी कलाकारों ने कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम और कथक से किया स्वागत

सारांश

रोम में भारतीय प्रवासी स्वागत समारोह में पाँच इतालवी कलाकारों ने कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम और कथक की 'ट्रिगलबंदी' और 'हंसध्वनि' प्रस्तुत की। PM मोदी ने एक्स पर सराहना करते हुए कहा — भारतीय नृत्य शैलियों को मिल रही वैश्विक रुचि देखना अद्भुत है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 20 मई 2026 को रोम में भारतीय प्रवासी सामुदायिक समारोह में भाग लिया।
पाँच इतालवी कलाकारों ने 'ट्रिगलबंदी' प्रस्तुत की, जिसमें कुचिपुड़ी , भरतनाट्यम और कथक शामिल थे।
पाँच अन्य इतालवी संगीतकारों ने संतूर, सितार, बांसुरी और तबले पर 'हंसध्वनि' की प्रस्तुति दी।
मोदी ने एक्स पर कलाकारों को बधाई दी और भारतीय नृत्य शैलियों की वैश्विक रुचि की सराहना की।
इटली के हिंदू यूनियन सहित भारतीय प्रवासी समुदाय ने प्रधानमंत्री की मौजूदगी को भावनात्मक और प्रेरणादायक बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 मई 2026 को रोम में भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ हुए सामुदायिक स्वागत समारोह में इतालवी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि भारतीय नृत्य शैलियों को मिल रही वैश्विक रुचि देखना अद्भुत है।

इतालवी कलाकारों की 'ट्रिगलबंदी' प्रस्तुति

समारोह में भारतीय नृत्य की पाँच इतालवी प्रेमियों — स्वामिनी आत्मानंद गिरि, मार्टिना मीनाक्षी अरगाडा, लुक्रेजिया मैनीस्कोटी, वेलेरिया वेस्पाजियानी और रोजेला फेनेली — ने 'ट्रिगलबंदी' का प्रदर्शन किया, जिसमें कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम और कथक तीनों शैलियाँ एक साथ प्रस्तुत की गईं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर इस प्रस्तुति का उल्लेख करते हुए कहा, 'यह देखना अद्भुत है कि भारतीय नृत्य शैलियों को वैश्विक रुचि मिल रही है।'

भारतीय संगीत की 'हंसध्वनि' प्रस्तुति

नृत्य के अलावा, पाँच इतालवी संगीतकारों ने 'हंसध्वनि' की प्रस्तुति दी। इनमें वैलेरियो ब्रूनी (संतूर), लियो वर्तुनी (सितार), सिमोन मैटिएलो (बांसुरी), फ्रांसेस्को घेराडी (तबला) और निकोलो मेलोची (बांसुरी) शामिल थे। प्रधानमंत्री ने एक्स पर इन सभी कलाकारों को बधाई दी और कहा कि इटली में भारतीय संगीत काफी लोकप्रिय हो रहा है।

कलाकारों की प्रतिक्रिया

तबला वादक फ्रांसेस्को घेराडी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कलाकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा, 'उनकी मौजूदगी महसूस हो रही थी। वे हमारी प्रस्तुति के दौरान तालियाँ बजा रहे थे और उन्होंने हमें बहुत अच्छी ऊर्जा दी।' बाँसुरी वादक सिमोन मैटिएलो ने कहा कि यह प्रदर्शन 'बहुत खुशी वाला' रहा और उन्हें लगा कि प्रधानमंत्री ने उनसे जुड़ाव महसूस किया। संतूर वादक वैलेरियो ब्रूनी ने भी कहा कि प्रधानमंत्री प्रस्तुति के दौरान बहुत उत्साहित नजर आए।

भारतीय प्रवासी समुदाय की भावनाएँ

रोम में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात को भावनात्मक बताया। एक सदस्य ने कहा, 'आज मुझे ऐसा लगा जैसे मैंने भगवान से मुलाकात की हो। यह दूसरी बार है जब मैं उनसे मिल रहा हूँ।' इटली के हिंदू यूनियन के एक सदस्य ने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री यहाँ आते हैं, उनकी मौजूदगी बहुत प्रभावशाली होती है और भारतीयों को गर्व होता है कि भारत आगे बढ़ रहा है।

भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहुँच

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय शास्त्रीय कलाएँ यूरोप में तेज़ी से अपनी पहचान बना रही हैं। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब विदेशी कलाकारों ने भारतीय नृत्य और संगीत परंपराओं में गहरी रुचि दिखाई हो — लेकिन 'ट्रिगलबंदी' जैसी त्रि-शैली प्रस्तुति और 'हंसध्वनि' जैसी शास्त्रीय रचना का इतालवी कलाकारों द्वारा एक साथ मंचन इस सांस्कृतिक आदान-प्रदान की गहराई को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री की यह यूरोप यात्रा भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति के व्यापक ढाँचे का हिस्सा मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भरतनाट्यम और कथक प्रस्तुत करना महज एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं — यह भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति का जीवंत प्रमाण है। प्रधानमंत्री का एक्स पर व्यक्तिगत रूप से कलाकारों के नाम लेकर बधाई देना इस संदेश को सुनियोजित ढंग से वैश्विक दर्शकों तक पहुँचाता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत यूरोप में अपनी छवि को केवल आर्थिक साझेदार के रूप में नहीं, बल्कि सांस्कृतिक शक्ति के रूप में भी स्थापित करने की कोशिश में है। हालाँकि, इस 'सांस्कृतिक कूटनीति' के दीर्घकालिक नीतिगत परिणाम क्या होंगे, यह देखना बाकी है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोम में PM मोदी के स्वागत में किस तरह की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुईं?
रोम में 20 मई 2026 को हुए सामुदायिक स्वागत समारोह में पाँच इतालवी कलाकारों ने कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम और कथक की 'ट्रिगलबंदी' प्रस्तुत की। इसके अलावा पाँच अन्य इतालवी संगीतकारों ने संतूर, सितार, बांसुरी और तबले पर 'हंसध्वनि' की प्रस्तुति दी।
PM मोदी ने रोम में इतालवी कलाकारों की प्रस्तुति पर क्या कहा?
PM मोदी ने एक्स पर लिखा कि भारतीय नृत्य शैलियों को वैश्विक रुचि मिलते देखना अद्भुत है। उन्होंने 'हंसध्वनि' प्रस्तुत करने वाले सभी पाँच संगीतकारों का नाम लेकर बधाई दी और कहा कि इटली में भारतीय संगीत काफी लोकप्रिय हो रहा है।
'ट्रिगलबंदी' क्या है और इसे किसने प्रस्तुत किया?
'ट्रिगलबंदी' एक ऐसी प्रस्तुति है जिसमें तीन भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियाँ — कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम और कथक — एक साथ प्रस्तुत की जाती हैं। रोम समारोह में यह प्रस्तुति स्वामिनी आत्मानंद गिरि, मार्टिना मीनाक्षी अरगाडा, लुक्रेजिया मैनीस्कोटी, वेलेरिया वेस्पाजियानी और रोजेला फेनेली ने दी।
रोम में भारतीय प्रवासी समुदाय ने PM मोदी की यात्रा पर कैसी प्रतिक्रिया दी?
भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात को बेहद भावनात्मक बताया। एक सदस्य ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा जैसे भगवान से मुलाकात हुई हो। इटली के हिंदू यूनियन के एक सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी हमेशा बहुत प्रभावशाली होती है और भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय छवि पर गर्व होता है।
PM मोदी की रोम यात्रा भारत की सांस्कृतिक कूटनीति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह यात्रा भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें शास्त्रीय नृत्य और संगीत के माध्यम से यूरोपीय देशों में भारतीय संस्कृति की उपस्थिति को रेखांकित किया गया। इतालवी कलाकारों द्वारा भारतीय शैलियों की प्रस्तुति यह दर्शाती है कि भारतीय कलाएँ यूरोप में गहरी जड़ें जमा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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