मोदी-ट्रंप मुलाकात से भारत को कोई खास फायदा नहीं: कांग्रेस सांसद तारिक अनवर का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 17 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया मुलाकात पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों का भारत को कोई ठोस लाभ नहीं मिला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) वर्ष 2014 से विपक्षी दलों को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर करने की रणनीति पर काम कर रही है।
मोदी-ट्रंप मुलाकात पर तारिक अनवर का रुख
अनवर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कई अवसरों पर ट्रंप को 'माई फ्रेंड ट्रंप' कहकर संबोधित कर चुके हैं और सार्वजनिक मंचों पर घनिष्ठता भी प्रदर्शित की है। उनके अनुसार, "ट्रंप ने कभी उस दोस्ती या संबंध का सम्मान नहीं किया। उन्होंने कई मौकों पर भारत को अपमानित करने और नीचा दिखाने की कोशिश की है।" कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस मुलाकात से भविष्य में भारत को कोई विशेष फायदा मिलने की उम्मीद नहीं है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर संशय
भारत-अमेरिका ट्रेड डील की चर्चाओं पर अनवर ने कहा कि यह समझौता अमेरिका के हित में अधिक दिखाई देता है। उनका तर्क था कि अमेरिका चाहता है कि उसके उत्पाद और सामान भारतीय बाज़ार में अधिक मात्रा में बिक सकें, और इसीलिए वह इस दिशा में लगातार दबाव बनाता रहता है। आलोचकों का कहना है कि किसी भी द्विपक्षीय व्यापार समझौते का मूल्यांकन उसकी शर्तों के आधार पर होना चाहिए, न कि केवल राजनयिक संबंधों के आधार पर।
विपक्ष को तोड़ने की रणनीति का आरोप
महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर कथित असंतोष और टूट की खबरों पर अनवर ने BJP को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब से मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, तब से विपक्ष को कमज़ोर करने की कोशिश लगातार जारी है। उनके अनुसार महाराष्ट्र में पहले भी विपक्ष को तोड़कर सरकार बनाई गई और आज जो सरकार वहाँ चल रही है, वह उसी राजनीतिक प्रक्रिया का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की अटकलों पर अनवर ने कहा कि BJP का लक्ष्य संसद में अपनी ताकत बढ़ाकर दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुँचना है, ताकि किसी भी विधेयक, कानून या संवैधानिक संशोधन को संख्या बल के आधार पर आसानी से पारित कराया जा सके।
एजेंसियों के दुरुपयोग और उत्तर प्रदेश का संदर्भ
समाजवादी पार्टी को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल पर अनवर ने कहा कि विपक्षी दलों को कमज़ोर करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी सरकारी एजेंसियों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "आज भी विपक्षी नेताओं के यहाँ छापेमारी हो रही है। हाल में पंजाब में भी ऐसे मामले देखने को मिले।" उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल उत्तर प्रदेश में चुनाव होने हैं, इसलिए वहाँ भी राजनीतिक जोड़तोड़ की कोशिशें होंगी, लेकिन समाजवादी पार्टी के टूटने की बात केवल भ्रम फैलाने के लिए प्रचारित की जा रही है।
बिहार कांग्रेस और अल्पसंख्यक सुरक्षा पर बयान
बिहार कांग्रेस में संभावित संगठनात्मक फेरबदल की चर्चाओं पर अनवर ने कहा कि इस विषय पर अंतिम निर्णय पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और अध्यक्ष को ही लेना है। देश में मुसलमानों की सुरक्षा और सामाजिक स्थिति पर उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और आरोप लगाया कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' का नारा केवल एक राजनीतिक संदेश बनकर रह गया है। उनके अनुसार, "मुसलमानों को खुलेआम डराने का माहौल बनाया जा रहा है। सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की गंभीर कोशिश कभी नहीं की गई।" गौरतलब है कि BJP ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।