प्रधानमंत्री मोदी ने यूपीएससी 2025 में सफल अभ्यर्थियों को दी बधाई, असफलों को दिया साहस
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी।
- असफल अभ्यर्थियों को प्रोत्साहन दिया गया।
- यूपीएससी परीक्षा की प्रक्रिया में परीक्षा, लिखित और व्यक्तित्व परीक्षण शामिल हैं।
- अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 प्राप्त की।
- यह परीक्षा देश की हायर सिविल सर्विसेज के लिए आयोजित होती है।
नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों की घोषणा के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी है। उन्होंने उत्तीर्ण उम्मीदवारों की मेहनत, लगन और धैर्य की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने एक पोस्ट में लिखा, "सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले सभी को बधाई। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने उन्हें यह महत्वपूर्ण उपलब्धि दिलाई है। देश की सेवा करने और लोगों की आशाओं को पूरा करने की यात्रा में उन्हें शुभकामनाएं।"
एक अन्य पोस्ट में, उन्होंने उन अभ्यर्थियों को हौसला दिया, जो परीक्षा में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि ऐसे पल कठिन हो सकते हैं, लेकिन यह जीवन के बड़े सफर का केवल एक पड़ाव है।
प्रधानमंत्री ने लिखा, "जिन्हें सिविल सेवा परीक्षा में मनचाहा परिणाम नहीं मिला, मैं जानता हूं कि ऐसे क्षण कठिन हो सकते हैं, लेकिन यह यात्रा का सिर्फ एक हिस्सा है। आगे कई अवसर हैं। अगले परीक्षा में भाग लेने और हमारे देश के विकास में योगदान करने के लिए शुभकामनाएं।"
यूपीएससी सिविल सेवाएं हर वर्ष यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित की जाती हैं। इसका उद्देश्य भारत की हायर सिविल सर्विसेज के लिए अधिकारियों की भर्ती करना है, जिसमें इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (आईएएस), इंडियन पुलिस सर्विस (आईपीएस) और इंडियन फॉरेन सर्विस (आईएफएस) शामिल हैं। चयन प्रक्रिया में एक प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य लिखित परीक्षा और एक व्यक्तित्व परीक्षण शामिल है।
इस वर्ष, अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 प्राप्त की। राजेश्वरी सुवे एम ने ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय से बी कॉम ग्रेजुएट आकांश ढुल ने तीसरी रैंक प्राप्त की।