पॉक्सो जागरूकता कार्यक्रम: ओम प्रकाश व्यास बोले — बाल सुरक्षा माह काफी नहीं, माता-पिता को जिम्मेदारी उठानी होगी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में पॉक्सो (POCSO) कानून के तहत बाल यौन शोषण से सुरक्षा को लेकर व्यापक सामाजिक जिम्मेदारी तय करने पर बल दिया गया। कार्यक्रम में दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) के चेयरपर्सन ओम प्रकाश व्यास, दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन लता गुप्ता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक शिखा राय ने बाल सुरक्षा से जुड़े कई अहम पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
मुख्य घटनाक्रम
DCPCR के चेयरपर्सन ओम प्रकाश व्यास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल सरकार की ओर से 'बाल सुरक्षा माह' मनाने से बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की समस्या का समाधान नहीं होगा। उनके अनुसार, जब तक माता-पिता अपने बच्चों की परवरिश और सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को नहीं पहचानेंगे, यह चुनौती बनी रहेगी। व्यास ने यह भी कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए माता-पिता के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी और व्यापक सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं।
दिल्ली महिला आयोग की प्रतिक्रिया
दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन लता गुप्ता ने कहा कि पॉक्सो अधिनियम 2012 में लागू हुआ था, लेकिन बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों की समस्या इससे पहले भी विद्यमान थी। उन्होंने बताया कि समाज में आज भी कई लोग पीड़ितों को चुप रहने की सलाह देते हैं। गुप्ता के अनुसार, पॉक्सो कानून लागू होने के बाद इस विषय पर सार्वजनिक चर्चा बढ़ी है, जिससे पीड़ितों को अपनी आवाज उठाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने में सहूलियत मिली है।
उन्होंने तीन राज्यों में एनजीओ के माध्यम से पॉक्सो मामलों पर किए जा रहे कार्य और प्रस्तुत आँकड़ों की सराहना की। लता गुप्ता ने नागरिकों से पॉक्सो कानून के प्रावधानों को समझने और बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की।
समाधान अभियान की भूमिका
BJP विधायक शिखा राय ने 'समाधान अभियान' की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान पॉक्सो सहित विभिन्न कानूनों की जानकारी आम लोगों तक पहुँचाने, बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने और पीड़ितों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि समुदाय की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान का संदेश समाज के हर तबके तक पहुँचाया जा सकता है।
विपक्ष के आरोपों पर शिखा राय की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के दौरान शिखा राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को उन राज्यों में भी ऐसे मुद्दे उठाने चाहिए, जहाँ उसकी अपनी सरकारें हैं, क्योंकि चुनाव आयोग वही है और उसी के तहत वहाँ भी चुनाव कराए जाते हैं। राय ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद और बेतुका बताया।
आगे की राह
यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब देशभर में बाल यौन शोषण के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं का एकमत मानना है कि कानूनी ढाँचे के साथ-साथ पारिवारिक स्तर पर जागरूकता और सामाजिक संवेदनशीलता ही इस समस्या का स्थायी समाधान दे सकती है। आने वाले समय में ऐसे जागरूकता अभियानों को और अधिक व्यापक बनाने की आवश्यकता पर सभी वक्ताओं ने सहमति जताई।