सरपंच हत्याकांड: पुलिस ने मुठभेड़ में दो और शूटरों को किया गिरफ्तार, अस्पताल में भर्ती
सारांश
Key Takeaways
- हरबरिंदर सिंह की हत्या मामले में चार आरोपी गिरफ्तार।
- पुलिस ने दो और शूटरों को मुठभेड़ में पकड़ा।
- गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी।
- पुलिस ने मुठभेड़ में बरामद की पिस्टल और बाइक।
- मुख्यमंत्री ने मामले की जांच की निगरानी का निर्देश दिया।
चंडीगढ़, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी के सरपंच हरबरिंदर सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने जानकारी दी कि बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बाइक पर सवार दो आरोपी थाना सदर पट्टी के गांव जल्लोके क्षेत्र में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी विपन कुमार, थाना सरहाली के प्रभारी बिंदरजीत सिंह और एजीटीएफ की संयुक्त टीम ने नाका लगाकर तलाशी अभियान शुरू किया।
इस दौरान टीम ने बाइक पर आते हुए दो व्यक्तियों को देखा। जब टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो दोनों भागने लगे। पुलिस ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, जिस पर उन्होंने पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई और रोमनप्रीत सिंह को पुलिस की दो गोलियां लगी हैं, जिसकी हालत गंभीर है, जबकि अर्शदीप सिंह के घुटने पर एक गोली लगी है। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएसपी लांबा ने बताया कि सरपंच हत्याकांड में पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है।
उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उनके गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और वे कहाँ हैं, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल और एक बाइक बरामद की है।
१८ फरवरी को पंजाब के तरन तारन में आम आदमी पार्टी के मौजूदा सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने उस समय सरपंच हरपिंदर सिंह पर गोली चलाई जब वह बठिंडा-तरन तारन राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिद्धू फार्म में एक शादी समारोह में उपस्थित थे।
इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच की समीक्षा की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बुधवार को फिरोजपुर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) स्नेहदीप शर्मा और तरनतारन के एसएसपी सुरेंद्र लांबा को निर्देश दिए कि वे जांच की व्यक्तिगत निगरानी करें और आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ें।