14 अगस्त 2026
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बीमा शिकायत निवारण: IRDAI के 'बीमा भरोसा' पोर्टल और टोल-फ्री नंबर से मिलेगा 14 दिन में समाधान

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बीमा शिकायत निवारण: IRDAI के 'बीमा भरोसा' पोर्टल और टोल-फ्री नंबर से मिलेगा 14 दिन में समाधान

सारांश

बीमा दावा अस्वीकृत हुआ या पॉलिसी गलत तरीके से बेची गई? वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया — पहले बीमा कंपनी के GRO से संपर्क करें, 14 दिन में जवाब न मिले तो IRDAI के 'बीमा भरोसा' पोर्टल या टोल-फ्री 155255 पर शिकायत दर्ज करें। कॉल सेंटर 12 भाषाओं में सहायता देता है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्रालय ने 14 अगस्त 2026 को पॉलिसीधारकों के लिए बीमा शिकायत निवारण की चरणबद्ध प्रक्रिया स्पष्ट करते हुए सलाह जारी की।
शिकायत सबसे पहले बीमा कंपनी के शिकायत निवारण अधिकारी (GRO) के पास दर्ज करानी होती है; कंपनी को 14 दिनों के भीतर समाधान देना अनिवार्य है।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर IRDAI के 'बीमा भरोसा' पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है; बीमा कंपनियों का CMS इस पोर्टल से एकीकृत है।
टोल-फ्री हेल्पलाइन 155255 या 1800-4254-732 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
IRDAI का कॉल सेंटर 12 भाषाओं में बहुभाषी सहायता प्रदान करता है।
दावा अस्वीकृति, देरी और मिस-सेलिंग — तीनों प्रकार की शिकायतें इस तंत्र के अंतर्गत आती हैं।

वित्त मंत्रालय ने 14 अगस्त 2026 को पॉलिसीधारकों के लिए एक विस्तृत सलाह जारी की, जिसमें स्पष्ट किया गया कि बीमा से जुड़ी किसी भी शिकायत के समाधान के लिए पहले संबंधित बीमा कंपनी और उसके बाद भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) से संपर्क किया जा सकता है। मंत्रालय ने बताया कि IRDAI ने पॉलिसीधारकों की समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध निपटान के लिए एक सुव्यवस्थित शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया है।

शिकायत निवारण की चरणबद्ध प्रक्रिया

मंत्रालय की सलाह के अनुसार, अनुचित दावा अस्वीकृति, दावे में देरी, बीमा पॉलिसी की मिस-सेलिंग या सेवा संबंधी अन्य समस्याओं से पीड़ित पॉलिसीधारकों को एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। यह प्रक्रिया बीमा कंपनी के स्तर से आरंभ होती है और आवश्यकता पड़ने पर IRDAI के 'बीमा भरोसा' पोर्टल तक पहुँचती है।

प्रत्येक बीमा कंपनी के लिए अपने कार्यालयों में एक शिकायत निवारण अधिकारी (GRO) नियुक्त करना अनिवार्य है, जो शिकायतों के लिए नोडल अधिकारी की भूमिका निभाता है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक कंपनी को पॉलिसीधारक संरक्षण, शिकायत निवारण और दावों की निगरानी समिति (PPGR एवं CM कमेटी) का गठन करना होता है, जो एक बोर्ड-स्तरीय समिति है।

14 दिनों में समाधान का दायित्व

सलाह में कहा गया है कि बीमा कंपनियों को डिजिटल माध्यम, सीधे पत्राचार या कॉल सेंटर के ज़रिए प्राप्त हर शिकायत को अपने शिकायत प्रबंधन सिस्टम (CMS) में दर्ज करना अनिवार्य है। कंपनियों को शिकायत की तत्काल पुष्टि करनी होती है और 14 दिनों के भीतर उसका समाधान उपलब्ध कराना होता है। बीमा कंपनियों के CMS और 'बीमा भरोसा' पोर्टल आपस में एकीकृत हैं, जिससे निगरानी सुगम होती है।

बीमा भरोसा पोर्टल और IRDAI से कैसे करें संपर्क

यदि बीमा कंपनी उचित समय में जवाब नहीं देती या उसके जवाब से पॉलिसीधारक संतुष्ट नहीं है, तो वह IRDAI के पॉलिसीधारक संरक्षण एवं शिकायत निवारण विभाग से संपर्क कर सकता है। पॉलिसीधारक IRDAI के आधिकारिक 'बीमा भरोसा' पोर्टल पर लॉग इन कर शिकायत दर्ज करने के साथ-साथ उसके निवारण की स्थिति की निगरानी भी कर सकते हैं।

इसके अलावा, नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 155255 या 1800-4254-732 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतें IRDAI की आधिकारिक ईमेल या डाक के ज़रिए भी भेजी जा सकती हैं, और ये सभी 'बीमा भरोसा' पोर्टल में दर्ज की जाती हैं।

बहुभाषी सहायता की सुविधा

IRDAI द्वारा संचालित कॉल सेंटर 12 भाषाओं में बहुभाषी सहायता प्रदान करता है, जिससे देश के विभिन्न भाषाई क्षेत्रों के पॉलिसीधारक अपनी मातृभाषा में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन ग्रामीण और अर्ध-शहरी उपभोक्ताओं के लिए महत्त्वपूर्ण है, जो अंग्रेज़ी में संवाद करने में असहज महसूस करते हैं।

आगे की राह

वित्त मंत्रालय की यह सलाह ऐसे समय में आई है जब बीमा क्षेत्र में डिजिटलीकरण तेज़ हो रहा है और पॉलिसीधारकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। एकीकृत शिकायत तंत्र और 'बीमा भरोसा' पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने की यह पहल बीमा उद्योग में उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि '14 दिन में समाधान' का नियम ज़मीन पर कितना लागू होता है — क्योंकि बीमा उद्योग में शिकायत निवारण की समयसीमा पहले भी निर्धारित रही है, फिर भी उपभोक्ता मंचों पर मामलों की संख्या लगातार बढ़ती रही है। 'बीमा भरोसा' पोर्टल और CMS का एकीकरण तकनीकी रूप से सकारात्मक कदम है, परंतु बहुभाषी कॉल सेंटर की वास्तविक पहुँच ग्रामीण पॉलिसीधारकों तक तब तक सीमित रहेगी जब तक डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट कनेक्टिविटी की खाई नहीं पटती। मुख्यधारा की कवरेज इस सलाह को महज़ प्रशासनिक अपडेट मानती है, जबकि यह दरअसल बीमा क्षेत्र में बढ़ती उपभोक्ता शिकायतों के दबाव में उठाया गया कदम है, जिसकी जवाबदेही का मापन अभी बाकी है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीमा शिकायत दर्ज करने की सही प्रक्रिया क्या है?
सबसे पहले संबंधित बीमा कंपनी के शिकायत निवारण अधिकारी (GRO) से संपर्क करें। यदि 14 दिनों में समाधान न मिले या जवाब संतोषजनक न हो, तो IRDAI के 'बीमा भरोसा' पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
IRDAI का 'बीमा भरोसा' पोर्टल क्या है?
'बीमा भरोसा' IRDAI द्वारा संचालित एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल है, जिसके माध्यम से पॉलिसीधारक शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उसकी स्थिति की निगरानी कर सकते हैं। यह पोर्टल सभी बीमा कंपनियों के शिकायत प्रबंधन सिस्टम से एकीकृत है।
बीमा शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर क्या है?
पॉलिसीधारक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 155255 या 1800-4254-732 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। IRDAI का कॉल सेंटर 12 भाषाओं में बहुभाषी सहायता प्रदान करता है।
किस प्रकार की बीमा शिकायतें इस प्रक्रिया के अंतर्गत आती हैं?
दावा अस्वीकृति, दावे में अनुचित देरी, पॉलिसी की मिस-सेलिंग और सेवा से जुड़ी अन्य समस्याएँ इस शिकायत निवारण तंत्र के दायरे में आती हैं। वित्त मंत्रालय की सलाह के अनुसार इन सभी मामलों के लिए एक निर्धारित चरणबद्ध प्रक्रिया का पालन करना होता है।
बीमा कंपनी को शिकायत का जवाब देने के लिए कितना समय मिलता है?
IRDAI के नियमों के अनुसार बीमा कंपनी को शिकायत की तत्काल पुष्टि करनी होती है और 14 दिनों के भीतर उसका समाधान उपलब्ध कराना अनिवार्य है। निर्धारित समयसीमा में जवाब न मिलने पर पॉलिसीधारक सीधे IRDAI से संपर्क कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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