योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम: 57 हजार बीमा सखियों की नियुक्ति

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योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम: 57 हजार बीमा सखियों की नियुक्ति

सारांश

योगी सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 57 हजार बीमा सखियों की नियुक्ति का निर्णय लिया है। यह योजना न केवल रोजगार उत्पन्न करेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी।

मुख्य बातें

57 हजार बीमा सखियों की नियुक्ति से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
महिलाओं को प्रशिक्षण और स्टाइपेंड दिया जाएगा।
योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए MIS से जोड़ा जाएगा।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली सखियों को सम्मानित किया जाएगा।

लखनऊ, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। इस दिशा में एलआईसी बीमा सखी योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को जोड़ने का एक बड़ा निर्णय लिया गया है।

योगी सरकार ने अगले तीन वर्षों में प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों में एलआईसी बीमा सखी नियुक्त करने की योजना बनाई है। इसके तहत महिलाओं को प्रशिक्षण, स्टाइपेंड और पॉलिसी के लिए कमीशन दिया जाएगा। इससे प्रदेश की आधी जनसंख्या आत्मनिर्भर होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की डायरेक्टर दीपा रंजन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए यह योजना चलाई जा रही है। इसके लिए भारतीय जीवन बीमा निगम और दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच त्रिपक्षीय समझौता किया गया है। इसके अंतर्गत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर "बीमा सखी" के रूप में नियुक्त किया जा रहा है, जो ग्राम पंचायत स्तर पर बीमा उत्पादों का प्रचार, बिक्री और सेवा प्रदान करेंगी।

दीपा रंजन ने बताया कि योगी सरकार ने 57 हजार ग्राम पंचायतों में एक-एक एलआईसी बीमा सखी तैयार करने का निर्णय लिया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। योजना का उद्देश्य न केवल ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ना है, बल्कि गांव-गांव तक बीमा सेवाओं की पहुंच भी सुनिश्चित करना है।

वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए यूपीएसआरएलएम ने 5,000 बीमा सखियों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है। अब तक प्रदेश के 75 में से 65 जिलों से 3,397 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 672 महिलाओं ने 25 घंटे का भर्ती-पूर्व प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके अलावा 469 अभ्यर्थियों ने एनएसईटी के माध्यम से आयोजित आईआरडीएआई लाइसेंसिंग परीक्षा पास कर ली है और उन्हें आधिकारिक रूप से बीमा सखी नियुक्त किया गया है।

भर्ती, प्रशिक्षण और परीक्षा की प्रक्रिया लगातार जारी है, और मार्च 2026 तक अधिकतम नियुक्तियों का प्रयास किया जा रहा है। शेष 10 जिलों में भी भर्ती अभियान शुरू कर 75 जिलों में 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा। हर महीने ब्लॉक स्तर पर भर्ती लक्ष्य तय किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज हो सके।

योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 में 20,000 नई बीमा सखियों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है। प्रदेश की 57 हजार ग्राम पंचायतों में एक-एक बीमा सखी तैनात करने की योजना है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कई रणनीतिक कदम उठाए जा रहे हैं। योजना में बीसी सखी, बैंक सखी और एफएल-सीआरपी जैसे कैडर को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रशिक्षण के लिए एलआईसी के एजेंट ट्रेनिंग सेंटर और डिविजनल ट्रेनिंग सेंटर के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किए जा रहे हैं। असफल अभ्यर्थियों के लिए रिफ्रेशर प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जा रही है। ब्लॉक और जिला स्तर पर अस्थायी एनएसईआईटी परीक्षा केंद्र स्थापित करने की योजना है।

बीमा सखी बनने वाली महिलाओं को पहले साल हर महीने 7 हजार स्टाइपेंड दिया जाएगा, साथ ही बीमा पॉलिसी कराने पर उन्हें कमीशन भी मिलेगा। दूसरे वर्ष में 6 हजार और तीसरे वर्ष में 5 हजार स्टाइपेंड दिया जाएगा। इससे उनकी आय में स्थायी वृद्धि होगी।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बीमा सखियों को जिला और राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जिससे अन्य महिलाओं को प्रेरणा मिलेगी। योजना की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए इसे यूपीएसआरएलएम के मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एमआईएस) से जोड़ा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

निश्चित रूप से आर्थिक विकास को गति देगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीमा सखी बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?
महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ना और प्रशिक्षण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करना आवश्यक है।
एलआईसी बीमा सखी योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और बीमा सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है।
कितनी बीमा सखियों की नियुक्ति की जाएगी?
योगी सरकार ने अगले तीन वर्षों में 57 हजार बीमा सखियों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है।
बीमा सखियों को कितनी आय होगी?
पहले वर्ष में 7 हजार रुपये, दूसरे वर्ष में 6 हजार और तीसरे वर्ष में 5 हजार रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा।
इस योजना की निगरानी कौन करेगा?
योजना की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय समिति गठित की गई है।
राष्ट्र प्रेस