सीईए नागेश्वरन: भारत की ग्रोथ के लिए सूक्ष्म उद्यमों को मजबूत ट्रेड स्किल विकसित करना जरूरी

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सीईए नागेश्वरन: भारत की ग्रोथ के लिए सूक्ष्म उद्यमों को मजबूत ट्रेड स्किल विकसित करना जरूरी

मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन ने मंगलवार, 12 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2026 में कहा कि भारत की भविष्य की आर्थिक वृद्धि इस बात पर निर्भर करेगी कि देश के सूक्ष्म उद्यमों को समावेशी रूप से अपनाने, अनुकूलन करने, विस्तार करने और प्रतिस्पर्धा करने में कितना सक्षम बनाया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सूक्ष्म उद्यमों को मजबूत ट्रेड स्किल हासिल करना अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है।

सूक्ष्म उद्यमों की भूमिका और वैश्विक संदर्भ

नागेश्वरन ने कहा कि कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एमएसएमई न केवल तकनीक में पीछे नहीं हैं, बल्कि इनोवेशन और टेक्नोलॉजी अपनाने के मामले में काफी आगे हैं। उनका तर्क था कि भारत के सूक्ष्म उद्यमों को भी इसी दिशा में विकसित होना होगा। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एकीकृत करने के प्रयास तेज कर रही है।

उद्यमियों को स्किल में निवेश की जरूरत

नागेश्वरन ने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे स्वयं अपनी स्किल में निवेश करें और एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि उद्यमियों के कर्मचारी — चाहे वे अकाउंटिंग, एचआर या इन्वेंट्री जैसे सेवा क्षेत्रों में ही क्यों न हों — उन्हें भी इन स्किल में निवेश करना चाहिए। गौरतलब है कि यह सुझाव भारत में कौशल विकास की उस बड़ी बहस का हिस्सा है जो रोजगार सृजन और उत्पादकता वृद्धि के इर्द-गिर्द केंद्रित है।

एमएसएमई और ग्रामीण रोजगार पर जोर

सीआईआई (भारतीय उद्योग परिसंघ) के पूर्व अध्यक्ष और सीआईआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन एम्प्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड (सीईएल) के चेयरमैन आर. दिनेश ने कहा,

राष्ट्र प्रेस