कोटा में ओम बिरला के OSD को धमकी: कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल को पुलिस नोटिस, 10 नवंबर को पेशी
सारांश
मुख्य बातें
कोटा पुलिस ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल को नोटिस जारी किया — यह नोटिस लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष अधिकारी (OSD) राजीव दत्ता को कथित तौर पर जानलेवा धमकी देने के मामले में भेजा गया है। अनंतपुरा पुलिस स्टेशन के सर्किल इंस्पेक्टर महेश कुमार के नेतृत्व में टीम गुंजल के आवास पहुँची और उन्हें सात दिनों के भीतर पूछताछ के लिए थाने में हाज़िर होने का निर्देश दिया।
मुख्य घटनाक्रम
यह विवाद 21 अक्टूबर को कोटा के कोलाना गाँव में आयोजित एक जनसभा से उपजा। उस सभा में गुंजल ने कथित तौर पर राजीव दत्ता का नाम लेकर कहा कि 'उन्होंने पूरे राजस्थान को कलंकित किया है।' इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि वे दत्ता को 'ऐसी हालत में छोड़ देंगे कि घर बैठे-बैठे उन्हें यह सोचना पड़े कि आत्महत्या कर लें या बंदूक उठाकर किसी को मार डालें।'
इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद कांस्टेबल और खुफिया अधिकारी पुष्पेंद्र चौधरी की शिकायत पर रणपुर पुलिस स्टेशन में प्रारंभिक मामला दर्ज किया गया था।
कानूनी प्रावधान
ताज़ा नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत जारी किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने पहले ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223(ए), 132 और 308(2) के साथ-साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया है।
सीआई महेश कुमार ने बताया कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित एक अलग मामला भी पहले से रणपुर थाने में गुंजल के खिलाफ दर्ज है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गुंजल पर बिना अनुमति के मंदिर में सभा आयोजित करने, चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करने, जनता को उकसाने और धमकी देने के आरोप हैं।
गुंजल की प्रतिक्रिया
प्रहलाद गुंजल ने नोटिस को 'मानक कानूनी प्रक्रिया' बताया, लेकिन साथ ही पेशी से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें 10 नवंबर को थाने में पेश होने को कहा गया, 'लेकिन मैंने मना कर दिया है।' उन्होंने यह भी कहा, 'गिरफ्तारी से कौन डरता है?'
गुंजल ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से उठाया गया कदम बताते हुए चेतावनी दी कि 'सभी को जवाबदेह ठहराया जाएगा, किसी को नहीं बख्शा जाएगा।' उन्होंने मामले में लागू कानूनी धाराओं की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाया और दावा किया कि राजीव दत्ता महज संविदा कर्मचारी थे और पहले ही सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
वीडियो की प्रामाणिकता पर विवाद
गुंजल ने वीडियो की प्रामाणिकता और उसके समय को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि पुलिस को यह वीडियो एक मुखबिर से मिला और यह 'दो साल पुराना भी हो सकता है।' हालाँकि, पुलिस जाँच के अनुसार, वीडियो में गुंजल सभा के दौरान लोगों को उकसाते नज़र आ रहे हैं।
आगे क्या होगा
गुंजल को अगली तारीख पर पुलिस स्टेशन में पेश होना होगा। यह मामला राजस्थान की राजनीति में उस वक्त तूल पकड़ रहा है जब राज्य में भाजपा सरकार और कांग्रेस के बीच पहले से ही तनातनी का माहौल है। गौरतलब है कि ओम बिरला कोटा से लोकसभा सांसद और लोकसभा अध्यक्ष हैं — ऐसे में उनके OSD को धमकी देने का आरोप राजनीतिक रूप से संवेदनशील है।