3 नवंबर 2026
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कोटा में ओम बिरला के OSD को धमकी: कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल को पुलिस नोटिस, 10 नवंबर को पेशी

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कोटा में ओम बिरला के OSD को धमकी: कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल को पुलिस नोटिस, 10 नवंबर को पेशी

सारांश

कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के OSD को कथित जानलेवा धमकी देने के मामले में कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल को पुलिस नोटिस मिला। गुंजल ने पेशी से इनकार किया, आरोपों को राजनीतिक बदला बताया — और कहा, 'गिरफ्तारी से कौन डरता है?'

मुख्य बातें

कोटा पुलिस ने 3 नवंबर 2026 को कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल को BNSS धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया।
आरोप: 21 अक्टूबर को कोलाना गाँव की जनसभा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के OSD राजीव दत्ता को कथित जानलेवा धमकी।
गुंजल पर BNS 2023 की धारा 223(ए), 132, 308(2) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम धारा 126 के तहत मामला दर्ज।
गुंजल ने 10 नवंबर को पेशी से इनकार किया; कार्रवाई को राजनीतिक बदला बताया।
गुंजल ने वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया, दावा किया यह 'दो साल पुराना' हो सकता है।
रणपुर थाने में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का एक अलग मामला पहले से दर्ज।

कोटा पुलिस ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल को नोटिस जारी किया — यह नोटिस लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष अधिकारी (OSD) राजीव दत्ता को कथित तौर पर जानलेवा धमकी देने के मामले में भेजा गया है। अनंतपुरा पुलिस स्टेशन के सर्किल इंस्पेक्टर महेश कुमार के नेतृत्व में टीम गुंजल के आवास पहुँची और उन्हें सात दिनों के भीतर पूछताछ के लिए थाने में हाज़िर होने का निर्देश दिया।

मुख्य घटनाक्रम

यह विवाद 21 अक्टूबर को कोटा के कोलाना गाँव में आयोजित एक जनसभा से उपजा। उस सभा में गुंजल ने कथित तौर पर राजीव दत्ता का नाम लेकर कहा कि 'उन्होंने पूरे राजस्थान को कलंकित किया है।' इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि वे दत्ता को 'ऐसी हालत में छोड़ देंगे कि घर बैठे-बैठे उन्हें यह सोचना पड़े कि आत्महत्या कर लें या बंदूक उठाकर किसी को मार डालें।'

इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद कांस्टेबल और खुफिया अधिकारी पुष्पेंद्र चौधरी की शिकायत पर रणपुर पुलिस स्टेशन में प्रारंभिक मामला दर्ज किया गया था।

कानूनी प्रावधान

ताज़ा नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत जारी किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने पहले ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223(ए), 132 और 308(2) के साथ-साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया है।

सीआई महेश कुमार ने बताया कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित एक अलग मामला भी पहले से रणपुर थाने में गुंजल के खिलाफ दर्ज है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गुंजल पर बिना अनुमति के मंदिर में सभा आयोजित करने, चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करने, जनता को उकसाने और धमकी देने के आरोप हैं।

गुंजल की प्रतिक्रिया

प्रहलाद गुंजल ने नोटिस को 'मानक कानूनी प्रक्रिया' बताया, लेकिन साथ ही पेशी से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें 10 नवंबर को थाने में पेश होने को कहा गया, 'लेकिन मैंने मना कर दिया है।' उन्होंने यह भी कहा, 'गिरफ्तारी से कौन डरता है?'

गुंजल ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से उठाया गया कदम बताते हुए चेतावनी दी कि 'सभी को जवाबदेह ठहराया जाएगा, किसी को नहीं बख्शा जाएगा।' उन्होंने मामले में लागू कानूनी धाराओं की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाया और दावा किया कि राजीव दत्ता महज संविदा कर्मचारी थे और पहले ही सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

वीडियो की प्रामाणिकता पर विवाद

गुंजल ने वीडियो की प्रामाणिकता और उसके समय को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि पुलिस को यह वीडियो एक मुखबिर से मिला और यह 'दो साल पुराना भी हो सकता है।' हालाँकि, पुलिस जाँच के अनुसार, वीडियो में गुंजल सभा के दौरान लोगों को उकसाते नज़र आ रहे हैं।

आगे क्या होगा

गुंजल को अगली तारीख पर पुलिस स्टेशन में पेश होना होगा। यह मामला राजस्थान की राजनीति में उस वक्त तूल पकड़ रहा है जब राज्य में भाजपा सरकार और कांग्रेस के बीच पहले से ही तनातनी का माहौल है। गौरतलब है कि ओम बिरला कोटा से लोकसभा सांसद और लोकसभा अध्यक्ष हैं — ऐसे में उनके OSD को धमकी देने का आरोप राजनीतिक रूप से संवेदनशील है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और वीडियो साक्ष्य के होते हुए 'दो साल पुराने वीडियो' का तर्क कानूनी रूप से कमज़ोर पड़ सकता है। असल सवाल यह है कि क्या पुलिस इस मामले को तार्किक अंजाम तक ले जाएगी, या यह भी राजस्थान के उन तमाम राजनीतिक मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा जहाँ FIR दर्ज होती है और आरोपी बेफ़िक्र घूमते हैं।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रहलाद गुंजल को पुलिस नोटिस क्यों दिया गया?
कोटा पुलिस ने गुंजल को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के OSD राजीव दत्ता को कथित जानलेवा धमकी देने के मामले में BNSS धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया। यह धमकी कथित तौर पर 21 अक्टूबर को कोलाना गाँव की एक जनसभा में दी गई थी।
गुंजल पर कौन-कौन सी धाराएँ लगाई गई हैं?
गुंजल पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223(ए), 132 और 308(2) के साथ-साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा रणपुर थाने में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का एक अलग मामला भी पहले से दर्ज है।
प्रहलाद गुंजल ने नोटिस पर क्या कहा?
गुंजल ने नोटिस को 'मानक कानूनी प्रक्रिया' बताया लेकिन 10 नवंबर को पेशी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने पूरी कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया और कहा कि 'गिरफ्तारी से कौन डरता है।'
राजीव दत्ता कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है?
राजीव दत्ता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष अधिकारी (OSD) हैं। गुंजल ने दावा किया है कि दत्ता संविदा कर्मचारी थे और सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, हालाँकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस मामले में वीडियो का क्या महत्व है?
कांस्टेबल और खुफिया अधिकारी पुष्पेंद्र चौधरी की शिकायत वीडियो सामने आने के बाद दर्ज की गई थी। गुंजल ने वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि यह मुखबिर के ज़रिए मिला और दो साल पुराना हो सकता है, जबकि पुलिस जाँच में वीडियो में उकसावे वाला भाषण पाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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