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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल: Q3 2026 में ज्वेलरी माँग 19%, निवेश माँग 14% घटी; केंद्रीय बैंकों की खरीद 42% उछली

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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल: Q3 2026 में ज्वेलरी माँग 19%, निवेश माँग 14% घटी; केंद्रीय बैंकों की खरीद 42% उछली

सारांश

सोने की रिकॉर्ड ऊँची कीमतों ने उपभोक्ताओं और निवेशकों को पीछे धकेला — Q3 2026 में ज्वेलरी माँग 19% और निवेश माँग 14% गिरी। लेकिन केंद्रीय बैंकों ने 42% अधिक सोना खरीदकर बाज़ार को थामे रखा, जो वैश्विक वित्तीय अनिश्चितता में सोने की बदलती भूमिका को उजागर करता है।

मुख्य बातें

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने 3 नवंबर 2026 को Q3 2026 के सोना माँग आँकड़े जारी किए।
वैश्विक ज्वेलरी माँग सालाना 19% घटकर 340.1 टन (पिछले वर्ष: 420.0 टन ) रही।
निवेश माँग 14% घटकर 479.0 टन ; बार-कॉइन माँग 19% गिरकर 267.8 टन और गोल्ड ETF माँग 6% कम होकर 211.2 टन रही।
केंद्रीय बैंकों और संस्थानों की खरीद 42% उछलकर 321.2 टन पर पहुँची।
कुल वैश्विक सोना माँग 1,368.6 टन — पिछले वर्ष की 1,383.2 टन से मात्र 1% कम।
खदान उत्पादन 3% बढ़कर 1,070.9 टन हुआ।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के 3 नवंबर 2026 को जारी आँकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में ज्वेलरी के लिए सोने की माँग सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 340.1 टन रह गई, जबकि निवेश के लिए माँग 14 प्रतिशत गिरकर 479.0 टन पर आ गई। उच्च कीमतों के दबाव में उपभोक्ता और निवेशक दोनों वर्ग सोने की खरीदारी से पीछे हटते दिखे, हालाँकि केंद्रीय बैंकों की माँग ने इस गिरावट को एक हद तक संतुलित किया।

ज्वेलरी माँग में गिरावट

WGC के आँकड़ों के अनुसार, 2025 की तीसरी तिमाही में ज्वेलरी के लिए सोने की वैश्विक माँग 420.0 टन थी, जो 2026 की तीसरी तिमाही में घटकर 340.1 टन हो गई — यानी एक वर्ष में 79.9 टन की कमी। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की रिकॉर्ड ऊँची कीमतों ने खुदरा उपभोक्ताओं, खासकर एशियाई बाज़ारों में, खरीदारी को हतोत्साहित किया।

निवेश माँग और गोल्ड ETF पर असर

निवेश श्रेणी में बार और कॉइन की माँग सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 267.8 टन रह गई, जो 2025 की तीसरी तिमाही में 328.6 टन थी। गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) के माध्यम से माँग 6 प्रतिशत की अपेक्षाकृत मामूली गिरावट के साथ 211.2 टन पर रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 225.7 टन थी। गौरतलब है कि ETF माँग में यह गिरावट बार-कॉइन माँग की तुलना में कम तीव्र रही, जो संस्थागत निवेशकों की सतर्क लेकिन बनी हुई रुचि को दर्शाती है।

केंद्रीय बैंकों की खरीद में उछाल

उपभोक्ता और निवेशक माँग में कमी के बावजूद, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों और अन्य संस्थानों ने 2026 की तीसरी तिमाही में 321.2 टन सोना खरीदा — यह 2025 की तीसरी तिमाही के 226.3 टन से 42 प्रतिशत अधिक है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता और डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश में कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने सोने के भंडार बढ़ा रहे हैं।

कुल माँग और खनन उत्पादन

WGC के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही में वैश्विक कुल सोने की माँग 1,368.6 टन रही, जो 2025 की तीसरी तिमाही के 1,383.2 टन से सालाना आधार पर मात्र 1 प्रतिशत कम है। खदानों से उत्पादन के मोर्चे पर, 2026 की तीसरी तिमाही में 1,070.9 टन सोने का खनन हुआ, जो 2025 की तीसरी तिमाही के 1,040.7 टन से 3 प्रतिशत अधिक है।

आगे का परिदृश्य

विश्लेषकों के अनुसार, यदि सोने की कीमतें मौजूदा ऊँचाई पर बनी रहती हैं, तो चौथी तिमाही में भी ज्वेलरी और खुदरा निवेश माँग दबाव में रह सकती है। हालाँकि केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीद वैश्विक सोने की कीमतों को एक निचला समर्थन देती रहेगी। भारत और चीन जैसे प्रमुख उपभोक्ता देशों में त्योहारी और विवाह सीज़न की माँग पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ केंद्रीय बैंक जो इन्हीं ऊँची कीमतों पर भी सोना जमा कर रहे हैं। यह विरोधाभास बताता है कि सोने की माँग की संरचना बदल रही है — यह अब केवल गहनों और बचत का माध्यम नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक बचाव का औज़ार बन चुका है। ज्वेलरी माँग में 79.9 टन की कमी भारत और चीन जैसे बाज़ारों के लिए चेतावनी है, जहाँ सोने की खपत सांस्कृतिक और आर्थिक दोनों रूपों में महत्वपूर्ण है। असली सवाल यह है कि क्या कीमतें और ऊँची जाएंगी या नरम होंगी — उसी पर चौथी तिमाही की माँग की दिशा निर्भर करेगी।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q3 2026 में वैश्विक सोने की ज्वेलरी माँग कितनी गिरी?
WGC के आँकड़ों के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में वैश्विक ज्वेलरी माँग सालाना आधार पर 19% घटकर 340.1 टन रह गई, जो 2025 की समान तिमाही में 420.0 टन थी। यह गिरावट मुख्यतः सोने की ऊँची कीमतों के कारण मानी जा रही है।
निवेश के लिए सोने की माँग में कितनी कमी आई?
2026 की तीसरी तिमाही में निवेश माँग सालाना 14% घटकर 479.0 टन रही। इसमें बार और कॉइन की माँग 19% गिरकर 267.8 टन और गोल्ड ETF माँग 6% कम होकर 211.2 टन हो गई।
केंद्रीय बैंकों ने Q3 2026 में कितना सोना खरीदा?
दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों और अन्य संस्थानों ने 2026 की तीसरी तिमाही में 321.2 टन सोना खरीदा, जो 2025 की समान तिमाही के 226.3 टन से 42% अधिक है। यह वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सोने को सुरक्षित संपत्ति के रूप में अपनाने की प्रवृत्ति दर्शाता है।
Q3 2026 में कुल वैश्विक सोने की माँग कितनी रही?
WGC के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही में कुल वैश्विक सोने की माँग 1,368.6 टन रही, जो 2025 की समान तिमाही के 1,383.2 टन से केवल 1% कम है। केंद्रीय बैंकों की मज़बूत खरीद ने उपभोक्ता और निवेशक माँग की गिरावट को काफी हद तक ऑफसेट किया।
सोने के खनन उत्पादन में क्या बदलाव आया?
2026 की तीसरी तिमाही में खदानों से सोने का उत्पादन 1,070.9 टन रहा, जो 2025 की तीसरी तिमाही के 1,040.7 टन से 3% अधिक है। उत्पादन में यह वृद्धि आपूर्ति पक्ष पर सकारात्मक संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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