26 जुलाई 2026
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प्रह्लाद जोशी की शिक्षा मंत्री नियुक्ति पर BJP सांसद खटाना बोले — युवाओं को मिलेगी नई ऊर्जा

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प्रह्लाद जोशी की शिक्षा मंत्री नियुक्ति पर BJP सांसद खटाना बोले — युवाओं को मिलेगी नई ऊर्जा

सारांश

BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने प्रह्लाद जोशी की शिक्षा मंत्री नियुक्ति को अनुभव और ऊर्जा का संगम बताया। नीट पेपर लीक पर PM मोदी की सख्त कार्रवाई को युवाओं के प्रति संवेदनशीलता का प्रमाण कहा। साथ ही ओवैसी के यूपी चुनावी बयान पर विपक्ष को वोट-बैंक राजनीति का आरोपी ठहराया।

मुख्य बातें

BJP राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने प्रह्लाद जोशी की शिक्षा मंत्री नियुक्ति का 26 जुलाई को स्वागत किया।
खटाना ने PM मोदी की नीट पेपर लीक पर कार्रवाई — अधिकारियों को हटाना, फास्ट ट्रैक कोर्ट और नया विधेयक — को सराहा।
CM योगी आदित्यनाथ के 'नकल माफिया विपक्षी सरकारों की देन' वाले बयान का खटाना ने समर्थन किया।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के यूपी चुनावी बयान पर BJP ने विपक्ष पर वोट-बैंक राजनीति का आरोप लगाया।
खटाना ने स्टार्ट-अप इंडिया , स्टैंड-अप इंडिया और विकसित भारत योजनाओं को अल्पसंख्यक समुदाय की मुख्यधारा में भागीदारी का माध्यम बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने 26 जुलाई को प्रह्लाद जोशी की नए शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्ति का खुलकर स्वागत किया और पेपर लीक माफिया के विरुद्ध केंद्र सरकार की कार्रवाई को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया। खटाना ने कहा कि जोशी का अनुभव और पार्टी में उनकी वरिष्ठता शिक्षा मंत्रालय को नई गति देगी।

प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया

BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा, 'प्रह्लाद जोशी को बहुत अनुभव है और वे पार्टी के पुराने नेता हैं। मुझे उम्मीद है कि वे युवाओं के लिए नई ऊर्जा के साथ शिक्षा मंत्रालय को आगे ले जाएंगे।' खटाना ने इस नियुक्ति को सरकार की शिक्षा सुधार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

नीट पेपर लीक और सरकार की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का खटाना ने समर्थन किया जिसमें उन्होंने नकल माफिया को विपक्षी सरकारों की देन बताया था। खटाना ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएँ लगातार हो रही थीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक मामले को गंभीरता से लिया — जिम्मेदार अधिकारियों को हटाया, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की और इस संदर्भ में विधेयक लाने की पहल की। उन्होंने कहा कि यह सब इस बात का प्रमाण है कि सरकार देश के युवाओं की चिंता करती है। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद ने इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आक्रोश उत्पन्न किया था।

ओवैसी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि वे अब केवल दरी बिछाकर नहीं बैठेंगे और अखिलेश यादव के बराबर हक और इंसाफ की बात करेंगे — खटाना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'क्षेत्रीय पार्टियों और कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों के साथ ऐसे अत्याचार किए हैं जिनकी मिसाल दुनिया में कहीं नहीं मिलती। उन्होंने अल्पसंख्यकों को हाशिए पर धकेला और वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया।' खटाना ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल आज भी वोटों के लिए अल्पसंख्यकों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।

अल्पसंख्यकों को मुख्यधारा में लाने पर जोर

खटाना ने कहा कि PM मोदी की स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और विकसित भारत जैसी योजनाएँ अल्पसंख्यक समुदाय को मुख्यधारा में लाने का माध्यम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि यह समुदाय भी विकसित भारत के निर्माण में कंधे से कंधा मिलाकर योगदान देना चाहता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो रही है।

आगे क्या

प्रह्लाद जोशी के शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद नीट सुधारों और पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित विधायी कदमों की दिशा पर सबकी नजर रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले अल्पसंख्यक राजनीति पर यह बहस और तीखी हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि नीट जैसे संकटों के बाद शिक्षा मंत्रालय ठोस संस्थागत सुधार कर पाता है या नहीं। फास्ट ट्रैक कोर्ट और नए विधेयक की घोषणाएँ दिशा सही दिखाती हैं, पर पेपर लीक की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रशासन के ढाँचागत सुधार की ज़रूरत है — जो अभी तक अधूरी है। ओवैसी-खटाना की यह बहस यूपी चुनाव की पूर्वपीठिका है, जहाँ अल्पसंख्यक मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं — और दोनों पक्ष अपनी-अपनी राजनीतिक ज़मीन तैयार कर रहे हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री क्यों बनाया गया?
प्रह्लाद जोशी BJP के वरिष्ठ नेता हैं जिन्हें पार्टी में लंबा अनुभव है। BJP सांसद गुलाम अली खटाना के अनुसार, उनकी नियुक्ति से शिक्षा मंत्रालय को नई ऊर्जा और अनुभवी नेतृत्व मिलेगा।
नीट पेपर लीक मामले में सरकार ने क्या कदम उठाए?
PM मोदी ने नीट पेपर लीक मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को हटाया, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया और इस संदर्भ में एक नया विधेयक लाने की पहल की। BJP सांसद खटाना ने इन कदमों को युवाओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया।
असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी चुनाव से पहले क्या कहा?
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वे अब केवल दरी बिछाकर नहीं बैठेंगे और यदि अखिलेश यादव कुर्सी पर बैठेंगे तो वे भी बराबरी में हक और इंसाफ की बात करेंगे। इस बयान पर BJP सांसद खटाना ने विपक्ष पर अल्पसंख्यकों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
BJP सांसद खटाना ने अल्पसंख्यकों के विकास पर क्या कहा?
गुलाम अली खटाना ने कहा कि PM मोदी की स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और विकसित भारत जैसी योजनाएँ अल्पसंख्यक समुदाय को मुख्यधारा में लाने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह समुदाय विकसित भारत के निर्माण में कंधे से कंधा मिलाकर योगदान देना चाहता है।
नकल माफिया पर CM योगी के बयान को BJP ने क्यों सही ठहराया?
BJP सांसद खटाना ने CM योगी आदित्यनाथ के उस बयान का समर्थन किया जिसमें नकल माफिया को विपक्षी सरकारों की देन बताया गया था। खटाना का तर्क था कि पेपर लीक की समस्या पुरानी है और मौजूदा सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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