जन सुराज के डिजिटल मैनेजर देवपालिक गुप्ता का शव रांची के मुरी जंगल से बरामद, ट्रेन से हुए थे लापता
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता (उम्र 21 वर्ष) की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई है। 27 अक्टूबर 2026 को मंगलवार दोपहर उनका शव रांची जिले के मुरी जंक्शन के समीप जंगल वाले इलाके से बरामद किया गया। वह 26 अक्टूबर को रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस से यात्रा के दौरान अचानक लापता हो गए थे।
घटनाक्रम: कैसे हुए लापता
परिजनों और सहकर्मियों के अनुसार, 26 अक्टूबर को देवपालिक अपने दो अन्य साथियों के साथ रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस के सी-2 कोच में सवार होकर पटना लौट रहे थे। दोपहर करीब तीन बजे, मुरी स्टेशन पहुँचने से कुछ समय पहले, वह पेंट्री कार की ओर भोजन का ऑर्डर देने गए — और फिर अपनी सीट पर वापस नहीं लौटे।
काफी समय बीत जाने पर जब साथियों ने उन्हें तलाशा, तो उनका मोबाइल फोन बंद मिला। ट्रेन में मौजूद टिकट चेकिंग अधिकारी (TTE) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों के साथ पूरी ट्रेन और मुरी स्टेशन पर छानबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
FIR दर्ज होने में छह घंटे से अधिक की देरी
यात्री बोकारो पहुँचने पर रेल मदद ऐप के ज़रिए शिकायत दर्ज कराई। हालाँकि, आरोप है कि RPF और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के बीच क्षेत्राधिकार को लेकर खींचतान के कारण प्राथमिकी दर्ज होने में छह घंटे से अधिक का विलंब हुआ। अंततः रात नौ बजे रांची में मामले की FIR दर्ज की गई।
देवपालिक के सहकर्मियों ने पुलिस-प्रशासन पर शुरुआती घंटों में ढिलाई बरतने और रात में सघन तलाशी अभियान न चलाने का गंभीर आरोप लगाया है।
जन सुराज की प्रतिक्रिया और सरकार से गुहार
जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और रांची जिला प्रशासन को टैग करते हुए त्वरित कार्रवाई की माँग की थी। सिंह ने शव मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है, परंतु अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह दुर्घटना है या कोई आपराधिक वारदात।
देवपालिक गुप्ता: कौन थे
देवपालिक गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के निवासी थे और नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) के पूर्व छात्र थे। वह प्रशांत किशोर की अगुआई वाली जन सुराज पार्टी में डिजिटल मीडिया की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे।
आगे की जाँच
फिलहाल पुलिस और GRP की संयुक्त टीम शव को अपने कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों का पता चल सकेगा और आगे की तफ्तीश तय होगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राजनीतिक दलों में काम करने वाले युवा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर नई बहस छिड़ सकती है।