7 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अजय राय के बयान पर प्रवीण खंडेलवाल का पलटवार: 'यह कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का आईना है'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अजय राय के बयान पर प्रवीण खंडेलवाल का पलटवार: 'यह कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का आईना है'

सारांश

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कांग्रेस नेता अजय राय के PM मोदी विरोधी बयान को पूरी पार्टी की राजनीतिक संस्कृति का प्रतिबिंब बताया। शीर्ष गांधी परिवार की चुप्पी को 'मौन सहमति' करार देते हुए उन्होंने विपक्षी गठबंधन को 'ठगबंधन' भी कहा।

मुख्य बातें

लोकसभा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 22 मई 2026 को कांग्रेस नेता अजय राय के PM मोदी विरोधी बयान की कड़ी निंदा की।
खंडेलवाल ने राहुल गांधी , सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की चुप्पी को 'मौन सहमति' बताते हुए सवाल उठाया।
विपक्षी गठबंधन को 'ठगबंधन' करार दिया; अखिलेश यादव के बयान को गठबंधन में दरार का प्रमाण बताया।
विकसित भारत 2047 को राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मिशन बताया।
दिल्ली सरकार के बकरीद पर गोवंश कुर्बानी-रोक दिशा-निर्देशों का स्वागत किया; गोवंश संरक्षण कानून को और कठोर बनाने की माँग की।

लोकसभा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 22 मई 2026 को कांग्रेस नेता अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह बयान केवल एक व्यक्ति की सोच नहीं, बल्कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की समूची राजनीतिक मानसिकता और संस्कृति को उजागर करता है। नई दिल्ली में दिए गए इस बयान में खंडेलवाल ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर भी तीखे सवाल उठाए।

कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल

खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी — तीनों में से किसी ने भी अजय राय के विवादित बयान पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह चुप्पी पार्टी की मौन सहमति मानी जाए। उनके अनुसार, ऐसे बयानों पर नेतृत्व का मौन रहना लोकतांत्रिक राजनीतिक मर्यादाओं के लिए शुभ संकेत नहीं है।

खंडेलवाल ने यह भी कहा कि इसी तरह के विवादित बयान कांग्रेस को जनता के बीच कमज़ोर करते रहे हैं और चुनावी प्रदर्शन पर भी इसका असर पड़ रहा है।

विपक्षी गठबंधन पर निशाना

सांसद खंडेलवाल ने विपक्षी गठबंधन को 'ठगबंधन' करार देते हुए कहा कि यह अवसरवादी दलों का एक ढीला-ढाला समूह है जिसमें हर पार्टी अपने निजी हितों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) के नेता अखिलेश यादव के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि इससे गठबंधन के भीतर एकजुटता की कमी साफ़ झलकती है।

खंडेलवाल ने कहा कि आने वाले समय में यह और स्पष्ट होगा कि यह गठबंधन केवल कागज़ों पर था — ज़मीन पर इसका कोई ठोस आधार नहीं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता ऐसे अवसरवादी गठजोड़ों को भाँप लेती है और समय पर उचित जवाब देती है।

विकसित भारत 2047 और मोदी की कार्यशैली

खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता और कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य महज़ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय मिशन है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, सांसद, विधायक और सभी जनप्रतिनिधि मिलकर इस लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हर स्तर पर जिम्मेदारियाँ तय की जा रही हैं और यदि यही समन्वय बना रहा तो भारत 2047 तक निश्चित रूप से विश्व की अग्रणी पंक्ति में खड़ा होगा।

बकरीद दिशा-निर्देशों का स्वागत

खंडेलवाल ने दिल्ली सरकार के उस निर्देश का स्वागत किया जिसमें बकरीद के दौरान गोवंश, गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर रोक संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक त्योहार की अपनी मर्यादा होती है और उसी के दायरे में उसे मनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है, इसलिए गोवंश की सुरक्षा अनिवार्य है। खंडेलवाल ने माँग की कि गोवंश की हत्या करने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो और इस संदर्भ में कानून को और अधिक सख्त बनाया जाए।

राजनीतिक संदर्भ

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद राष्ट्रीय एकता और राजनीतिक मर्यादा को लेकर बहस तेज़ है। गौरतलब है कि विपक्षी दलों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से इस तरह के हमले हाल के महीनों में बढ़े हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया और अजय राय के बयान पर पार्टी का आधिकारिक रुख इस विवाद की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि अजय राय ने वास्तव में क्या कहा — जिसका विवरण स्रोत में अनुपस्थित है। बिना मूल बयान के संदर्भ के, यह पूरी बहस एकतरफा आख्यान बनकर रह जाती है। कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी को 'मौन सहमति' बताना राजनीतिक व्याख्या है, तथ्य नहीं — और मुख्यधारा की कवरेज इस अंतर को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। 'ठगबंधन' जैसे शब्द BJP की चुनावी शब्दावली का हिस्सा हैं; इन्हें तटस्थ राजनीतिक विश्लेषण के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रवीण खंडेलवाल ने अजय राय के किस बयान की आलोचना की?
खंडेलवाल ने कांग्रेस नेता अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह बयान केवल एक नेता की सोच नहीं, बल्कि कांग्रेस की समूची राजनीतिक संस्कृति को दर्शाता है।
खंडेलवाल ने कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी में से किसी ने भी इस बयान पर प्रतिक्रिया नहीं दी, जो उनके अनुसार पार्टी की 'मौन सहमति' का संकेत हो सकती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक राजनीति के लिए नकारात्मक संकेत बताया।
विपक्षी गठबंधन को 'ठगबंधन' क्यों कहा गया?
खंडेलवाल ने विपक्षी गठबंधन को 'ठगबंधन' इसलिए बताया क्योंकि उनके अनुसार इसमें शामिल दल अपने-अपने हितों के लिए काम करते हैं और एकजुटता का अभाव है। उन्होंने अखिलेश यादव के हालिया बयान को इसके प्रमाण के रूप में उद्धृत किया।
विकसित भारत 2047 को लेकर खंडेलवाल ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय मिशन है जिसके लिए केंद्र, राज्य सरकारें और सभी जनप्रतिनिधि मिलकर काम कर रहे हैं। उनके अनुसार इसी समन्वय से भारत 2047 तक विश्व की अग्रणी पंक्ति में होगा।
दिल्ली सरकार के बकरीद दिशा-निर्देशों पर खंडेलवाल का क्या रुख है?
खंडेलवाल ने दिल्ली सरकार के उन दिशा-निर्देशों का स्वागत किया जिनमें बकरीद पर गोवंश, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर रोक लगाई गई है। उन्होंने गोवंश संरक्षण के लिए कानून को और कठोर बनाने की माँग भी की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले