प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर: लेटे हनुमान जी का हुआ स्नान, वाराणसी के सभी 84 घाट डूबे
सारांश
मुख्य बातें
प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में 30 अगस्त को लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे दशाश्वमेध घाट सहित संगम क्षेत्र के कई प्रमुख घाट जलमग्न हो गए। रविवार को जलस्तर इतना बढ़ा कि बड़े हनुमान जी (लेटे हनुमान मंदिर) तक गंगा का पानी पहुँच गया और मान्यता के अनुसार माँ गंगा ने उन्हें स्नान कराया — इस अवसर पर भव्य आरती भी संपन्न हुई। फिलहाल दोनों नदियाँ खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन सतर्क है।
मुख्य घटनाक्रम
दारागंज-नागवासुकी इलाके में सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात बाधित हो गया है। स्थानीय निवासी संदीप ने बताया, 'पानी काफी तेज़ी से बढ़ रहा है। लोग अपना सामान हटा रहे हैं। एक-दो दिन में पानी काफी तेज़ी से बढ़ा है। अभी सड़क पर पानी है, घरों में घुसने की आशंका बढ़ गई है। हम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।'
एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि माघ मेले के दौरान बनाई गई रिंग रोड पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है और सब्जी मंडी खिसककर दारागंज थाने तक पहुँच गई है। उन्होंने कहा, 'जो मकान बने हैं, फर्स्ट फ्लोर और सेकेंड फ्लोर पानी में डूब जाते हैं। आवागमन के लिए लोग नाव का इस्तेमाल करते हैं। प्रशासन की ओर से भी पूरी तरह सहयोग किया जाता है।'
वाराणसी की स्थिति
वाराणसी में गंगा का जलस्तर प्रति घंटे 4 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है और 30 अगस्त तक यह 68.94 मीटर तक पहुँच चुका है। यहाँ खतरे का निशान 71.26 मीटर है, यानी जलस्तर अभी उससे लगभग 2.32 मीटर नीचे है। शहर के सभी 84 घाट पानी में डूब गए हैं, जिसके चलते अधिकारियों ने बाढ़ निगरानी और तैयारी तेज़ कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीज़न अभी अपने चरम पर है।
भागलपुर में बाढ़ का असर
बिहार के भागलपुर जिले में भी गंगा का पानी शहरी इलाकों तक पहुँच गया है और मंदिर परिसर जलमग्न हो गया है। भागलपुर आपदा प्रबंधन के एडीएम कुंदन कुमार ने बताया कि अगले दिन से जहाज़ का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीच में जमी गाद को लेकर भी बातचीत जारी है और सभी इंजीनियर व प्रशासनिक अधिकारी कैंप कर रहे हैं।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि प्रयागराज में हर वर्ष मानसून के दौरान गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ता है और निचले इलाकों में रहने वाले हज़ारों परिवारों को विस्थापन का सामना करना पड़ता है। इस बार भी दारागंज और नागवासुकी क्षेत्र के निवासी नाव के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव दल तैनात किए हैं।
क्या होगा आगे
यदि अगले कुछ दिनों में ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा जारी रही, तो वाराणसी में जलस्तर के खतरे के निशान के करीब पहुँचने की आशंका है। प्रयागराज और भागलपुर में प्रशासनिक निगरानी जारी है और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।