30 अगस्त 2026
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राजनाथ सिंह: 'विकसित भारत' हर मोहल्ले-बस्ती तक पहुंचे, लखनऊ कैंट में ₹101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का शिलान्यास

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राजनाथ सिंह: 'विकसित भारत' हर मोहल्ले-बस्ती तक पहुंचे, लखनऊ कैंट में ₹101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का शिलान्यास

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ छावनी में ₹101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का शिलान्यास करते हुए कहा कि 'विकसित भारत' का अर्थ इमारतें नहीं, बल्कि हर परिवार तक शिक्षा, पानी और अवसर की पहुँच है — और यह बदलाव हमारी पहचान में भी दिखना चाहिए।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 अगस्त को लखनऊ कैंटोनमेंट में ₹101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' की यात्रा हर मोहल्ले, हर बस्ती और हर परिवार तक पहुँचनी चाहिए।
लखनऊ छावनी परिषद ने ब्रिटिश काल के बाज़ारों के नाम बदलकर स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े व्यक्तित्वों के नाम दिए।
परियोजनाओं में स्वच्छता, जलापूर्ति, बच्चों की शिक्षा, युवाओं के लिए खेल सुविधाएँ और आधुनिक नागरिक सेवाएँ शामिल हैं।
राजनाथ सिंह ने केंद्र-राज्य समन्वय को विकास की गति बढ़ाने का मुख्य कारक बताया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार, 30 अगस्त को लखनऊ कैंटोनमेंट में आयोजित शिलान्यास समारोह में स्पष्ट किया कि 'विकसित भारत' की परिकल्पना तब तक अधूरी है, जब तक उसकी पहुँच बड़े शहरों से निकलकर देश के हर मोहल्ले, हर बस्ती और हर परिवार तक नहीं हो जाती। उन्होंने ₹101 करोड़ की लागत से 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया और कहा कि यह 12 परियोजनाएँ 12 संकल्पों का प्रतीक हैं।

विकास की परिभाषा: इमारतें नहीं, जीवन बेहतर करना

राजनाथ सिंह ने कहा, 'विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी-बड़ी परियोजनाएँ और आधुनिक इमारतें नहीं हैं।' उनके अनुसार असली विकास वह है जब बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, घरों में साफ पानी पहुँचे, युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले और दिव्यांग बच्चे को यह न लगे कि वह समाज से पीछे है। उन्होंने कहा कि बदलाव केवल इमारतों में नहीं, हमारी पहचान में भी होना चाहिए।

लखनऊ छावनी में 12 परियोजनाओं के 12 संकल्प

रक्षा मंत्री ने बताया कि ₹101 करोड़ की लागत से शुरू होने वाली ये 12 परियोजनाएँ स्वच्छता, बेहतर जलापूर्ति, बच्चों के भविष्य, युवाओं के लिए खेल सुविधाएँ, सम्मानजनक नागरिक सेवाएँ और आधुनिक तकनीक से जुड़े संकल्पों को मूर्त रूप देती हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ छावनी में हो रहा यह विकास ईंट, सीमेंट और मशीनों का नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास है।

ऐतिहासिक बाज़ारों के नाम बदले, राष्ट्रनायकों को समर्पित

लखनऊ छावनी परिषद ने ब्रिटिश काल से चले आ रहे कुछ बाज़ारों के नाम बदलकर उन्हें भारत के स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा से जुड़े महान व्यक्तित्वों के नाम दिए हैं। राजनाथ सिंह ने इस कदम की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय पहचान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम बताया। गौरतलब है कि यह पहल देशभर में चल रहे औपनिवेशिक नाम-परिवर्तन अभियान की कड़ी में देखी जा रही है।

केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर

रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार, रक्षा मंत्रालय और उद्योग जगत मिलकर विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब केंद्र और राज्य सरकार एक दिशा में काम करती हैं, तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में कैंटोनमेंट क्षेत्रों के नागरिक अवसंरचना विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

छावनी परिषद की सराहना

राजनाथ सिंह ने लखनऊ छावनी परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने यह साबित किया है कि सोच और लक्ष्य स्पष्ट हों तो सीमित संसाधनों में भी बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यही गति आगे भी बनी रहेगी। आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं के पूरा होने से लखनऊ छावनी क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि ₹101 करोड़ की ये 12 परियोजनाएँ समयसीमा में पूरी होती हैं या नहीं। कैंटोनमेंट बोर्डों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताता है कि नागरिक अवसंरचना परियोजनाएँ अक्सर देरी और लागत वृद्धि की शिकार होती हैं। बाज़ारों के नाम बदलना सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का प्रतीक हो सकता है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस सवाल से चूक जाती है कि इन परियोजनाओं का लाभ छावनी के नागरिक निवासियों को मिलेगा या केवल सैन्य परिवारों को। जवाबदेही का यह पहलू 'विकसित भारत' के दावे को सही मायनों में परखेगा।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने लखनऊ कैंटोनमेंट में कौन-सी परियोजनाओं का शिलान्यास किया?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 अगस्त को लखनऊ कैंटोनमेंट में ₹101 करोड़ की लागत से 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में स्वच्छता, जलापूर्ति, बच्चों की शिक्षा, युवाओं के लिए खेल सुविधाएँ और आधुनिक नागरिक सेवाएँ शामिल हैं।
'विकसित भारत' से राजनाथ सिंह का क्या आशय है?
राजनाथ सिंह के अनुसार 'विकसित भारत' का अर्थ केवल बड़ी इमारतें या परियोजनाएँ नहीं हैं, बल्कि हर परिवार तक शिक्षा, साफ पानी, स्वास्थ्य सेवा और अवसर की पहुँच है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव हमारी राष्ट्रीय पहचान में भी दिखना चाहिए।
लखनऊ छावनी परिषद ने बाज़ारों के नाम क्यों बदले?
लखनऊ छावनी परिषद ने ब्रिटिश काल से चले आ रहे कुछ बाज़ारों के नाम बदलकर उन्हें भारत के स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा से जुड़े महान व्यक्तित्वों के नाम दिए हैं। राजनाथ सिंह ने इसे राष्ट्रीय पहचान की पुनर्स्थापना का महत्त्वपूर्ण कदम बताया।
इन परियोजनाओं से लखनऊ छावनी के निवासियों को क्या लाभ होगा?
इन 12 परियोजनाओं से लखनऊ छावनी के निवासियों को बेहतर जलापूर्ति, स्वच्छता सुविधाएँ, बच्चों के लिए शिक्षा के अवसर और युवाओं के लिए खेल के मैदान मिलने की उम्मीद है। रक्षा मंत्री ने इसे जीवन स्तर सुधारने का ठोस प्रयास बताया।
केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर इस विकास में क्या भूमिका निभा रही हैं?
राजनाथ सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार, रक्षा मंत्रालय और उद्योग जगत मिलकर लखनऊ छावनी के विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार जब केंद्र और राज्य सरकार एक दिशा में काम करती हैं, तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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