30 अगस्त 2026
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लखनऊ छावनी बनेगी 'मॉडल छावनी': योगी-राजनाथ ने ₹101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का किया शिलान्यास

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लखनऊ छावनी बनेगी 'मॉडल छावनी': योगी-राजनाथ ने ₹101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का किया शिलान्यास

सारांश

लखनऊ छावनी को 'मॉडल छावनी' बनाने का संकल्प — सीएम योगी और राजनाथ सिंह ने ₹101 करोड़ की 12 परियोजनाओं की नींव रखी। एआई आधारित कचरा प्रबंधन से लेकर अभ्युदय कोचिंग तक, यह कदम सैन्य परिवारों और छावनी निवासियों के लिए नई सुविधाओं का द्वार खोलेगा।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 अगस्त 2026 को लखनऊ छावनी में ₹101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया।
लखनऊ छावनी को 'मॉडल छावनी' के रूप में विकसित करने का लक्ष्य; छावनी परिषद में एआई आधारित ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था तैयार की जा रही है।
स्कूलों में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत; सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 17 घरेलू और 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित; लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को केंद्र की मंजूरी।
सीएम योगी ने वर्ष के अंत तक गोमती नदी को पूरी तरह स्वच्छ बनाने का भरोसा जताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 अगस्त 2026 को लखनऊ छावनी को 'मॉडल छावनी' के रूप में विकसित करने के लिए ₹101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने लखनऊ को विरासत और आधुनिकता के अनूठे संगम के रूप में रेखांकित किया।

मुख्य घटनाक्रम

रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने सुरक्षा, सुशासन और विकास की नई यात्रा तय की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को आज देश का 'ग्रोथ इंजन' बताया।

मुख्यमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी के विकसित और सशक्त भारत के सपने का उल्लेख करते हुए कहा कि उसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं और लखनऊ इसका जीवंत उदाहरण है।

लखनऊ का बदलता स्वरूप

सीएम योगी ने शहर के परिवर्तन का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 20 वर्ष पहले लखनऊ रेलवे स्टेशन पर 'मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं' का बोर्ड लगा होता था, लेकिन उस समय जाम, संकरी गलियों और गंदगी से लोग परेशान रहते थे। आज शहर ने अपनी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखते हुए स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि लखनऊ में किसान पथ जैसे आउटर रिंग रोड के साथ स्मार्ट रोड और सीएम ग्रिड की आधुनिक सड़कें भी हैं। एक ओर ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी जैसी ऐतिहासिक विभूतियों की विरासत है, तो दूसरी ओर ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों के निर्माण का केंद्र भी लखनऊ बन रहा है।

छावनी में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ छावनी परिषद में ठोस कचरा प्रबंधन की एआई आधारित व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसके साथ ही स्कूलों में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत जैसी पहल भी की जा रही है। इन कदमों से सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और छावनी क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

योगी ने यह भी कहा कि छावनी परिषदों में विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। सैन्य परिवारों और छावनी निवासियों को बेहतर सड़क, स्वच्छता, शिक्षा और कचरा प्रबंधन जैसी नागरिक सुविधाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाएंगी।

कनेक्टिविटी और रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति

सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ा है। लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद इसके कार्य को जल्द आगे बढ़ाया जाएगा।

वर्तमान में प्रदेश में 17 घरेलू और 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हैं, जो देश का सबसे बड़ा एयर कनेक्टिविटी नेटवर्क है। सैनिक स्कूलों के माध्यम से युवाओं को देश की सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

गोमती नदी स्वच्छता और आगे की राह

मुख्यमंत्री ने गोमती नदी को स्वच्छ बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए भरोसा जताया कि इस वर्ष के अंत तक नदी को पूरी तरह स्वच्छ बनाने में सफलता मिलेगी। उन्होंने सेंट्रल कमांड की ओर से मिल रहे सहयोग की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अभाव, अराजकता और उपद्रव की स्थिति से गुजर रहा था, लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता होगी — क्योंकि छावनी परिषदों में अतीत में विकास कार्य नौकरशाही जटिलताओं के कारण धीमे रहे हैं। एआई आधारित कचरा प्रबंधन जैसी पहल अगर ज़मीन पर उतरती है, तो यह देश की अन्य छावनियों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन सकती है। गोमती स्वच्छता का वादा वर्षों पुराना है — वर्ष के अंत की समयसीमा इस बार सरकार की विश्वसनीयता की परीक्षा लेगी। राजनाथ सिंह का अपने संसदीय क्षेत्र में इस तरह का निवेश स्वाभाविक राजनीतिक लाभांश भी है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ छावनी 'मॉडल छावनी' परियोजना क्या है?
यह 30 अगस्त 2026 को सीएम योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा शुरू की गई ₹101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं की पहल है, जिसका उद्देश्य लखनऊ छावनी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त 'मॉडल छावनी' के रूप में विकसित करना है। इसमें एआई आधारित कचरा प्रबंधन, बेहतर सड़कें, शिक्षा और स्वच्छता सुविधाएं शामिल हैं।
लखनऊ छावनी में किन नई सुविधाओं की शुरुआत होगी?
छावनी परिषद में एआई आधारित ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था तैयार की जा रही है और स्कूलों में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत की जाएगी। इसके अलावा बेहतर सड़क, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाएं भी प्राथमिकता में हैं।
इन परियोजनाओं से किसे फायदा होगा?
इन परियोजनाओं से सैन्यकर्मी, पूर्व सैनिक और उनके परिवार, तथा लखनऊ छावनी क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिक लाभान्वित होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि छावनी परिषदों में विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी की वर्तमान स्थिति क्या है?
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 17 घरेलू और 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हैं, जो देश का सबसे बड़ा एयर कनेक्टिविटी नेटवर्क बताया गया है। लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को भी केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है।
गोमती नदी स्वच्छता अभियान कब तक पूरा होगा?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने भरोसा जताया है कि इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को पूरी तरह स्वच्छ बनाने में सफलता मिलेगी। इस कार्य में सेंट्रल कमांड का भी सहयोग मिल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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