प्रयागराज में भारी बारिश से जलभराव: जॉर्ज टाउन थाने तक पहुंचा नाले का पानी, कई इलाके जलमग्न
सारांश
मुख्य बातें
प्रयागराज में 18 अगस्त को हुई भारी बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की बड़ी खामियाँ उजागर कर दीं। करेली, मुंडेरा मंडी, सिविल लाइंस स्थित सीएमपी बस स्टैंड और जॉर्ज टाउन सहित शहर के कई प्रमुख इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं। हालात इतने गंभीर रहे कि नागरिकों को घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा।
जॉर्ज टाउन में सबसे भीषण स्थिति
सबसे बुरी स्थिति जॉर्ज टाउन में देखने को मिली, जहाँ सड़क पर जमा पानी कई घरों के दरवाज़ों तक जा पहुँचा। चारों ओर की सड़कें जलमग्न हो जाने से सड़क और नाले के बीच का अंतर करना मुश्किल हो गया। सड़क किनारे खड़ी कई कारों के पहिए और निचला हिस्सा पानी में डूब गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, हर बारिश में इलाके में इसी तरह जलभराव की स्थिति बनती है, क्योंकि नाले और सीवर चोक होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती और बारिश का पानी नालियों के गंदे पानी के साथ सड़कों पर फैल जाता है।
थाने तक पहुँचा नाले का पानी
जलभराव का असर जॉर्ज टाउन थाने पर भी पड़ा। नाले का पानी थाने के परिसर के अंदर तक घुस आया, जिसके बाद पुलिसकर्मी स्वयं पानी निकालने में जुट गए। थाने में पानी भर जाने से पुलिसकर्मियों को सामान्य कामकाज में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब खुद थाने तक पानी पहुँच रहा है, तो आसपास के घरों और दुकानों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
करेली, मुंडेरा मंडी और बस स्टैंड भी प्रभावित
करेली और मुंडेरा मंडी में भी बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गईं। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई — कई लोग घुटनों तक पानी में चलते नज़र आए। जलभराव के कारण वाहनों की गति धीमी रही और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने में सामान्य से अधिक समय लगा। सिविल लाइंस के सीएमपी बस स्टैंड के आसपास भी जलभराव से यातायात प्रभावित रहा और यात्रियों को पानी के बीच से गुज़रना पड़ा।
सीएम ग्रिड निर्माण ने बढ़ाई मुश्किलें
स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में चल रहे सीएम ग्रिड के निर्माण कार्य से पहले से ही जगह-जगह अव्यवस्था है। निर्माण वाले हिस्सों में बारिश का पानी जमा होने से परेशानी और बढ़ गई। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून अपने चरम पर है और शहर की जलनिकासी प्रणाली पर पहले से ही दबाव है।
नागरिकों की माँग और आगे की राह
नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित विभागों से नाले-नालियों की तत्काल सफाई के साथ-साथ नियमित रखरखाव और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की माँग की है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब प्रयागराज में मानसूनी बारिश ने जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा की हो — हर साल इसी तरह की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन दीर्घकालिक समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है। प्रशासन पर अब दबाव है कि वह मानसून के शेष महीनों से पहले ठोस कदम उठाए।