प्रियंका गांधी के 'गौमूत्र एक्सपर्ट' बयान से विवाद, जानें कौन हैं आईआईटी मद्रास निदेशक प्रो. वी. कामकोटी
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में शिक्षा पर हुई बहस के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी को कथित तौर पर 'गौमूत्र एक्सपर्ट' कहे जाने के बाद 28 जुलाई 2026 को राजनीतिक विवाद तेज हो गया। इस टिप्पणी के बाद प्रो. कामकोटी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और वैज्ञानिक योगदान को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छिड़ गई है।
कौन हैं प्रो. वी. कामकोटी
प्रो. कामकोटी देश के अग्रणी कंप्यूटर वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों में गिने जाते हैं। उन्होंने आईआईटी मद्रास से ही कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में एम.एस. और पीएचडी की उपाधियाँ अर्जित कीं। वर्ष 2001 में वह संस्थान के फैकल्टी सदस्य बने और जनवरी 2022 में उन्होंने आईआईटी मद्रास के निदेशक का पद संभाला।
विशेषज्ञता और शोध योगदान
प्रो. कामकोटी की विशेषज्ञता कंप्यूटर आर्किटेक्चर, सूचना सुरक्षा (इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी) और वीएलएसआई डिजाइन के क्षेत्र में है। वह आईआईटी मद्रास में माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम और इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी एजुकेशन एंड अवेयरनेस प्रोग्राम का नेतृत्व कर रहे हैं।
शोध के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है — उनके नाम अंतरराष्ट्रीय जर्नलों और कॉन्फ्रेंसों में 150 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हैं। उन्होंने कई शोधार्थियों का पीएचडी और मास्टर ऑफ साइंस (रिसर्च) कार्यक्रमों में मार्गदर्शन किया है, तथा उद्योग और सरकारी अनुसंधान संस्थानों की करीब 50 शोध एवं विकास परियोजनाओं का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है।
राष्ट्रीय भूमिकाएँ और समितियाँ
प्रो. कामकोटी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं। इसके अतिरिक्त, वह केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा गठित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टास्क फोर्स के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की प्रौद्योगिकी समितियों के सदस्य भी हैं। आईआईटी मद्रास में उन्होंने जेईई के चेयरमैन और एसोसिएट डीन (इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी एंड स्पॉन्सर्ड रिसर्च) जैसी जिम्मेदारियाँ भी निभाई हैं।
पुरस्कार और सम्मान
प्रो. कामकोटी को कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें डीआरडीओ अकादमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड, इंडियन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन टेक्नो विजनरी अवॉर्ड, अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजी इनोवेशन नेशनल फेलोशिप, एसीसीएस लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, आईबीएम फैकल्टी अवॉर्ड और वास्विक इंडस्ट्रियल रिसर्च अवॉर्ड शामिल हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
प्रियंका गांधी की कथित टिप्पणी के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ओर से तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और उनके नेतृत्व को लेकर संसद में पहले से बहस जारी है। आने वाले दिनों में यह मामला संसदीय चर्चाओं में और अधिक केंद्रीय भूमिका निभा सकता है।