प्रियंका गांधी ने पाकिस्तान को मध्यस्थता का मौका मिलने पर सरकार को घेरा
सारांश
Key Takeaways
- प्रियंका गांधी का सरकार पर सवाल उठाना।
- ट्रांसजेंडर विधेयक पर संवाद की आवश्यकता।
- महिला आरक्षण बिल का स्वागत।
- पश्चिम एशिया स्थिति का विश्लेषण।
- बिना किसी खतरे के भारत की ऊर्जा सुरक्षा।
नई दिल्ली, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान को मध्यस्थता का अवसर मिलने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि हम हमेशा कहते थे कि हम विश्व गुरु हैं और शांति के रक्षक हैं। चाहे यूक्रेन का युद्ध हो, लेकिन आज स्थिति कुछ और है।
ट्रांसजेंडर (संशोधन) विधेयक पर प्रियंका गांधी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसे स्थायी समिति के पास नहीं भेजा जा रहा है। समुदाय के लोगों का मानना है कि यह विधेयक उनकी पहचान को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इस पर विस्तृत परामर्श आवश्यक था। यह विधेयक उचित परामर्श के बाद ही पारित होना चाहिए था। यह अन्याय की बात है कि पूरे समुदाय को अनसुना किया जा रहा है और उनके संदर्भ में इतना बड़ा निर्णय लिया जा रहा है। काश, सरकार हमारी बात सुनती और इसे स्थायी समिति के पास भेजती।
पश्चिम एशिया संघर्ष पर पीएम मोदी के बयान को लेकर शिवसेना के सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा कि शिवसेना पीएम मोदी को धन्यवाद देती है कि उन्होंने संसद के माध्यम से देश को आश्वस्त किया है कि पश्चिम एशिया की स्थिति से हमें चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। ऊर्जा की आपूर्ति से लेकर वहां काम कर रहे लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा। शिवसेना पूरी तरह से केंद्र सरकार के समर्थन में है।
महिला आरक्षण बिल पर मिलिंद देवड़ा ने कहा कि शिवसेना इसका स्वागत करती है। हमारा उद्देश्य है कि जल्द से जल्द देश में महिला आरक्षण लागू हो। यदि 2029 तक इस आरक्षण को लागू कर लिया जाए तो यह महिलाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
पीएम मोदी के बयान पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि पश्चिम एशिया का संकट अभी भी बना हुआ है। पहले विदेश मंत्री ने बयान दिया, फिर लोकसभा में प्रधानमंत्री ने बात की। पेट्रोलियम मंत्री ने भी इस पर जानकारी दी और देश को आश्वस्त किया कि साढ़े तीन लाख लोगों को सुरक्षित लाया गया है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री का कहना है कि इसका दुनिया पर असर है, लेकिन भारत में इसका कोई प्रभाव नहीं है। पेट्रोल पंपों पर कोई लंबी कतार नहीं है।
जगदंबिका पाल ने आगे कहा कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और गैस की भी कोई समस्या नहीं है। कुछ लोग जमाखोरी की बात कर रहे हैं, लेकिन वह भी समाप्त हो चुका है। अगर वे सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कर रहे हैं, तो उन्हें यह कहना चाहिए कि भारत इस समय एकजुट है, लेकिन वे राजनीति कर रहे हैं।