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पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर अवैध ढांचे गिराए, MEA बोला — 'उचित कार्रवाई'

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पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर अवैध ढांचे गिराए, MEA बोला — 'उचित कार्रवाई'

सारांश

इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर पाकिस्तान द्वारा बैरिकेड हटाए जाने के तीन दिन बाद, भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर अनधिकृत ढांचे गिरा दिए — MEA ने इसे 'उचित कार्रवाई' बताया।

मुख्य बातें

21 अगस्त 2026 को भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर अनधिकृत ढांचे और बैरिकेड्स जेसीबी मशीन से हटाए।
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे 'उचित कार्रवाई' बताया — इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर पाकिस्तान द्वारा बैरिकेड हटाए जाने के जवाब में।
पाकिस्तान ने भारत के विरोध को नज़रअंदाज़ करते हुए 18 अगस्त को इस्लामाबाद में भारतीय मिशन के बाहर सुरक्षा बैरिकेडिंग हटाई थी।
हटाए गए ढांचों में वीज़ा सेक्शन के पास कतार व्यवस्था के इंतज़ाम, ट्रैफिक बोलार्ड और बाहरी सुरक्षा घेरा शामिल थे।
उसी दिन अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर की पहली यात्रा की और इसे 'भारत का अहम हिस्सा' बताया।

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 21 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर बने अनधिकृत ढांचों को हटाना भारत सरकार की 'उचित कार्रवाई' थी — एक जवाबी कदम, जो इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के सामने पाकिस्तान द्वारा पार्किंग ढांचे हटाए जाने के तीन दिन बाद उठाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

नई दिल्ली में होने वाली पाक्षिक मीडिया ब्रीफिंग में जायसवाल ने कहा, 'पाकिस्तान में, भारतीय उच्चायोग के सामने पार्किंग के लिए बनाए गए कुछ ढांचों को हटा दिया गया था। हमारे मना करने के बावजूद, उन्होंने ऐसा किया। इसके जवाब में, हमने एक तरह से उचित कार्रवाई की। यहाँ पाकिस्तानी उच्चायोग वाली गली में कुछ अस्थायी ढांचे थे, और हमने उन्हें हटा दिया...'

संबंधित एजेंसियों ने जेसीबी मशीन की सहायता से उच्चायोग परिसर के बाहर गली में खड़े ढांचों और बैरिकेड्स को ध्वस्त किया। इसमें वीज़ा सेक्शन के पास कतार व्यवस्था के लिए लगाए गए इंतज़ाम भी शामिल थे।

क्या हटाया गया

रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों ने पाकिस्तान उच्चायोग के चारों ओर लगे ट्रैफिक बोलार्ड और बैरिकेड्स भी हटा दिए, जिससे मिशन के आस-पास की बाहरी सुरक्षा घेराबंदी प्रभावी रूप से समाप्त हो गई। अधिकारियों के अनुसार ये ढांचे मिशन की मंज़ूर सीमा से बाहर बने हुए थे।

पृष्ठभूमि: इस्लामाबाद में पहले हुई कार्रवाई

यह जवाबी कदम 18 अगस्त को उठाया गया, जब पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर लगी सुरक्षा बैरिकेडिंग को हटा दिया था। भारत ने पहले इस कदम का विरोध किया, लेकिन पाकिस्तान ने अनुरोध को नज़रअंदाज़ किया। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं, और यह घटना उस तनाव की एक और कड़ी है।

अमेरिकी राजदूत की जम्मू-कश्मीर यात्रा

यह घटनाक्रम उसी दिन सामने आया जब भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर की अपनी पहली यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। गोर ने कहा, 'यहाँ आकर खुशी हुई। अमेरिका जम्मू-कश्मीर की यात्रा के बारे में अपनी सलाह पर फिर से विचार करेगा। यह भारत का एक अहम हिस्सा है।'

राजदूत की यह टिप्पणी कूटनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि अमेरिका ने पहले जम्मू-कश्मीर के लिए यात्रा परामर्श जारी कर रखा था। इस क्षेत्र को 'भारत का अहम हिस्सा' कहना अमेरिकी स्थिति में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

आगे क्या

भारत-पाकिस्तान के बीच राजनयिक तनाव के बीच दोनों देशों के उच्चायोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की जवाबी कार्रवाइयाँ द्विपक्षीय संबंधों को और जटिल बना सकती हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर सभी की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके दीर्घकालिक परिणाम पर ध्यान देना ज़रूरी है — दोनों देशों के उच्चायोगों की बाहरी सुरक्षा घटाना किसी एक पक्ष के लिए फायदेमंद नहीं। भारत ने 'उचित कार्रवाई' का तर्क देकर कूटनीतिक नैतिकता बनाए रखी, लेकिन मिशन सुरक्षा के मानदंडों पर वियना कन्वेंशन की सीमाएँ भी याद रखनी होंगी। मुख्यधारा की कवरेज इस पहलू को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि बैरिकेड हटाने से दोनों मिशनों के कर्मचारियों की व्यावहारिक सुरक्षा प्रभावित होती है। भारत-पाक संबंधों में यह 'टिट-फॉर-टैट' रवैया तनाव को और गहरा कर सकता है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर क्या हुआ?
21 अगस्त 2026 को भारतीय अधिकारियों ने जेसीबी मशीन से नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर बने अनधिकृत ढांचे, बैरिकेड्स और ट्रैफिक बोलार्ड हटा दिए। ये ढांचे मिशन की मंज़ूर सीमा से बाहर बने हुए थे।
भारत ने यह कदम क्यों उठाया?
यह इस्लामाबाद में पाकिस्तान द्वारा भारतीय उच्चायोग के बाहर सुरक्षा बैरिकेडिंग हटाए जाने के जवाब में उठाया गया कदम है। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत के विरोध के बावजूद पाकिस्तान ने वह कार्रवाई की, इसलिए भारत ने 'उचित कार्रवाई' की।
MEA ने इस कार्रवाई को कैसे परिभाषित किया?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे 'उचित कार्रवाई' बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कदम के जवाब में भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग वाली गली में बने अस्थायी ढांचों को हटाया।
अमेरिकी राजदूत की जम्मू-कश्मीर यात्रा इस घटनाक्रम से कैसे जुड़ी है?
उसी दिन अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर की अपनी पहली यात्रा की और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिले। उन्होंने कहा कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर यात्रा परामर्श पर पुनर्विचार करेगा और इसे 'भारत का अहम हिस्सा' बताया।
क्या इस कार्रवाई से भारत-पाकिस्तान राजनयिक संबंध प्रभावित होंगे?
दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण राजनयिक संबंधों के बीच यह जवाबी कदम स्थिति को और जटिल बना सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, उच्चायोगों की बाहरी सुरक्षा घटाने से मिशन कर्मचारियों की व्यावहारिक सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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