पुणे: जेसीबी से कुचलकर यूपी मजदूर की हत्या, शव सड़क पर फेंककर मिटाए सबूत — 6 पर FIR
सारांश
मुख्य बातें
पुणे जिले की दौंड तहसील के गाडामोडी स्थित एक गुड़ कारखाने में 23 वर्षीय उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूर रामू शंभू पासी की जेसीबी मशीन के पहिये तले कुचलकर मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को कार की डिक्की में छिपाकर वाघोली-राहू रोड पर फेंक दिया, ताकि इसे सड़क दुर्घटना का रूप दिया जा सके। यवत पुलिस ने इस मामले में जेसीबी चालक, मालिक समेत 6 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
मृत युवक रामू शंभू पासी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कोला गाँव का निवासी था। वह अप्रैल 2026 से गाडामोडी के इस गुड़ कारखाने में मजदूर के रूप में कार्यरत था। उसके 21 वर्षीय भाई राजू शंभू पासी ने यवत पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जाँच शुरू की।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, 19 जून को ठेकेदार तमरेज फरीदी ने फोन कर परिवार को रामू के लापता होने की सूचना दी थी। परिवार ने कई दिनों तक प्रतीक्षा की, लेकिन जब रामू घर नहीं लौटा, तो उसका भाई राजू उत्तर प्रदेश से दौंड आया और तलाश शुरू की। 29 जून को कारखाने में पूछताछ के दौरान पूरा मामला सामने आया।
बताया गया है कि कारखाने में जेसीबी से खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान जेसीबी चालक आलम की कथित लापरवाही के चलते सो रहे रामू पासी के ऊपर जेसीबी का पहिया चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
शव छिपाने की साजिश
घटना के बाद जेसीबी मालिक अविनाश बालासो यादव ने कथित तौर पर ठेकेदार को धमकी दी कि इस बात की जानकारी किसी को न दी जाए, अन्यथा जान से मार देने की चेतावनी दी। इसके बाद अविनाश यादव, गणेश हरिभाऊ जगताप, कल्लू और प्रधान इस्तकार ने मिलकर रामू के शव को कार की डिक्की में रखा और तड़के वाघोली-राहू रोड पर फेंककर इसे सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब प्रवासी मजदूरों की कार्यस्थल सुरक्षा और उनके साथ होने वाली घटनाओं को दबाने के मामले पूरे देश में चिंता का विषय बने हुए हैं।
पुलिस कार्रवाई और धाराएँ
यवत पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) (लापरवाही से मौत), 238 (साक्ष्य नष्ट करना) और 3(5) (सामान्य आशय) के तहत जेसीबी चालक आलम, मालिक अविनाश यादव, गणेश जगताप, कल्लू और प्रधान इस्तकार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ठेकेदार तमरेज फरीदी की भूमिका की भी जाँच जारी है।
आगे क्या होगा
पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है। मृतक के परिजन न्याय की माँग को लेकर स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में हैं। यह मामला प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं को छिपाने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।