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पुणे: जेसीबी से कुचलकर यूपी मजदूर की हत्या, शव सड़क पर फेंककर मिटाए सबूत — 6 पर FIR

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पुणे: जेसीबी से कुचलकर यूपी मजदूर की हत्या, शव सड़क पर फेंककर मिटाए सबूत — 6 पर FIR

सारांश

पुणे के एक गुड़ कारखाने में सोते हुए मजदूर पर जेसीबी का पहिया चढ़ा, मौत हुई — और फिर शव को कार की डिक्की में छिपाकर सड़क पर फेंक दिया गया। यूपी के 23 वर्षीय रामू पासी का यह मामला प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और न्याय की लड़ाई का एक और दर्दनाक अध्याय है।

मुख्य बातें

रामू शंभू पासी (23), निवासी सीतापुर, उत्तर प्रदेश , की दौंड, पुणे के गुड़ कारखाने में जेसीबी से कुचलकर मौत हुई।
जेसीबी चालक आलम की कथित लापरवाही से हादसा हुआ; मालिक अविनाश यादव ने धमकी देकर मामला दबाने की कोशिश की।
शव को कार की डिक्की में रखकर वाघोली-राहू रोड पर फेंका गया, ताकि इसे सड़क दुर्घटना दिखाया जा सके।
29 जून को भाई राजू पासी की पूछताछ के बाद मामला उजागर हुआ।
यवत पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 238 और 3(5) के तहत 6 आरोपियों पर FIR दर्ज की।

पुणे जिले की दौंड तहसील के गाडामोडी स्थित एक गुड़ कारखाने में 23 वर्षीय उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूर रामू शंभू पासी की जेसीबी मशीन के पहिये तले कुचलकर मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को कार की डिक्की में छिपाकर वाघोली-राहू रोड पर फेंक दिया, ताकि इसे सड़क दुर्घटना का रूप दिया जा सके। यवत पुलिस ने इस मामले में जेसीबी चालक, मालिक समेत 6 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि

मृत युवक रामू शंभू पासी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कोला गाँव का निवासी था। वह अप्रैल 2026 से गाडामोडी के इस गुड़ कारखाने में मजदूर के रूप में कार्यरत था। उसके 21 वर्षीय भाई राजू शंभू पासी ने यवत पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जाँच शुरू की।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, 19 जून को ठेकेदार तमरेज फरीदी ने फोन कर परिवार को रामू के लापता होने की सूचना दी थी। परिवार ने कई दिनों तक प्रतीक्षा की, लेकिन जब रामू घर नहीं लौटा, तो उसका भाई राजू उत्तर प्रदेश से दौंड आया और तलाश शुरू की। 29 जून को कारखाने में पूछताछ के दौरान पूरा मामला सामने आया।

बताया गया है कि कारखाने में जेसीबी से खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान जेसीबी चालक आलम की कथित लापरवाही के चलते सो रहे रामू पासी के ऊपर जेसीबी का पहिया चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

शव छिपाने की साजिश

घटना के बाद जेसीबी मालिक अविनाश बालासो यादव ने कथित तौर पर ठेकेदार को धमकी दी कि इस बात की जानकारी किसी को न दी जाए, अन्यथा जान से मार देने की चेतावनी दी। इसके बाद अविनाश यादव, गणेश हरिभाऊ जगताप, कल्लू और प्रधान इस्तकार ने मिलकर रामू के शव को कार की डिक्की में रखा और तड़के वाघोली-राहू रोड पर फेंककर इसे सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब प्रवासी मजदूरों की कार्यस्थल सुरक्षा और उनके साथ होने वाली घटनाओं को दबाने के मामले पूरे देश में चिंता का विषय बने हुए हैं।

पुलिस कार्रवाई और धाराएँ

यवत पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) (लापरवाही से मौत), 238 (साक्ष्य नष्ट करना) और 3(5) (सामान्य आशय) के तहत जेसीबी चालक आलम, मालिक अविनाश यादव, गणेश जगताप, कल्लू और प्रधान इस्तकार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ठेकेदार तमरेज फरीदी की भूमिका की भी जाँच जारी है।

आगे क्या होगा

पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है। मृतक के परिजन न्याय की माँग को लेकर स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में हैं। यह मामला प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं को छिपाने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसके परिजन सैकड़ों किलोमीटर दूर थे — और इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने दस दिनों तक मामला दबाए रखा। यह घटना उजागर करती है कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए न तो पर्याप्त कार्यस्थल सुरक्षा है, न ही त्वरित न्याय का तंत्र। जब तक ऐसे मामलों में नियोक्ताओं की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती और प्रवासी मजदूरों के लिए रियल-टाइम ट्रैकिंग व्यवस्था नहीं बनती, ऐसी त्रासदियाँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे में जेसीबी से मजदूर की हत्या का मामला क्या है?
पुणे के दौंड तहसील के गाडामोडी स्थित एक गुड़ कारखाने में यूपी के 23 वर्षीय मजदूर रामू शंभू पासी की जेसीबी मशीन के पहिये तले कुचलकर मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को कार की डिक्की में रखकर वाघोली-राहू रोड पर फेंक दिया और मामले को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की।
इस मामले में किन-किन पर FIR दर्ज हुई है?
यवत पुलिस ने जेसीबी चालक आलम, मालिक अविनाश बालासो यादव, गणेश हरिभाऊ जगताप, कल्लू और प्रधान इस्तकार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 238 और 3(5) के तहत FIR दर्ज की है। कुल 6 आरोपी इस मामले में नामजद हैं।
मामला इतने दिनों बाद कैसे सामने आया?
19 जून को ठेकेदार ने परिवार को रामू के लापता होने की सूचना दी थी, लेकिन पूरी जानकारी नहीं दी। जब रामू घर नहीं लौटा, तो उसका भाई राजू पासी उत्तर प्रदेश से दौंड आया और 29 जून को कारखाने में पूछताछ करने पर पूरा मामला उजागर हुआ।
मृतक मजदूर रामू पासी कौन था और वह पुणे में क्यों था?
रामू शंभू पासी उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कोला गाँव का निवासी था। वह अप्रैल 2026 से गाडामोडी के गुड़ कारखाने में रोजगार के लिए काम कर रहा था। वह एक प्रवासी मजदूर था जिसका परिवार यूपी में रहता है।
आरोपियों ने शव क्यों छिपाया और उन पर क्या आरोप हैं?
जेसीबी मालिक अविनाश यादव ने कथित तौर पर ठेकेदार को धमकी देकर हादसे को छिपाने का दबाव बनाया। इसके बाद आरोपियों ने मिलकर शव को सड़क पर फेंककर इसे सड़क दुर्घटना दिखाने की कोशिश की। उन पर लापरवाही से मौत, साक्ष्य नष्ट करने और सामान्य आशय से अपराध करने के आरोप लगाए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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