पंजाब के गांवों में लगेंगी 3 लाख सोलर स्ट्रीटलाइट, ₹470 करोड़ की योजना को मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री अमन अरोड़ा ने बुधवार, 12 अगस्त को चंडीगढ़ में घोषणा की कि राज्य के हर गांव में ₹470 करोड़ की लागत से 3 लाख एलईडी-आधारित सोलर स्ट्रीटलाइट स्थापित की जाएंगी। यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य के 23 जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
योजना का ढांचा और वित्तीय व्यवस्था
मंत्री अरोड़ा ने मीडिया को बताया कि इस परियोजना की कुल लागत का 70 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 30 प्रतिशत संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहले के 30:70 अनुपात से एक बड़ा बदलाव है, जिसमें पंचायतों पर अधिक आर्थिक बोझ पड़ता था। नई व्यवस्था सीमित संसाधनों वाली पंचायतों को भी इस कार्यक्रम में समान रूप से भाग लेने का अवसर देती है।
परियोजना को लागू करने की जिम्मेदारी पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (PEDA) को सौंपी गई है, जो नई स्ट्रीटलाइट की स्थापना के साथ-साथ मौजूदा प्रणालियों की मरम्मत और नवीनीकरण की भी निगरानी करेगी।
रखरखाव और तकनीकी निगरानी
पंचायतों के फीडबैक के आधार पर मेंटेनेंस सपोर्ट की अवधि को पाँच साल से बढ़ाकर सात साल कर दिया गया है, ताकि दीर्घकालिक संचालन सुनिश्चित हो सके। पारदर्शिता के लिए हर स्ट्रीटलाइट की जियो-टैगिंग और यूनिक आईडी दी जाएगी। इसके अलावा QR कोड और IVRS-आधारित शिकायत निवारण प्रणाली तथा रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम से कामकाज पर नजर रखी जाएगी।
यह प्रणाली स्वचालित वार्षिक रखरखाव अनुबंध (AMC) अलर्ट भी भेजेगी, जिससे किसी भी खराबी को 72 घंटों के भीतर ठीक किया जा सके।
स्थान चयन में प्राथमिकता
स्ट्रीटलाइट लगाने के लिए सार्वजनिक स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी — जिनमें गांव की फिरनी, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, धार्मिक स्थल और घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल हैं। अरोड़ा ने कहा कि इस दृष्टिकोण से यह सुनिश्चित होता है कि रोशनी का लाभ सबसे पहले समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंचे।
आम जनता पर असर
पंजाब की कुल आबादी का 62.51 प्रतिशत, यानी लगभग 1 करोड़ 73 लाख लोग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं। अंधेरी सड़कों पर दुर्घटनाओं और अपराध का जोखिम इन क्षेत्रों में लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है। यह योजना ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार ग्रामीण विद्युतीकरण और स्वच्छ ऊर्जा के मोर्चे पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने में जुटी है।
आगे की राह
PEDA द्वारा परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा और चरणबद्ध कार्यक्रम की जानकारी जल्द सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है। यह पहल पंजाब के ग्रामीण विकास और नवीकरणीय ऊर्जा एजेंडे को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है।