पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला: प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ोतरी पर 5% की सीमा, अध्यादेश को मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब कैबिनेट ने सोमवार, 22 जून 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में तीन अहम फैसले लिए — जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स (संशोधन) अध्यादेश, 2026' को मंजूरी देना, जो बिना सरकारी सहायता प्राप्त निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर अंकुश लगाएगा। इसके साथ ही कैबिनेट ने औद्योगिक पूंजी सब्सिडी की प्रक्रिया सरल बनाने और स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म (SDIP) लागू करने को भी हरी झंडी दी।
फीस नियमन अध्यादेश: क्या बदलेगा
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह अध्यादेश पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स एक्ट, 2016 में संशोधन करता है। संशोधित प्रावधानों में फीस, फीस बढ़ोतरी और कुल फीस वृद्धि की परिभाषाएँ स्पष्ट की गई हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सालाना फीस बढ़ोतरी की अधिकतम सीमा 5 प्रतिशत तय कर दी गई है। इससे अधिक किसी भी वृद्धि के लिए संबंधित रेगुलेटरी निकाय की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब पंजाब सहित कई राज्यों में निजी स्कूलों द्वारा हर वर्ष दोहरे अंकों में फीस बढ़ाने की शिकायतें अभिभावकों से आती रही हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इस कदम से फीस ढाँचे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी तथा छात्रों और उनके परिवारों को अनुचित आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।
औद्योगिक सब्सिडी नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने राज्य की औद्योगिक नीति के अंतर्गत पूंजी सब्सिडी और निवेश प्रोत्साहन देने से संबंधित 13 नवंबर 2019 की गाइडलाइन्स में संशोधन को भी मंजूरी दी। संशोधित ढाँचे के तहत गाइडलाइन्स के क्लॉज 1.1 और 1.2 को हटाने के बाद पात्र औद्योगिक इकाइयों को आवश्यक दस्तावेज़ों के सत्यापन और निर्धारित शर्तें पूरी करने पर पूंजी सब्सिडी जारी की जाएगी। सरकार के अनुसार इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और सभी पात्र इकाइयों के साथ एकसमान व्यवहार सुनिश्चित होगा।
डिजिटल गवर्नेंस: SDIP को मंजूरी
विभिन्न सरकारी विभागों के डेटाबेस को एकीकृत करने, डेटा की डुप्लीकेशन रोकने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म (SDIP) लागू करने की स्वीकृति दी। इस परियोजना की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक तीन-स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी गठित की जाएगी, जिसमें प्रशासनिक सचिव (सुशासन) सदस्य-संयोजक और अन्य विभागों के प्रशासनिक सचिव सदस्य होंगे।
आम जनता पर असर
फीस नियमन अध्यादेश का सबसे सीधा असर उन लाखों अभिभावकों पर पड़ेगा जिनके बच्चे पंजाब के बिना सरकारी सहायता वाले निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। 5 प्रतिशत की वार्षिक सीमा यह सुनिश्चित करेगी कि स्कूल एकतरफा तरीके से बड़ी फीस वृद्धि नहीं कर सकते। वहीं SDIP से नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक तेज़ और सुगम पहुँच मिलने की उम्मीद है।
आगे क्या
अध्यादेश के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू माने जाएंगे, हालाँकि इसे अगले विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में पारित करना होगा। SDIP की स्टीयरिंग कमेटी के गठन और कार्यान्वयन की समय-सीमा अभी घोषित नहीं की गई है। औद्योगिक सब्सिडी के संशोधित नियम तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।