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पंजाब में निजी स्कूल फीस पर लगाम: 5% से ज़्यादा बढ़ोतरी पर रोक, अध्यादेश पास

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पंजाब में निजी स्कूल फीस पर लगाम: 5% से ज़्यादा बढ़ोतरी पर रोक, अध्यादेश पास

सारांश

पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर लगाम लग गई है। भगवंत मान सरकार का अध्यादेश पास — अब कोई भी स्कूल सालाना 5% से ज़्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेगा। पिछले तीन साल में 15% से अधिक बढ़ोतरी करने वाले स्कूलों को अभिभावकों को रकम लौटानी होगी।

मुख्य बातें

भगवंत मान सरकार ने निजी स्कूल फीस पर 5 प्रतिशत सालाना की सीमा तय करने वाला अध्यादेश 22 जून को पास किया।
राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद यह कानून पूरे पंजाब के सभी निजी स्कूलों पर लागू होगा।
फीस बढ़ाने के लिए स्कूलों को 6 माह पहले रेगुलेटरी बॉडी में आवेदन करना होगा और वित्तीय ऑडिट कराना होगा।
पिछले तीन वर्षों में 15% से अधिक फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को अभिभावकों को अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी।
रेगुलेटरी बॉडी को सिविल कोर्ट के समान शक्तियाँ दी गई हैं, जो स्कूलों से साक्ष्य माँग सकती है।
मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत अब तक लगभग 30 लाख महिलाएँ पंजीकृत; 1 जुलाई को तीन माह की राशि खातों में भेजी जाएगी।

पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर अंकुश लगाने के लिए एक अहम अध्यादेश पास किया है, जिसके तहत कोई भी प्राइवेट स्कूल अब सालाना 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। 22 जून को चंडीगढ़ में पंजाब कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और हरपाल सिंह चीमा ने इस नए फीस नियमन ढाँचे की जानकारी मीडिया को दी। राज्यपाल के हस्ताक्षर होते ही यह कानून पूरे पंजाब के सभी निजी स्कूलों पर लागू हो जाएगा।

अध्यादेश में क्या है

मंत्री हरजोत बैंस ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कुछ दिन पहले ही प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि के विरुद्ध कार्रवाई की घोषणा की थी, जिसे अब अध्यादेश के रूप में कानूनी जामा पहनाया गया है। यदि कोई स्कूल प्रबंधन फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे 6 माह पहले नियामक संस्था (रेगुलेटरी बॉडी) में आवेदन करना होगा। उसके बाद वित्तीय ऑडिट कराया जाएगा और तभी 5 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी की अनुमति मिल सकेगी।

पिछले तीन वर्षों की अतिरिक्त फीस वापस होगी

इस अध्यादेश में अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत यह भी है कि पिछले तीन वर्षों में जिन स्कूलों ने 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें वह अतिरिक्त राशि अभिभावकों को वापस करनी होगी। बैंस ने स्पष्ट किया कि भगवंत मान सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निजी स्कूल शोषण के केंद्र न बनें।

रेगुलेटरी बॉडी को सिविल कोर्ट जैसी शक्तियाँ

मंत्री बैंस ने बताया कि जुर्माने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं और नियामक संस्था को सिविल कोर्ट के समकक्ष अधिकार दिए गए हैं। यह संस्था स्कूलों को बुलाकर उनसे दस्तावेज़ और साक्ष्य माँग सकती है। यह कदम उन अभिभावकों के लिए राहतभरा है जो वर्षों से मनमाने फीस इज़ाफे का सामना कर रहे थे।

राजनीतिक बयानबाज़ी: BJP और कांग्रेस पर निशाना

प्रेस वार्ता में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब के किसान और व्यापारी जानते हैं कि BJP पंजाब-विरोधी है। चीमा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की भी आलोचना की और कहा कि राज्य में उनका जनाधार लगभग समाप्त हो गया है। राम मंदिर चंदे के विवाद पर चीमा ने आरोप लगाया कि BJP धार्मिक स्थलों पर दिए जाने वाले दान में अनियमितता कर रही है — हालाँकि यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसे BJP ने अभी तक स्वीकार नहीं किया है।

'मावां-धीयां सत्कार योजना' पर अपडेट

BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के बयान का जवाब देते हुए चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत महिलाओं का पंजीकरण जारी है और अब तक लगभग 30 लाख महिलाएँ पंजीकृत हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई को पात्र महिलाओं के खातों में तीन महीने की राशि एकसाथ हस्तांतरित की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा रेगुलेटरी बॉडी की स्वायत्तता और पारदर्शिता की होगी — क्योंकि वित्तीय ऑडिट की प्रक्रिया जितनी जटिल होगी, स्कूल उतने ही रास्ते निकालेंगे। पिछले तीन साल की अतिरिक्त फीस वापसी का प्रावधान साहसिक है, लेकिन इसे लागू करने की समय-सीमा और तंत्र अभी स्पष्ट नहीं है। देश के कई राज्यों में इस तरह के कानून बने हैं, पर क्रियान्वयन में वे प्रायः कमज़ोर साबित हुए हैं। AAP सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि यह अध्यादेश चुनावी घोषणा नहीं, बल्कि एक कार्यशील नियामक ढाँचा बने।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब में निजी स्कूल फीस पर नया कानून क्या कहता है?
पंजाब सरकार के नए अध्यादेश के अनुसार कोई भी निजी स्कूल अब सालाना 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। यह कानून राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद पूरे पंजाब में लागू होगा।
क्या पिछले वर्षों में बढ़ाई गई अतिरिक्त फीस वापस मिलेगी?
हाँ, जिन स्कूलों ने पिछले तीन वर्षों में 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें वह अतिरिक्त राशि अभिभावकों को वापस करनी होगी। यह इस अध्यादेश का सबसे बड़ा राहत प्रावधान बताया जा रहा है।
स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाना चाहें तो क्या करना होगा?
यदि कोई स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे 6 माह पहले सरकार की रेगुलेटरी बॉडी में आवेदन करना होगा। रेगुलेटरी बॉडी वित्तीय ऑडिट के बाद ही अनुमति दे सकती है।
रेगुलेटरी बॉडी के पास क्या अधिकार होंगे?
रेगुलेटरी बॉडी को सिविल कोर्ट के समान शक्तियाँ दी गई हैं — वह स्कूलों को बुला सकती है, उनसे दस्तावेज़ और साक्ष्य माँग सकती है, और नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगा सकती है।
पंजाब की 'मावां-धीयां सत्कार योजना' क्या है और इसका स्टेटस क्या है?
यह AAP सरकार की महिला कल्याण योजना है जिसके तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अब तक लगभग 30 लाख महिलाएँ पंजीकृत हो चुकी हैं और 1 जुलाई को तीन महीने की राशि एकसाथ उनके खातों में भेजी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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