के. कविता का तेलंगाना सरकार पर आरोप: ₹11,000 करोड़ की फीस रीइंबर्समेंट स्कीम को बाधित करने की साजिश
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता के. कविता ने बुधवार, 6 मई को तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर फीस रीइंबर्समेंट स्कीम को जानबूझकर कमज़ोर करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत ₹11,000 करोड़ की लंबित फीस राशि कॉलेजों को देने के बजाय सीधे छात्रों के अभिभावकों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
मुख्य विवाद: कॉलेजों को नहीं, अभिभावकों को मिलेगी राशि
कविता ने 'क्वालिटी एजुकेशन एंड फीस रेगुलेशन' विषय पर आयोजित एक राउंडटेबल बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ''इस सरकार ने कॉलेज प्रबंधन, जो वर्षों से अपने बकाया के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें कमज़ोर करने के लिए यह आदेश जारी किया है। जब तक सरकार इस आदेश को वापस नहीं लेती और बकाया राशि कॉलेज प्रबंधन को नहीं देती, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।'' यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में शिक्षा क्षेत्र पहले से ही फीस नियमन को लेकर राजनीतिक विवाद के केंद्र में है।
निजी स्कूलों में मनमानी फीस वृद्धि पर कड़ी आलोचना
कविता ने निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने की प्रवृत्ति पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि हैदराबाद पब्लिक स्कूल ने एक ही वर्ष में 120 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी, जो उनके अनुसार पूरी तरह अनुचित और अस्वीकार्य है — विशेषकर तब, जब यह संस्थान सरकारी ज़मीन पर संचालित होता है। उन्होंने माँग की कि कांग्रेस पार्टी अपने वादे के अनुसार मई में ही फीस रेगुलेशन पर सरकारी आदेश जारी करे।
हैदराबाद पब्लिक स्कूल पर गंभीर आरोप
कविता ने हैदराबाद पब्लिक स्कूल के कामकाज पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति कथित तौर पर 14 वर्षों से पद पर बना हुआ है और नए लोगों को भ्रष्ट तरीकों की ट्रेनिंग दे रहा है, जो निगरानी तंत्र की गंभीर विफलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व छात्रों और सत्या नडेला जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा दिए गए दान का कोई पारदर्शी हिसाब-किताब उपलब्ध नहीं है।
ज़मीन पर अवैध कब्ज़े का आरोप
कविता ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के रिश्तेदार और अन्य लोग स्कूल परिसर की 30 एकड़ ज़मीन पर कथित तौर पर अवैध कब्ज़े की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं और सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आगे क्या होगा
कविता ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार फीस रीइंबर्समेंट आदेश वापस नहीं लेती और कॉलेजों को बकाया राशि नहीं चुकाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने हैदराबाद पब्लिक स्कूल के समग्र कामकाज की स्वतंत्र जाँच की माँग की और तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया।