13 जुलाई 2026
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पंजाब में निजी स्कूल फीस पर 5% की सीमा लागू, राज्यपाल कटारिया ने अध्यादेश 2026 पर किए हस्ताक्षर

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पंजाब में निजी स्कूल फीस पर 5% की सीमा लागू, राज्यपाल कटारिया ने अध्यादेश 2026 पर किए हस्ताक्षर

सारांश

पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर लगाम लग गई है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के हस्ताक्षर के बाद 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2026' लागू हो गया है — अब कोई भी निजी स्कूल सालाना 5% से ज़्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेगा।

मुख्य बातें

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने 13 जुलाई 2026 को 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2026' पर हस्ताक्षर किए।
अब पंजाब का कोई भी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल एक वर्ष में 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर राज्यपाल का आभार जताया और शिक्षा को व्यापार न बनने देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
AAP नेता आदिल अहमद खान समेत पार्टी ने इसे 'फीस माफिया' पर सीधी रोक बताया।
यह अध्यादेश लाखों अभिभावकों को निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि से राहत देगा।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने 13 जुलाई 2026 को 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2026' पर हस्ताक्षर कर दिए, जिसके बाद यह अध्यादेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। इस कानूनी बदलाव के तहत अब पंजाब का कोई भी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल एक शैक्षणिक वर्ष में 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा।

अध्यादेश में क्या है मुख्य प्रावधान

नए अध्यादेश के अनुसार, राज्य के सभी निजी अनएडेड शिक्षण संस्थानों पर वार्षिक फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा 5 प्रतिशत तय कर दी गई है। इससे पहले स्कूल प्रबंधन बिना किसी नियामकीय बाधा के अभिभावकों पर मनमाना वित्तीय बोझ डालते थे। यह प्रावधान सभी कक्षाओं और सभी प्रकार के शुल्कों पर लागू होगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'पंजाब के बच्चों और अभिभावकों के हित में हमारे द्वारा लिए गए अहम फैसले का समर्थन करने के लिए माननीय राज्यपाल का हार्दिक धन्यवाद।' मान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार शिक्षा को व्यावसायिक उद्यम नहीं बनने देगी और आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ घटाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता आदिल अहमद खान ने भी एक्स पर इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय 'फीस माफिया की मनमानी' पर सीधी रोक है और शिक्षा को हर बच्चे का अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम है। AAP ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी इस अध्यादेश को अभिभावकों के लिए 'बड़ी राहत' बताया।

आम जनता और अभिभावकों पर असर

पंजाब में हज़ारों निजी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के अभिभावकों को इस अध्यादेश से सीधा लाभ मिलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब महंगाई के दौर में निजी स्कूलों की बेतहाशा फीस वृद्धि अभिभावकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी थी। गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में निजी स्कूल फीस नियमन की माँग लंबे समय से उठती रही है, और पंजाब इस दिशा में कानूनी ढाँचा लागू करने वाले प्रमुख राज्यों में शामिल हो गया है।

आगे की राह

अध्यादेश के लागू होने के बाद राज्य सरकार को इसके क्रियान्वयन और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करना होगा, ताकि स्कूल अन्य शुल्कों के नाम पर इस सीमा को दरकिनार न कर सकें। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नियमन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि शिकायत निवारण प्रणाली कितनी प्रभावी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — कई राज्यों में इस तरह के नियमन के बावजूद स्कूल 'विकास शुल्क', 'गतिविधि शुल्क' जैसे नामों से अतिरिक्त वसूली जारी रखते हैं। अध्यादेश में यह स्पष्ट नहीं है कि इन सहायक शुल्कों पर भी 5% की सीमा लागू होगी या नहीं। साथ ही, शिकायत निवारण तंत्र की अनुपस्थिति में यह कानून कागज़ी ही रह सकता है। मान सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि नियमन की परिधि व्यापक हो और उल्लंघन पर दंड का प्रावधान कड़ा हो।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब का नया स्कूल फीस अध्यादेश 2026 क्या है?
'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2026' एक कानूनी प्रावधान है जो राज्य के सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की वार्षिक फीस वृद्धि को अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित करता है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने 13 जुलाई 2026 को इस पर हस्ताक्षर किए और यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।
इस अध्यादेश से पंजाब के अभिभावकों को क्या फायदा होगा?
इस अध्यादेश के लागू होने के बाद कोई भी निजी स्कूल एक शैक्षणिक वर्ष में 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा, जिससे लाखों अभिभावकों को मनमानी फीस वृद्धि से सीधी राहत मिलेगी। यह उन परिवारों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो निजी स्कूलों की बढ़ती फीस के कारण आर्थिक दबाव में थे।
क्या यह अध्यादेश सभी निजी स्कूलों पर लागू होगा?
यह अध्यादेश पंजाब के सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त (अनएडेड) शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा। सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल पहले से ही अलग नियामकीय ढाँचे के तहत आते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस अध्यादेश पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर पोस्ट करते हुए राज्यपाल का आभार जताया और कहा कि उनकी सरकार शिक्षा को कारोबार नहीं बनने देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
पंजाब में स्कूल फीस नियमन की ज़रूरत क्यों पड़ी?
पंजाब समेत देशभर में निजी स्कूलों द्वारा हर वर्ष बिना किसी नियामकीय सीमा के फीस में भारी वृद्धि की शिकायतें लंबे समय से आ रही थीं। अभिभावकों के लिए यह आर्थिक बोझ असहनीय होता जा रहा था, जिसके चलते मान सरकार ने इस अध्यादेश के ज़रिए कानूनी हस्तक्षेप किया।
राष्ट्र प्रेस
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