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पंजाब में प्राइवेट स्कूल फीस पर 5% की सीमा, 3 साल की अधिक वसूली होगी रिफंड — केजरीवाल ने बताया ऐतिहासिक

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पंजाब में प्राइवेट स्कूल फीस पर 5% की सीमा, 3 साल की अधिक वसूली होगी रिफंड — केजरीवाल ने बताया ऐतिहासिक

सारांश

पंजाब सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि पर 5% की वार्षिक सीमा तय की और 3 साल में 15% से अधिक वसूली करने वाले स्कूलों को रिफंड के आदेश दिए। केजरीवाल ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए इसे दिल्ली मॉडल का विस्तार कहा और पूरे देश में लागू करने की वकालत की।

मुख्य बातें

पंजाब सरकार ने कानून के जरिए प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि को एक वर्ष में 5% तक सीमित करने का निर्णय लिया।
पिछले 3 वर्षों में 15% से अधिक फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को अभिभावकों को अतिरिक्त राशि रिफंड करनी होगी।
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 5 जून को एक्स पर वीडियो साझा कर इसे 'ऐतिहासिक' फैसला बताया।
केजरीवाल ने दावा किया कि इससे पहले दिल्ली में भी AAP सरकार ने इसी तरह फीस रिफंड करवाई थी।
AAP नेताओं ने इस मॉडल को पूरे देश में लागू करने की माँग की है।

भगवंत मान सरकार ने पंजाब में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर सख्त अंकुश लगाते हुए एक नया कानून लाने की घोषणा की है, जिसके तहत कोई भी निजी स्कूल एक शैक्षणिक वर्ष में 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इसके साथ ही सरकार ने उन स्कूलों को अभिभावकों को धनराशि वापस करने के आदेश जारी किए हैं, जिन्होंने पिछले 3 वर्षों में 15 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि की है।

मुख्य घटनाक्रम

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 5 जून को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए पंजाब सरकार के इस फैसले को 'ऐतिहासिक' करार दिया। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार किसी सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर इस तरह नकेल कसी है।

केजरीवाल ने कहा, 'कभी सुना था कि किसी प्राइवेट स्कूल को आपके बैंक अकाउंट में रिफंड करना पड़ा? पहले दिल्ली में हुआ था, जब हमारी वहाँ सरकार बनी थी और बच्चों की फीस के पैसे रिफंड करवाए थे। अब पंजाब में होने जा रहा है।'

सरकार की कार्रवाई

पंजाब सरकार ने निर्धारित सीमा से अधिक फीस वसूलने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकारी आदेशों के अनुसार, ऐसे स्कूलों को अतिरिक्त वसूली गई राशि सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में वापस करनी होगी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को लेकर अभिभावकों में असंतोष बढ़ रहा है।

आम जनता पर असर

अभिभावक संगठनों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने इस कदम का व्यापक स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगेगा और मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही स्कूल प्रबंधन को फीस निर्धारण के नियमों का पालन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

गौरतलब है कि निजी स्कूलों की बेलगाम फीस वृद्धि वर्षों से अभिभावकों के लिए एक बड़ी समस्या रही है। कई राज्यों में इस मुद्दे पर अदालती लड़ाइयाँ भी चली हैं, लेकिन व्यापक विधायी हस्तक्षेप अब तक सीमित रहा है।

AAP का राष्ट्रीय मॉडल का दावा

AAP नेताओं का कहना है कि पंजाब में लागू किया गया यह मॉडल पूरे देश में अपनाया जाना चाहिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। पार्टी का तर्क है कि शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है और इसे लाभ कमाने का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए।

क्या होगा आगे

प्रस्तावित कानून के संसद में पारित होने के बाद पंजाब के सभी निजी स्कूलों पर यह सीमा बाध्यकारी हो जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ क्या罚 दंडात्मक प्रावधान होंगे, इसका विवरण अभी सरकार की ओर से सार्वजनिक नहीं किया गया है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि क्रियान्वयन तंत्र की मजबूती ही इस नीति की असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — फीस नियंत्रण कानूनों का इतिहास बताता है कि बिना मजबूत निगरानी तंत्र के, स्कूल 'अन्य शुल्कों' के नाम पर वसूली जारी रखते हैं। दिल्ली के 'मॉडल' का हवाला बार-बार दिया जाता है, लेकिन वहाँ भी निजी स्कूलों पर नियंत्रण की सीमाएँ स्पष्ट रही हैं। यह देखना होगा कि पंजाब का प्रस्तावित कानून रिफंड सत्यापन और दंड प्रावधानों को कितनी पारदर्शिता से परिभाषित करता है — वरना यह घोषणा महज चुनावी संदेश बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब सरकार के नए प्राइवेट स्कूल फीस नियम क्या हैं?
पंजाब सरकार एक कानून ला रही है जिसके तहत कोई भी निजी स्कूल एक शैक्षणिक वर्ष में 5% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। पिछले 3 वर्षों में 15% से अधिक फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को अभिभावकों को अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी।
केजरीवाल ने पंजाब के फैसले को ऐतिहासिक क्यों बताया?
अरविंद केजरीवाल का कहना है कि देश में पहली बार किसी सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर इस तरह कानूनी रोक लगाई है और रिफंड के आदेश दिए हैं। उन्होंने इसे दिल्ली में AAP सरकार द्वारा शुरू किए गए मॉडल का विस्तार बताया।
पंजाब में फीस रिफंड किन स्कूलों को देना होगा?
उन निजी स्कूलों को रिफंड देना होगा जिन्होंने पिछले 3 वर्षों में 15% से अधिक फीस बढ़ाई है। सरकार ने ऐसे स्कूलों को अतिरिक्त वसूली गई राशि सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में वापस करने के आदेश जारी किए हैं।
क्या यह मॉडल पूरे देश में लागू होगा?
AAP नेताओं ने माँग की है कि पंजाब का यह मॉडल पूरे देश में अपनाया जाए, ताकि शिक्षा में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। हालाँकि, अन्य राज्यों या केंद्र सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस फैसले से अभिभावकों को क्या फायदा होगा?
अभिभावक संगठनों के अनुसार, इस फैसले से मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर लगाम लगेगी। जिन अभिभावकों ने पिछले 3 साल में अधिक फीस चुकाई है, उन्हें सीधे बैंक खाते में रिफंड मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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