पंजाब कांग्रेस नियुक्तियों पर मनीष तिवारी के बयान का राजेश ठाकुर ने किया बचाव
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब कांग्रेस में नई नियुक्तियों के बाद चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर उनके समर्थन में सामने आए हैं। ठाकुर ने 2 जुलाई को कहा कि तिवारी का बयान युवाओं के लिए प्रेरणादायी है और इसे सकारात्मक नज़रिए से देखा जाना चाहिए।
मनीष तिवारी का विवादित पोस्ट
चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा — 'है बड़ा कोई अवगुण उसमें जिसे कोई हुनर आवे'। उन्होंने आगे कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस ने उन्हें पिछले 45 वर्षों में बहुत कुछ दिया है और उन्होंने अपनी पूरी जवानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) की सेवा में लगाई है। यह पोस्ट पंजाब के लिए नए कार्यकारी अध्यक्ष और चुनाव समितियों की नियुक्ति के बाद आई, जिसमें कथित तौर पर तिवारी को दरकिनार किया गया।
राजेश ठाकुर की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कहा कि पार्टी जिसका जितना योगदान होता है, उसके अनुसार उसके कार्यों की सराहना करती है और उन्हें अवसर देती है। उन्होंने कहा कि नवगठित समिति में उन लोगों को भी जगह दी गई है जो पहले कई कार्यों से वंचित थे — इसलिए इसे सकारात्मक दृष्टि से देखना ज़रूरी है।
तेलंगाना और भाजपा पर ठाकुर का बयान
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर की गई टिप्पणी — कि तेलंगाना की जनता भाजपा को कुचल देगी — का समर्थन करते हुए ठाकुर ने कहा कि तेलंगाना ने पहले भी भाजपा को शिकस्त दी है। उनके अनुसार, नितिन नवीन के अध्यक्ष बनने के बाद से भाजपा का निरंतर क्षय हुआ है।
भारत-पाकिस्तान शांति पत्र पर प्रतिक्रिया
भारत और पाकिस्तान की 117 मशहूर हस्तियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को शांति बहाली की माँग वाले पत्र पर ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 'मोहब्बत का संदेश' पहले से ही इसी दिशा में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को इस संदर्भ में सक्रिय कदम उठाने चाहिए।
श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद पर तीखी टिप्पणी
श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद की जाँच कर रही एसआईटी को 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत दिए जाने पर ठाकुर ने योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले में लीपापोती चाहती है और मोहलत बढ़ाने का मकसद आरोपियों को भागने का मौका देना है। यह मामला अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जाँच से संबंधित है।
पंजाब कांग्रेस में आंतरिक खींचतान और राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी के रुख को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने के संकेत हैं।