पंजाब धमाकों के पीछे ISI की साजिश के संकेत: रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन अनिल गौर ने राजनीतिक बयानबाजी से बचने की दी सलाह

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पंजाब धमाकों के पीछे ISI की साजिश के संकेत: रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन अनिल गौर ने राजनीतिक बयानबाजी से बचने की दी सलाह

सारांश

पंजाब के दोहरे धमाके महज स्थानीय घटना नहीं — रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन अनिल गौर के अनुसार, इसके पीछे ISI की सक्रिय साजिश और खालिस्तानी नैरेटिव को पुनर्जीवित करने की कोशिश है। ड्रोन से नशा तस्करी, फायरिंग और विस्फोट एक ही व्यापक षड्यंत्र के हिस्से हो सकते हैं — और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप इस खेल को और आसान बना रहे हैं।

मुख्य बातें

रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन अनिल गौर ने 6 मई 2025 को पंजाब धमाकों के पीछे ISI की साजिश के संकेत बताए।
कथित तौर पर ड्रोन के ज़रिए नशीले पदार्थों की तस्करी कर खालिस्तानी तत्वों को फिर से सक्रिय करने का प्रयास हो रहा है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के स्तर पर जांच और कार्रवाई की उम्मीद जताई गई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा BJP पर लगाए गए आरोपों को गौर ने अनुचित और देशहित के विरुद्ध बताया।
सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देकर एकजुट होने की अपील की गई।

सेवानिवृत्त रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन अनिल गौर ने 6 मई 2025 को जम्मू से समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पंजाब में हाल ही में हुए दोहरे धमाकों के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका के संकेत मिल रहे हैं। उनके अनुसार, ये घटनाएं एक व्यापक बाहरी साजिश का हिस्सा हो सकती हैं, जिसकी गहन जांच जारी है।

बाहरी साजिश के संकेत

कैप्टन गौर ने कहा कि पंजाब में जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, उनसे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि ISI अब भी राज्य में अस्थिरता फैलाने की कोशिशों में सक्रिय रूप से शामिल है। उन्होंने बताया कि ड्रोन के माध्यम से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही है और इसके ज़रिए कथित खालिस्तानी तत्वों को फिर से सक्रिय करने का प्रयास हो रहा है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि पंजाब में अशांति का माहौल है।

गौर ने कहा कि हाल के दिनों में फायरिंग और विस्फोट जैसी घटनाएं इसी व्यापक साजिश का हिस्सा हो सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के स्तर पर भी कार्रवाई की उम्मीद है।

खालिस्तानी नैरेटिव को हवा देने की कोशिश

रक्षा विशेषज्ञ ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और विदेशों में यह नैरेटिव बनाने की कोशिश हो रही है कि खालिस्तानी तत्व फिर से सक्रिय होकर अलगाववादी मांगों को हवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं के पीछे शामिल लोगों को जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा और सुरक्षा एजेंसियां इसकी तह तक पहुंचेंगी।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है और सीमावर्ती राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

भगवंत मान की बयानबाजी पर आपत्ति

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लगाए गए आरोपों की आलोचना करते हुए कैप्टन गौर ने कहा कि इस तरह की संवेदनशील घटनाओं पर किसी राजनीतिक दल को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब यह व्यापक रूप से माना जा रहा है कि इसके पीछे बाहरी ताकतों की भूमिका हो सकती है, तो घरेलू राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए।

गौर ने चेतावनी दी कि ऐसी बयानबाजी से उन ताकतों को ही लाभ मिलता है जो भारत में अस्थिरता फैलाना चाहती हैं। गौरतलब है कि संवेदनशील सुरक्षा मामलों में राजनीतिक विभाजन से देश की छवि को नुकसान पहुंचता है।

राष्ट्रीय एकता की अपील

कैप्टन गौर ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि देश के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए एकजुट होकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि किसी भी साजिश का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से इस पूरे मामले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि ISI की भूमिका अभी तक जांच एजेंसियों द्वारा आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है — यह एक विशेषज्ञ की राय है, तथ्य नहीं। दूसरी तरफ, भगवंत मान की राजनीतिक बयानबाजी की आलोचना उचित है, लेकिन BJP भी इस संकट को अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने से अछूती नहीं रही है। असली सवाल यह है कि पंजाब में सुरक्षा तंत्र की चूक कहाँ हुई और NIA की जांच कब तक ठोस नतीजे देगी — क्योंकि विशेषज्ञों की राय और राजनीतिक बयानों से आगे बढ़कर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब में हाल ही में हुए धमाके क्या हैं?
पंजाब में हाल ही में दोहरे विस्फोट हुए हैं, जिनकी जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन अनिल गौर के अनुसार, ये घटनाएं एक व्यापक बाहरी साजिश का हिस्सा हो सकती हैं जिसमें ISI की भूमिका के संकेत मिल रहे हैं।
ISI का पंजाब धमाकों से क्या संबंध बताया जा रहा है?
कैप्टन अनिल गौर के अनुसार, ISI ड्रोन के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी कर कथित खालिस्तानी तत्वों को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, यह अभी तक आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
NIA पंजाब धमाकों की जांच कब करेगी?
कैप्टन गौर ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) जल्द ही इस मामले में कार्रवाई करेगी। अभी तक NIA की आधिकारिक जांच शुरू होने की पुष्टि नहीं हुई है।
भगवंत मान ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन धमाकों को लेकर BJP पर आरोप लगाए, जिसकी रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन गौर ने आलोचना की। गौर ने कहा कि संवेदनशील सुरक्षा घटनाओं पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से उन बाहरी ताकतों को फायदा मिलता है जो भारत में अस्थिरता चाहती हैं।
पंजाब में खालिस्तानी गतिविधियाँ फिर से क्यों बढ़ रही हैं?
कैप्टन गौर के अनुसार, भारत और विदेशों में यह नैरेटिव बनाने की कोशिश हो रही है कि खालिस्तानी तत्व फिर से सक्रिय हो रहे हैं। ड्रोन से नशा तस्करी और विस्फोट जैसी घटनाएं इसी कथित साजिश का हिस्सा बताई जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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