पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज, गुरुग्राम जेल में बंद रहेंगे
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है — अदालत ने 16 अक्टूबर 2026 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी के बाद से वह गुरुग्राम की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
संजीव अरोड़ा अप्रैल 2022 से जुलाई 2025 तक राज्यसभा सांसद रहे हैं। वह मेसर्स हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) — जिसे पहले रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था — के पूर्व चेयरमैन और प्रमोटर हैं। ईडी ने उन्हें HSRL के मोबाइल फोन एक्सपोर्ट कारोबार में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद 23 जून को जमानत याचिका दाखिल की गई थी, और तब से अदालत में इस पर लंबी बहस चलती रही। अब हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है, जिससे अरोड़ा की जेल से रिहाई की राह और कठिन हो गई है।
मुख्य आरोप
मामला मई 2023 से अक्टूबर 2023 के बीच की उन गतिविधियों से जुड़ा है, जब HSRL ने 43 शिपमेंट में लगभग ₹102.50 करोड़ के Apple और Samsung डिवाइस संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खरीदारों को एक्सपोर्ट किए थे। कंपनी ने इन लेनदेन पर जीएसटी रिफंड और कस्टम ड्यूटी ड्रॉबैक का दावा भी किया था।
गौरतलब है कि टैक्स अधिकारियों ने इन दावों को चुनौती दी और ₹2 करोड़ से अधिक का जीएसटी रिफंड अंततः नवंबर 2024 में खारिज कर दिया गया।
याचिका में क्या कहा गया
अरोड़ा की जमानत याचिका में तर्क दिया गया कि मामले ने आपराधिक मोड़ तब लिया जब HSRL ने खुद मई 2025 में कमाल अहमद, अजहर हैदर उर्फ मोंटी और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत में शेल कंपनियों के जरिए फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का आरोप लगाया गया था। बचाव पक्ष का तर्क था कि अरोड़ा स्वयं कथित धोखाधड़ी के पीड़ित हैं, न कि सूत्रधार।
हाईकोर्ट का निर्णय और आगे की राह
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसका अर्थ है कि संजीव अरोड़ा अब भी भोंडसी जेल, गुरुग्राम में बंद रहेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में सख्त रुख अपना रही है और अदालतें जटिल वित्तीय अपराधों में जमानत देने में सतर्कता बरत रही हैं। अब उनके पास सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का विकल्प खुला है।