16 अक्टूबर 2026
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज, गुरुग्राम जेल में बंद रहेंगे

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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज, गुरुग्राम जेल में बंद रहेंगे

सारांश

पूर्व राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका — जमानत याचिका खारिज। ₹102.50 करोड़ के Apple-Samsung मोबाइल एक्सपोर्ट मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की गिरफ्त में आए अरोड़ा गुरुग्राम की भोंडसी जेल में बंद रहेंगे।

मुख्य बातें

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2026 को पूर्व राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज की।
अरोड़ा HSRL के मोबाइल फोन एक्सपोर्ट कारोबार में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुग्राम की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
मामला मई–अक्टूबर 2023 के बीच 43 शिपमेंट में ₹102.50 करोड़ के Apple और Samsung डिवाइस UAE को एक्सपोर्ट करने से जुड़ा है।
₹2 करोड़ से अधिक का जीएसटी रिफंड नवंबर 2024 में खारिज किया जा चुका है।
जमानत याचिका 23 जून को दाखिल की गई थी; अब सर्वोच्च न्यायालय ही अगला विकल्प।

पूर्व राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है — अदालत ने 16 अक्टूबर 2026 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी के बाद से वह गुरुग्राम की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

संजीव अरोड़ा अप्रैल 2022 से जुलाई 2025 तक राज्यसभा सांसद रहे हैं। वह मेसर्स हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) — जिसे पहले रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था — के पूर्व चेयरमैन और प्रमोटर हैं। ईडी ने उन्हें HSRL के मोबाइल फोन एक्सपोर्ट कारोबार में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तारी के बाद 23 जून को जमानत याचिका दाखिल की गई थी, और तब से अदालत में इस पर लंबी बहस चलती रही। अब हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है, जिससे अरोड़ा की जेल से रिहाई की राह और कठिन हो गई है।

मुख्य आरोप

मामला मई 2023 से अक्टूबर 2023 के बीच की उन गतिविधियों से जुड़ा है, जब HSRL ने 43 शिपमेंट में लगभग ₹102.50 करोड़ के Apple और Samsung डिवाइस संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खरीदारों को एक्सपोर्ट किए थे। कंपनी ने इन लेनदेन पर जीएसटी रिफंड और कस्टम ड्यूटी ड्रॉबैक का दावा भी किया था।

गौरतलब है कि टैक्स अधिकारियों ने इन दावों को चुनौती दी और ₹2 करोड़ से अधिक का जीएसटी रिफंड अंततः नवंबर 2024 में खारिज कर दिया गया।

याचिका में क्या कहा गया

अरोड़ा की जमानत याचिका में तर्क दिया गया कि मामले ने आपराधिक मोड़ तब लिया जब HSRL ने खुद मई 2025 में कमाल अहमद, अजहर हैदर उर्फ मोंटी और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत में शेल कंपनियों के जरिए फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का आरोप लगाया गया था। बचाव पक्ष का तर्क था कि अरोड़ा स्वयं कथित धोखाधड़ी के पीड़ित हैं, न कि सूत्रधार।

हाईकोर्ट का निर्णय और आगे की राह

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसका अर्थ है कि संजीव अरोड़ा अब भी भोंडसी जेल, गुरुग्राम में बंद रहेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में सख्त रुख अपना रही है और अदालतें जटिल वित्तीय अपराधों में जमानत देने में सतर्कता बरत रही हैं। अब उनके पास सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का विकल्प खुला है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें ईडी द्वारा दायर मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में अदालतें जमानत देने में लगातार सख्त रुख अपना रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्व सांसदों और कॉर्पोरेट प्रमोटरों के खिलाफ वित्तीय अपराधों की जाँच तेज हो रही है। बचाव पक्ष का 'HSRL खुद पीड़ित है' वाला तर्क दिलचस्प है, लेकिन अदालत ने इसे नहीं माना — जो दर्शाता है कि जटिल कर-धोखाधड़ी मामलों में 'पीड़ित या अभियुक्त' की रेखा अभी भी विवादास्पद है। अब नज़रें सर्वोच्च न्यायालय पर होंगी।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजीव अरोड़ा कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
संजीव अरोड़ा अप्रैल 2022 से जुलाई 2025 तक राज्यसभा सदस्य रहे और HSRL (पूर्व में रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड) के पूर्व चेयरमैन हैं। उन पर आरोप है कि HSRL ने मई–अक्टूबर 2023 के बीच ₹102.50 करोड़ के Apple और Samsung डिवाइस UAE को निर्यात कर जीएसटी रिफंड और कस्टम ड्यूटी ड्रॉबैक में कथित अनियमितताएँ कीं।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत याचिका क्यों खारिज की?
हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2026 को जमानत याचिका खारिज कर दी, हालाँकि अदालत ने विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराए हैं। याचिका 23 जून को दाखिल हुई थी और महीनों बहस चलती रही।
HSRL मनी लॉन्ड्रिंग मामला क्या है?
यह मामला मई से अक्टूबर 2023 के बीच 43 शिपमेंट में ₹102.50 करोड़ के मोबाइल डिवाइस UAE को निर्यात करने से जुड़ा है। कंपनी ने जीएसटी रिफंड और कस्टम ड्यूटी ड्रॉबैक का दावा किया, जिसे टैक्स अधिकारियों ने चुनौती दी और ₹2 करोड़ से अधिक का जीएसटी रिफंड नवंबर 2024 में खारिज कर दिया गया।
संजीव अरोड़ा अभी कहाँ हैं और आगे क्या होगा?
संजीव अरोड़ा फिलहाल गुरुग्राम की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद अब उनके पास सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने का विकल्प बचा है।
HSRL ने खुद किसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी?
HSRL ने मई 2025 में कमाल अहमद, अजहर हैदर उर्फ मोंटी और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें शेल कंपनियों के जरिए फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का आरोप लगाया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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