पंजाब सरकारी स्कूलों के 881 छात्रों ने नीट-यूजी 2026 पास किया, 2024 से दोगुनी सफलता: भगवंत मान
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 19 जुलाई 2026 को घोषणा की कि राज्य के सरकारी स्कूलों के 881 विद्यार्थियों ने इस वर्ष नीट-यूजी 2026 परीक्षा उत्तीर्ण की है — जो 2024 के 437 के आँकड़े से लगभग दोगुना है। मान ने इसे 'पंजाब शिक्षा क्रांति' की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, 'पंजाब शिक्षा क्रांति की शानदार उपलब्धि! पंजाब के सरकारी स्कूलों के 881 विद्यार्थियों ने इस साल नीट पास करके नया इतिहास रचा है। 2024 में यह संख्या 437 थी। यह सफलता शिक्षा क्रांति, अध्यापकों की मेहनत और विद्यार्थियों के समर्पण का नतीजा है।' उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को 'दिल से मुबारकबाद' दी।
लुधियाना के आर्यन गुप्ता: ऑल इंडिया रैंक 1
मान ने विशेष रूप से लुधियाना के 17 वर्षीय आर्यन गुप्ता को बधाई दी, जिन्होंने नीट-यूजी में 715 अंक के साथ ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की। हरियाणा के पांशुल बंसल भी समान 715 अंक के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहे। मान ने कहा कि परीक्षा रद्द होने की निराशा को ताकत बनाकर आर्यन ने साबित किया कि मेहनत और लगन के आगे कोई मंजिल दूर नहीं।
नीट-यूजी 2026 के राष्ट्रीय आँकड़े
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 16 जुलाई 2026 को नीट-यूजी 2026 का परिणाम घोषित किया। इस वर्ष देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों पर करीब 20 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार सफल रहे और वे MBBS, BDS, आयुष तथा अन्य संबद्ध स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के पात्र बने।
NTA के आँकड़ों के अनुसार, 720 में से 690 से अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 138 रही। 700 से अधिक अंक पाने वाले 19 उम्मीदवार रहे, जबकि 650 या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले 1,492 अभ्यर्थी थे। 93 प्रतिशत से अधिक शीर्ष प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थी पहली बार परीक्षा में शामिल हुए थे, और 99 प्रतिशत टॉप रैंकर्स की आयु 17 से 19 वर्ष के बीच है।
पंजाब शिक्षा क्रांति का संदर्भ
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने पंजाब में सत्ता में आने के बाद से सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढाँचे और शिक्षण गुणवत्ता सुधार को प्राथमिकता दी है। नीट उत्तीर्ण छात्रों की संख्या में दो वर्षों में लगभग दोगुनी वृद्धि — 437 से 881 — इस नीति की व्यावहारिक परीक्षा के रूप में सामने आई है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी बनाम निजी स्कूलों के बीच शैक्षणिक अंतर को लेकर बहस जारी है।
आगे क्या
सफल अभ्यर्थी अब काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेंगे, जिसके ज़रिए MBBS और अन्य पाठ्यक्रमों में सीट आवंटन होगा। पंजाब सरकार के लिए यह आँकड़ा राज्य के सरकारी शिक्षा मॉडल को और मज़बूती से प्रस्तुत करने का अवसर है।