क्या आपने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती मनाई?

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क्या आपने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती मनाई?

सारांश

पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह ने उनके योगदान को याद किया। अटल जी के विचार और कार्य आज भी प्रेरित करते हैं। आइए, उनके जीवन पर एक नज़र डालते हैं।

मुख्य बातें

अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान भारतीय राजनीति में अविस्मरणीय है।
उनकी राजनीतिक दृष्टि ने भारत को नई दिशा दी।
वाजपेयी जी के विचार आज भी प्रेरणा देते हैं।

नई दिल्ली, २५ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की १०१वीं जन्म जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अनेक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री व भाजपा के संस्थापक भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से नमन करता हूं। अटल ने भाजपा की स्थापना से भारतीय राजनीति को देशहित और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को सर्वोपरि रखने वाला राजनीतिक विकल्प दिया।"

उन्होंने आगे लिखा कि भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाना हो या सुशासन को चरितार्थ करना हो, उनके नेतृत्व में एनडीए सरकार ने विरासत व विज्ञान को एकसाथ आगे बढ़ाने का गवर्नेंस मॉडल देश के सामने रखा। अटल भारतीय राजनीति में लोकसेवा और संगठन शक्ति के ऐसे सशक्त हस्ताक्षर हैं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।

जेपी नड्डा ने लिखा, "करोड़ों कार्यकर्ताओं के प्रेरणापुरुष, भारतीय राजनीति के अजातशत्रु, सुशासन की प्रतिमूर्ति, 'भारत रत्न', पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती पर उन्हें कोटिश: नमन करता हूं। श्रद्धेय अटल ने सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना से लेकर करोड़ों कार्यकर्ताओं को गढ़ते हुए राष्ट्रवाद की चेतना जागृत की।"

उन्होंने आगे लिखा, “देश के प्रधानमंत्री रहते हुए उनके कार्यकाल में पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध में भारत की विजय से विश्व पटल पर भारत की सामरिक शक्ति का साक्षात्कार हुआ। राष्ट्रोत्थान, सुशासन और गरीब कल्याण के उनके महान विचार और कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ निर्माण के संकल्प को सदैव नई ऊर्जा प्रदान करते रहेंगे।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें स्मरण करते हुए नमन करता हूं। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन की श्रेष्ठ परंपराओं का प्रतीक रहा। अटल के दूरदर्शी नेतृत्व ने जवाबदेही, पारदर्शिता और समावेशी विकास पर आधारित सुशासन की ऐसी मिसाल पेश की, जो आज भी भारत को दिशा देती है।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, "सुशासन के शाश्वत आदर्श, सहजता एवं सहृदयता के प्रतीक, हमारे प्रेरणा पुरुष, पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं प्रदेश वासियों को 'सुशासन दिवस' की हार्दिक बधाई। 'राजनेता' से 'राष्ट्रनेता' तक उनकी यशस्वी यात्रा अभिनंदनीय है।"

उन्होंने आगे लिखा कि उनकी नीति में दूरदृष्टि थी, नेतृत्व में सेवा भाव था और निर्णयों में राजनीतिक कुशलता थी। मां भारती के मस्तक को ऊंचा करने एवं राष्ट्र की उन्नति में उन्होंने अपना जीवन अर्पित कर दिया, लोकतंत्र के प्रति उनकी अगाध आस्था वंदनीय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक ऐसा प्रेरणास्त्रोत है जो हर भारतीय के दिल में बसा है। उनकी दूरदर्शिता और सुशासन की नीति ने भारत को नई दिशा दी। उनकी जयंती पर हम सभी को उनके योगदान को याद करना चाहिए और आगे बढ़ने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म कब हुआ?
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म २५ दिसंबर १९२४ को हुआ था।
अटल बिहारी वाजपेयी को कौन सा पुरस्कार मिला?
उन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न , २००५ में प्रदान किया गया।
अटल बिहारी वाजपेयी की प्रमुख नीतियाँ क्या थीं?
उनकी प्रमुख नीतियों में सुशासन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विकास शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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