20 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने LBSNAA में 2024 बैच के IAS प्रशिक्षुओं को दिया 'सेवा-भाव' का मंत्र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने LBSNAA में 2024 बैच के IAS प्रशिक्षुओं को दिया 'सेवा-भाव' का मंत्र

सारांश

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मसूरी के LBSNAA में 2024 बैच के IAS प्रशिक्षुओं को नैतिकता, टीमवर्क और AI जैसी नई तकनीकों को अपनाने का संदेश दिया — यह संबोधन उस पीढ़ी के लिए था जो 'विकसित भारत 2047' की नींव रखेगी।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 20 अगस्त को LBSNAA, मसूरी में 2024 बैच के IAS प्रशिक्षुओं के दूसरे चरण के प्रशिक्षण के समापन समारोह को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि नेतृत्व क्षमता को पद से नहीं, बल्कि नैतिक आचरण से मापा जाता है।
'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर अधिकारियों से अंतिम छोर तक समावेशी विकास सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
AI, NLP, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन को प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए अपनाने का आह्वान किया।
'सेवा-भाव और कर्तव्य-बोध' को अधिकारियों का मूल मंत्र बनाने पर बल दिया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 20 अगस्त 2026 को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में 2024 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों के दूसरे चरण के प्रशिक्षण के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने युवा अधिकारियों से 'सेवा-भाव और कर्तव्य-बोध' को अपना मूल मंत्र बनाने का आग्रह किया और चरित्र तथा ईमानदारी को जन-सेवा की बुनियाद बताया।

मुख्य संदेश: नैतिकता और नेतृत्व

उपराष्ट्रपति कार्यालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, राधाकृष्णन ने कहा कि सिविल सेवाएँ देश के विकास में अहम भूमिका निभाती हैं और नीति-निर्माण तथा उसके जमीनी क्रियान्वयन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'सच्ची नेतृत्व क्षमता को सत्ता या पद से नहीं, बल्कि मुश्किल हालात में भी नैतिक रूप से काम करने की क्षमता से मापा जाता है।'

यह संदेश ऐसे समय में आया है जब प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा हो रही है। गौरतलब है कि LBSNAA का यह समापन समारोह हर बैच के लिए एक निर्णायक पड़ाव होता है, जहाँ अधिकारी फील्ड पोस्टिंग से पहले अंतिम दिशा-निर्देश प्राप्त करते हैं।

विकसित भारत 2047 और समावेशी विकास

'विकसित भारत 2047' की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए राधाकृष्णन ने अधिकारियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि विकास का लाभ अंतिम छोर तक पहुँचे और कोई भी नागरिक इससे वंचित न रहे। उन्होंने समावेशी प्रशासन को केवल नीतिगत लक्ष्य नहीं, बल्कि एक नैतिक दायित्व बताया।

टीमवर्क और संस्थागत निरंतरता पर जोर

राधाकृष्णन ने युवा अधिकारियों को सलाह दी कि वे व्यक्तिगत या समूह-विशेष की सफलता की बजाय पूरी टीम की सामूहिक सफलता को प्राथमिकता दें। उन्होंने एकजुट टीमें बनाने, सहकर्मियों का मनोबल बढ़ाने और अपने पूर्ववर्ती अधिकारियों द्वारा शुरू किए गए सकारात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रौद्योगिकी अपनाने का आह्वान

उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP), मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन जैसी नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया, ताकि प्रशासनिक कार्यों में गति, पारदर्शिता और नागरिक-सेवाओं की पहुँच बेहतर हो सके। उन्होंने निरंतर सीखते रहने और बदलते हालात के अनुसार ढलने को आधुनिक प्रशासन की अनिवार्यता बताया।

आगे की राह

समापन समारोह के बाद 2024 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी अपनी-अपनी राज्य कैडर पोस्टिंग पर जाएँगे, जहाँ उन्हें जिला स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ सँभालनी होंगी। LBSNAA में मिले इस प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की कसौटी अब जमीनी हकीकत में परखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु असली सवाल यह है कि LBSNAA की दीवारों के भीतर दिए गए ये मूल्य फील्ड पोस्टिंग की राजनीतिक और प्रशासनिक जटिलताओं में कितने टिकाऊ साबित होते हैं। AI और ब्लॉकचेन अपनाने का आह्वान सराहनीय है, लेकिन जिला स्तर पर डिजिटल बुनियादी ढाँचे की कमी एक व्यावहारिक बाधा है जिसका जिक्र नहीं हुआ। 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य तभी साकार होगा जब नैतिकता के ये पाठ केवल समारोहों तक सीमित न रहें, बल्कि जवाबदेही के ठोस तंत्र से जुड़ें।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने LBSNAA में क्या कहा?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने 2024 बैच के IAS प्रशिक्षुओं से 'सेवा-भाव और कर्तव्य-बोध' को अपना मूल मंत्र बनाने का आग्रह किया। उन्होंने नैतिक आचरण, टीमवर्क और AI जैसी नई तकनीकों को अपनाने पर विशेष बल दिया।
LBSNAA में 2024 बैच के IAS प्रशिक्षण का दूसरा चरण क्या होता है?
LBSNAA, मसूरी में IAS प्रशिक्षण दो चरणों में होता है — पहले चरण में बुनियादी प्रशासनिक प्रशिक्षण और दूसरे चरण में जिला अनुभव के बाद की उन्नत तैयारी शामिल है। दूसरे चरण का समापन समारोह अधिकारियों की राज्य कैडर पोस्टिंग से पहले का अंतिम पड़ाव होता है।
'विकसित भारत 2047' में IAS अधिकारियों की भूमिका क्या है?
उपराष्ट्रपति के अनुसार, IAS अधिकारी नीति-निर्माण और उसके जमीनी क्रियान्वयन के बीच की कड़ी हैं। 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को पाने के लिए उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर तक समावेशी रूप से पहुँचे।
उपराष्ट्रपति ने IAS अधिकारियों को किन तकनीकों को अपनाने की सलाह दी?
राधाकृष्णन ने अधिकारियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP), मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन को अपनाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि ये तकनीकें प्रशासनिक कार्यों में गति, पारदर्शिता और नागरिक-सेवाओं की पहुँच को बेहतर बना सकती हैं।
2024 बैच के IAS अधिकारी LBSNAA प्रशिक्षण के बाद कहाँ जाएँगे?
समापन समारोह के बाद 2024 बैच के प्रशिक्षु IAS अधिकारी अपनी-अपनी राज्य कैडर पोस्टिंग पर जाएँगे। वहाँ उन्हें जिला स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ सँभालनी होंगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले