राहुल-अखिलेश पर भूपेंद्र सिंह चौधरी का हमला: 'परिवारवादी राजनीति बनाम राष्ट्र-प्रथम एजेंडा'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने 7 नवंबर 2026 को मुरादाबाद में कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव केवल अपने-अपने परिवारों की राजनीतिक विरासत बचाने में लगे हैं, जबकि भाजपा-नेतृत्व वाली सरकारों की प्राथमिकता देश और देशवासी हैं। चौधरी ने यह बयान भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा राहुल गांधी और अखिलेश यादव को 'युवराज' कहे जाने के बाद उनके समर्थन में दिया।
परिवारवाद पर सीधा निशाना
चौधरी ने कहा कि यह बात किसी से छिपी नहीं कि राहुल गांधी अपने परिवार की राजनीतिक विरासत बचाने के लिए लड़ रहे हैं और देश के आम नागरिकों का हित कभी भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के एजेंडे का हिस्सा नहीं रहा। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने 'गरीबी हटाओ' का नारा देकर कई चुनाव जीते, लेकिन गरीब खत्म हो गए और गरीबी बनी रही।'
अखिलेश यादव के बारे में उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख का पूरा परिवार और कुनबा राजनीति में सक्रिय है — सांसदों से लेकर जिला पंचायत अध्यक्षों और अन्य जन प्रतिनिधियों तक। चौधरी के अनुसार, उनकी प्राथमिकता परिवार है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकारों की प्राथमिकता राष्ट्र है।
माफिया राज और रोज़गार का मुद्दा
नितिन नवीन के 'माफिया' वाले बयान का उल्लेख करते हुए चौधरी ने आरोप लगाया कि सपा की पिछली सरकार के दौरान हर जिले में माफिया राज कायम रहा, जो किसी से छिपा नहीं था। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने युवाओं को बड़ी संख्या में रोज़गार दिया है और उत्तर प्रदेश में पलायन सबसे कम हुआ है। चौधरी ने कहा कि अब बाहर से लोग यूपी में रोज़गार के अवसर तलाश रहे हैं, जबकि सपा की सरकारों में रोज़गार के लिए लोगों को अपना प्रदेश छोड़ना पड़ता था।
पीडीए नारे पर तंज
चौधरी ने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर भी तीखा तंज कसा। उनके अनुसार, सपा प्रमुख बार-बार अपना एजेंडा बदलते हैं और वोट बैंक की राजनीति में इस कदर उलझे हैं कि वे भ्रमित हो चुके हैं।
विकास के दावे और सरकार की प्राथमिकताएँ
मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र और राज्य सरकारों ने जो काम किए हैं, वे ज़मीन पर दिखाई देते हैं। उन्होंने अच्छी सड़कों, एक्सप्रेसवे, उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में बने हवाई अड्डों, वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों और मेट्रो रेल के विस्तार का उल्लेख किया। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी माहौल के बीच भाजपा और सपा के बीच सियासी तल्खी बढ़ती जा रही है।
चौधरी का यह बयान भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है जिसमें विपक्षी दलों को 'परिवारवादी' बताकर अपनी 'राष्ट्र-प्रथम' छवि मज़बूत की जाती है। आने वाले दिनों में सपा और कांग्रेस की प्रतिक्रिया इस राजनीतिक बहस को और धार दे सकती है।