बिहार बाढ़ पर राहुल गांधी का हमला: '17 साल की डबल इंजन सरकार ने स्थायी समाधान क्यों नहीं दिया'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिहार की बाढ़ को लेकर केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने 4 अक्टूबर को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए सालाना बाढ़ त्रासदी के लिए 17 वर्षों के शासन में कोई ठोस समाधान न होने पर सवाल उठाए। कोसी, गंडक और बागमती नदियों में उफान के कारण सुपौल, सहरसा, दरभंगा और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में लाखों लोग प्रभावित हैं।
राहुल गांधी ने क्या कहा
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'बिहार में बाढ़ फिर कहर बनकर टूटी है। लाखों लोग प्रभावित हैं, सैकड़ों गांव डूबे हुए हैं। कई लोगों की मौत और लापता होने की खबर है। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'सबसे दुखद बात यह है कि बिहार में यह संकट नया नहीं है। हर साल बाढ़ आती है, मौतें होती हैं, परिवार उजड़ते हैं और लोग पलायन करते हैं। भाजपा की डबल इंजन सरकार बताए कि पिछले 17 साल में इस सालाना त्रासदी से निपटने के लिए क्या किया? जमीन पर क्या बदला? बिहार के लोगों को हर साल राहत और आश्वासन नहीं, स्थायी समाधान चाहिए।'
बाढ़ की मौजूदा स्थिति
इस वर्ष मानसून के बाद नेपाल से छोड़े गए पानी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कोसी, गंडक और बागमती नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे सुपौल, सहरसा, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जिलों में भारी तबाही हुई है। लाखों की आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम जारी बताया जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में बाढ़ प्रबंधन लंबे समय से राजनीतिक विवाद का विषय रहा है। आँकड़ों के अनुसार, बिहार देश के उन राज्यों में से एक है जो प्रतिवर्ष सबसे अधिक बाढ़-प्रभावित होता है।
कांग्रेस का आरोप
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का कहना है कि पिछले 17 वर्षों में बिहार में अधिकतर समय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार रही है, बावजूद इसके बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस योजना ज़मीन पर नहीं उतर सकी। पार्टी के अनुसार, हर साल राहत सामग्री वितरण और हवाई सर्वेक्षण तक ही सरकारी कार्रवाई सीमित रह जाती है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी विपक्षी नेता ने बिहार बाढ़ को स्थायी राजनीतिक विफलता के रूप में रेखांकित किया हो। पिछले कई वर्षों से राज्य में बाढ़-राहत बनाम बाढ़-नियंत्रण की बहस चलती आ रही है।
BJP का पक्ष
BJP नेताओं ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि सरकार राहत एवं बचाव अभियान में पूरी तरह जुटी हुई है। उनके अनुसार केंद्र की ओर से राज्य को हरसंभव सहायता भेजी जा रही है और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।
आगे क्या होगा
राहुल गांधी की इस पोस्ट के बाद बिहार की सियासत तेज़ हो गई है और विपक्ष राज्य सरकार तथा केंद्र पर बाढ़ प्रबंधन को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। यह मामला आने वाले दिनों में संसद और सार्वजनिक बहस में और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि बाढ़ का पानी अभी भी नहीं उतरा है और प्रभावित आबादी की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।