राहुल गांधी चेन्नई में फैला रहे वोट चोरी की झूठी कहानी: शिवसेना के संजय निरुपम का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने 11 अक्टूबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी बयानों पर तीखा पलटवार किया। निरुपम ने आरोप लगाया कि गांधी चेन्नई दौरे में भी यही 'झूठी कहानी' फैला रहे थे और तमिलनाडु के युवाओं से अहम तथ्य छिपा रहे थे।
चेन्नई दौरे पर निरुपम का आरोप
निरुपम ने कहा, 'राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई में थे और वहाँ भी वोट चोरी की अपनी झूठी कहानी फैला रहे थे। उन्होंने वहाँ एसआईआर (SIR) के खिलाफ बहुत जहर उगला, लेकिन वे यह बताना भूल गए — या जानबूझकर तमिलनाडु के युवाओं से यह बात छिपाई — कि तमिलनाडु में मौजूदा सरकार, जिसमें उनकी अपनी पार्टी भी शामिल है, एसआईआर के बाद बनी थी।'
निरुपम के अनुसार, इसका अर्थ यह है कि तमिलनाडु में एसआईआर प्रक्रिया पूरी ईमानदारी और कानूनी ढंग से लागू की गई थी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कोई सीट नहीं मिली, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) को जनता ने सत्ता से बाहर किया और फिल्म अभिनेता विजय की नई पार्टी के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) ने सत्ता में साझेदारी की।
सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया
दिल्ली में सीजेपी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए निरुपम ने कहा कि दिल्ली पुलिस की मनाही के बावजूद सीजेपी ने शनिवार को प्रदर्शन का आह्वान किया था। पुलिस ने संगठन के शीर्ष तीन नेताओं को उनकी फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया और समर्थकों को जंतर-मंतर पहुँचने से पहले ही रोक लिया।
निरुपम ने कहा कि सीजेपी नेता 'बड़े पैमाने पर भारत के युवाओं को उकसा रहे हैं, उनकी भावनाओं को भड़का रहे हैं और दिल्ली में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जो निश्चित रूप से आपत्तिजनक है।' साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकार से असहमति का अधिकार है।
नवरात्रि पर शुभकामनाएँ और सांस्कृतिक संदेश
निरुपम ने शारदीय नवरात्रि के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि मुंबई में नवरात्रि पर अलग-अलग मंडप सजाए जाते हैं, गरबा और डांडिया की परंपरागत हिंदू परंपरा सदियों से चली आ रही है।
गैर-हिंदुओं की भागीदारी पर उन्होंने कहा कि यदि कोई 'भक्ति भाव' से आता है तो उसका स्वागत होना चाहिए, लेकिन जिनकी 'नियत खराब' हो, उन पर नज़र रखी जानी चाहिए और पहचान की जानी चाहिए, ताकि 'हिंदू त्योहारों की पवित्रता बनी रहे और बहनें-बेटियाँ सुरक्षित रहें।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और सत्तापक्ष के बीच वाकयुद्ध तेज हो गया है। गौरतलब है कि राहुल गांधी लगातार कई राज्यों में जनसभाओं के माध्यम से एसआईआर पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ खेमे के नेता इसे 'भ्रामक प्रचार' करार दे रहे हैं। इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है।