11 अक्टूबर 2026
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राहुल गांधी चेन्नई में फैला रहे वोट चोरी की झूठी कहानी: शिवसेना के संजय निरुपम का पलटवार

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राहुल गांधी चेन्नई में फैला रहे वोट चोरी की झूठी कहानी: शिवसेना के संजय निरुपम का पलटवार

सारांश

शिवसेना के संजय निरुपम ने राहुल गांधी पर चेन्नई में वोट चोरी की 'झूठी कहानी' फैलाने का आरोप लगाते हुए तमिलनाडु का उदाहरण दिया — जहाँ कांग्रेस खुद एसआईआर के बाद बनी सरकार में शामिल है। साथ ही उन्होंने दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को 'युवाओं को उकसाने की कोशिश' बताया।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 11 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के वोट चोरी के बयानों पर तीखा पलटवार किया।
निरुपम का आरोप — गांधी ने चेन्नई में तमिलनाडु के युवाओं से यह तथ्य छिपाया कि कांग्रेस स्वयं एसआईआर के बाद बनी सरकार में भागीदार है।
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के शीर्ष तीन नेताओं को फ्लाइट से ही गिरफ्तार कर लिया, जंतर-मंतर प्रदर्शन रोका गया।
निरुपम ने शारदीय नवरात्रि पर शुभकामनाएँ देते हुए हिंदू त्योहारों की पवित्रता बनाए रखने पर जोर दिया।
मतदाता सूची पुनरीक्षण ( SIR ) को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच वाकयुद्ध तेज।

शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने 11 अक्टूबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी बयानों पर तीखा पलटवार किया। निरुपम ने आरोप लगाया कि गांधी चेन्नई दौरे में भी यही 'झूठी कहानी' फैला रहे थे और तमिलनाडु के युवाओं से अहम तथ्य छिपा रहे थे।

चेन्नई दौरे पर निरुपम का आरोप

निरुपम ने कहा, 'राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई में थे और वहाँ भी वोट चोरी की अपनी झूठी कहानी फैला रहे थे। उन्होंने वहाँ एसआईआर (SIR) के खिलाफ बहुत जहर उगला, लेकिन वे यह बताना भूल गए — या जानबूझकर तमिलनाडु के युवाओं से यह बात छिपाई — कि तमिलनाडु में मौजूदा सरकार, जिसमें उनकी अपनी पार्टी भी शामिल है, एसआईआर के बाद बनी थी।'

निरुपम के अनुसार, इसका अर्थ यह है कि तमिलनाडु में एसआईआर प्रक्रिया पूरी ईमानदारी और कानूनी ढंग से लागू की गई थी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कोई सीट नहीं मिली, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) को जनता ने सत्ता से बाहर किया और फिल्म अभिनेता विजय की नई पार्टी के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) ने सत्ता में साझेदारी की।

सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया

दिल्ली में सीजेपी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए निरुपम ने कहा कि दिल्ली पुलिस की मनाही के बावजूद सीजेपी ने शनिवार को प्रदर्शन का आह्वान किया था। पुलिस ने संगठन के शीर्ष तीन नेताओं को उनकी फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया और समर्थकों को जंतर-मंतर पहुँचने से पहले ही रोक लिया।

निरुपम ने कहा कि सीजेपी नेता 'बड़े पैमाने पर भारत के युवाओं को उकसा रहे हैं, उनकी भावनाओं को भड़का रहे हैं और दिल्ली में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जो निश्चित रूप से आपत्तिजनक है।' साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकार से असहमति का अधिकार है।

नवरात्रि पर शुभकामनाएँ और सांस्कृतिक संदेश

निरुपम ने शारदीय नवरात्रि के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि मुंबई में नवरात्रि पर अलग-अलग मंडप सजाए जाते हैं, गरबा और डांडिया की परंपरागत हिंदू परंपरा सदियों से चली आ रही है।

गैर-हिंदुओं की भागीदारी पर उन्होंने कहा कि यदि कोई 'भक्ति भाव' से आता है तो उसका स्वागत होना चाहिए, लेकिन जिनकी 'नियत खराब' हो, उन पर नज़र रखी जानी चाहिए और पहचान की जानी चाहिए, ताकि 'हिंदू त्योहारों की पवित्रता बनी रहे और बहनें-बेटियाँ सुरक्षित रहें।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और सत्तापक्ष के बीच वाकयुद्ध तेज हो गया है। गौरतलब है कि राहुल गांधी लगातार कई राज्यों में जनसभाओं के माध्यम से एसआईआर पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ खेमे के नेता इसे 'भ्रामक प्रचार' करार दे रहे हैं। इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की राजनीतिक बहस में उचित जगह नहीं मिल रही। नवरात्रि पर 'खराब नियत वाले' गैर-हिंदुओं की पहचान का आह्वान एक ऐसे बयान की श्रेणी में आता है जिसकी व्यापक सामाजिक निहितार्थों की स्वतंत्र जाँच जरूरी है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चेन्नई दौरे में वोट चोरी की 'झूठी कहानी' फैला रहे थे और एसआईआर के बारे में तमिलनाडु के युवाओं से यह तथ्य छिपा रहे थे कि कांग्रेस स्वयं वहाँ एसआईआर के बाद बनी सरकार में शामिल है।
एसआईआर (SIR) क्या है और यह विवाद का केंद्र क्यों है?
एसआईआर यानी मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। विपक्षी दल, विशेषकर राहुल गांधी, इसे 'वोट चोरी' का जरिया बताते हैं, जबकि सत्तापक्ष इसे कानूनी और पारदर्शी प्रक्रिया करार देता है।
दिल्ली में सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन में क्या हुआ?
दिल्ली पुलिस की अनुमति न होने के बावजूद सीजेपी ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। पुलिस ने संगठन के शीर्ष तीन नेताओं को उनकी फ्लाइट से ही गिरफ्तार कर लिया और अन्य समर्थकों को जंतर-मंतर पहुँचने से पहले ही रोक लिया गया।
निरुपम ने नवरात्रि पर गैर-हिंदुओं की भागीदारी पर क्या कहा?
निरुपम ने कहा कि भक्ति भाव से आने वाले गैर-हिंदुओं का स्वागत होना चाहिए, लेकिन जिनकी 'नियत खराब' हो, उनकी पहचान और उन पर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि हिंदू त्योहारों की पवित्रता बनी रहे और महिलाएँ सुरक्षित रहें।
तमिलनाडु में एसआईआर के बाद कौन-सी पार्टी सत्ता में आई?
निरुपम के अनुसार, तमिलनाडु में एसआईआर के बाद हुए चुनाव में डीएमके सत्ता से बाहर हो गई और अभिनेता विजय की नई पार्टी के साथ कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई। भाजपा को उस चुनाव में कोई सीट नहीं मिली।
राष्ट्र प्रेस
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