15 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राहुल गांधी का आचरण लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध, 20 जुलाई हिंसा पर BJP सांसद नरेश बंसल की कड़ी प्रतिक्रिया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राहुल गांधी का आचरण लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध, 20 जुलाई हिंसा पर BJP सांसद नरेश बंसल की कड़ी प्रतिक्रिया

सारांश

BJP सांसद नरेश बंसल ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने को 'अभूतपूर्व और अनुचित' बताया। 20 जुलाई की दिल्ली हिंसा में पुलिसकर्मियों के घायल होने पर उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है — और अब अदालत का रुख ही इस विवाद की अगली दिशा तय करेगा।

मुख्य बातें

BJP सांसद नरेश बंसल ने 31 जुलाई को राहुल गांधी के आचरण को लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रतिकूल बताया।
20 जुलाई के दिल्ली प्रदर्शन में बंसल के अनुसार प्रदर्शनकारियों से अधिक संख्या में पुलिसकर्मी घायल हुए।
बंसल ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर बिना पूर्व सूचना धरना देकर सुरक्षा व्यवस्था को खतरे में डाला।
पीड़ित पुलिसकर्मियों के परिवारों ने मामला सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष रखा है।
अनुराग ठाकुर द्वारा दाखिल विशेषाधिकार नोटिस पर अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष करेंगे।
जंतर-मंतर पर PM मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में एक महिला के विरुद्ध एफआईआर दर्ज।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद नरेश बंसल ने 31 जुलाई को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया आचरण को लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रतिकूल बताते हुए तीखी आलोचना की। उन्होंने नई दिल्ली में 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों को 'बेहद दुखद' करार दिया और कहा कि हिंसा व अराजकता किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती।

राहुल गांधी के बयान पर पलटवार

राहुल गांधी द्वारा यह आरोप लगाए जाने पर कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उन्हें धमकी देकर चुप नहीं करा सकते, बंसल ने इन आरोपों को 'पूरी तरह निराधार' बताया। उनके अनुसार न प्रधानमंत्री मोदी ने और न ही गृह मंत्री शाह ने किसी को कोई धमकी दी है। बंसल ने कहा कि यदि किसी में अहंकार दिखाई देता है, तो वह स्वयं राहुल गांधी हैं।

बंसल ने यह भी रेखांकित किया कि राहुल गांधी छात्र आंदोलन के दौरान एक दिन भी घटनास्थल पर नहीं गए, लेकिन जब सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के ज़रिए समाधान की संभावना बनी, तब वह अपने सांसदों के साथ प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। BJP सांसद के अनुसार यह कदम लोकतांत्रिक इतिहास में 'अभूतपूर्व' था और इससे प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था।

20 जुलाई की हिंसा और पुलिसकर्मियों पर हमला

20 जुलाई को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने और उनके परिवारों द्वारा सार्वजनिक रूप से पीड़ा व्यक्त किए जाने पर बंसल ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब तक छात्र शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे, तब तक न लाठीचार्ज हुआ, न वॉटर कैनन का इस्तेमाल हुआ और न ही आंसू गैस छोड़ी गई।

बंसल के अनुसार आंदोलन में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ हुई, जिन्होंने पथराव और हिंसा कर पूरे आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया। उनके पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार पहले दिन प्रदर्शनकारियों से अधिक संख्या में पुलिसकर्मी घायल हुए — कई के सिर फूट गए और वर्दियाँ खून से लथपथ थीं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष भी अपनी बात रखी है और उम्मीद जताई कि न्यायालय उचित कानूनी कार्रवाई के निर्देश देगा।

विशेषाधिकार नोटिस और संसदीय कार्रवाई

BJP सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लोकसभा अध्यक्ष से राहुल गांधी के विरुद्ध कार्रवाई की माँग और विशेषाधिकार नोटिस के सवाल पर बंसल ने कहा कि विशेषाधिकार नोटिस देना प्रत्येक सांसद का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष का होगा और उनके फैसले का सभी को सम्मान करना चाहिए।

जंतर-मंतर एफआईआर और लोकतांत्रिक मर्यादा

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में एक महिला के विरुद्ध दर्ज एफआईआर पर बंसल ने कहा कि किसी भी निर्वाचित प्रधानमंत्री के प्रति इस प्रकार की भाषा और चित्रों का इस्तेमाल 'पूरी तरह अनुचित' है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों के जनादेश से इस पद पर हैं और पिछले 12 वर्षों में उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति की है। बंसल ने ऐसे कृत्यों की कड़ी निंदा करते हुए कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की माँग की।

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब संसद का सत्र राजनीतिक तनाव के बीच चल रहा है और सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच टकराव के कई मुद्दे एक साथ सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में लोकसभा अध्यक्ष का रुख और सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप महज राजनीतिक बयानबाज़ी बनकर रह जाते हैं। सर्वोच्च न्यायालय की संभावित सुनवाई इस पूरे प्रकरण में पहला तटस्थ मंच होगी।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नरेश बंसल ने राहुल गांधी के आचरण पर क्या कहा?
BJP सांसद नरेश बंसल ने 31 जुलाई को कहा कि राहुल गांधी का आचरण लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर बिना पूर्व सूचना धरने को 'अभूतपूर्व और अनुचित' बताया तथा राहुल गांधी पर अहंकार का आरोप लगाया।
20 जुलाई के दिल्ली प्रदर्शन में क्या हुआ था?
20 जुलाई को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए। नरेश बंसल के अनुसार उनके पास उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों से अधिक संख्या में पुलिसकर्मी घायल हुए और कई की वर्दियाँ खून से लथपथ थीं।
राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस क्यों दिया गया?
BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष से राहुल गांधी के विरुद्ध कार्रवाई की माँग करते हुए विशेषाधिकार नोटिस दिया। नरेश बंसल ने कहा कि यह प्रत्येक सांसद का संवैधानिक अधिकार है और इस पर अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष का होगा।
जंतर-मंतर एफआईआर मामला क्या है?
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक महिला के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। बंसल ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताते हुए कानूनी कार्रवाई का समर्थन किया।
पुलिसकर्मियों के घायल होने का मामला सर्वोच्च न्यायालय तक कैसे पहुँचा?
20 जुलाई की हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों ने सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त की और मामला सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष रखा। नरेश बंसल ने उम्मीद जताई कि न्यायालय पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर उचित कानूनी कार्रवाई के निर्देश देगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले