राहुल गांधी का एक्स पर आह्वान: 'कनॉट प्लेस आइए, साथ चलते हैं' — रामलीला मैदान रैली आज दोपहर 12 बजे
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 1 नवंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के ज़रिए दिल्लीवासियों से रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली में शामिल होने की अपील की। यह रैली चुनाव आयोग के कथित पक्षपाती रवैये के खिलाफ विपक्षी इंडिया ब्लॉक द्वारा आयोजित की जा रही है।
राहुल गांधी का एक्स पर सीधा संदेश
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'दिल्ली, तैयार हो जाओ! वोट बचाओ, देश बचाओ। कनॉट प्लेस आइए, साथ चलते हैं। या सीधे रामलीला मैदान में मिलते हैं, मगर आना जरूर है। आज दोपहर 12 बजे।' इस पोस्ट के ज़रिए उन्होंने समर्थकों को कनॉट प्लेस से मार्च करते हुए या सीधे रामलीला मैदान पहुँचने के दो विकल्प दिए।
एक दिन पहले की अपील: व्यापारियों का भी ख़याल
रैली से एक दिन पहले राहुल गांधी ने एक्स पर एक और पोस्ट में लिखा था, 'नमस्कार, कल लाखों लोग रामलीला मार्च के लिए दिल्ली आ रहे हैं। त्योहारों का मौसम है। दिवाली, छठ, भाईदूज का समय है। मैं चाहता हूं जो लाखों लोग बाहर से दिल्ली आ रहे हैं, वो यहां के व्यापारियों की मदद करें। प्रोटेस्ट, मार्च, रैली कीजिए, साथ में थोड़ी सी खरीदारी भी कीजिए— व्यापारियों का फायदा हो जाएगा।'
गांधी ने यह भी कहा था, 'मैं जानता हूं व्यापारियों को रैली नुकसान नहीं पहुंचाएगी। भाजपा डरी हुई है, इसलिए अफवाह फैला रही है। कल मार्च होगा, रैली होगी और लाखों लोग हमारे व्यापारियों की छोटी-छोटी दुकानों में से सामान खरीदेंगे। शुभ दिवाली। जय हिंद।' यह उल्लेखनीय है कि उन्होंने विरोध-प्रदर्शन को उत्सव के माहौल से जोड़कर एक व्यापक सामाजिक संदेश देने की कोशिश की।
दिल्ली पुलिस की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था
डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने रैली को लेकर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया, 'पुलिस की तैयारी दो तरीके की है। एक हमारा वेन्यू अरेंजमेंट है और दूसरी तैयारी रूट अरेंजमेंट को लेकर है, जो मिंटो ब्रिज से लेकर जेएलएन और फिर चमन लाल मार्ग पर जो मार्च प्रस्तावित है, उसके लिए रूट पर हमारे पुलिसकर्मी तैनात हैं।'
डीसीपी ने स्पष्ट किया कि रामलीला मैदान की आंतरिक क्षमता 45,000 से 50,000 लोगों की है। उन्होंने कहा, 'अगर इससे ज्यादा लोग आएंगे तो हमें यह तय करना होगा कि अंदर भगदड़ जैसी स्थिति न बने। इसलिए बाहर के क्षेत्रों जैसे जवाहरलाल नेहरू मार्ग, आसफ अली मार्ग और चमन लाल मार्ग पर अतिरिक्त भीड़ को समायोजित करना पड़ेगा।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि और महत्व
यह रैली ऐसे समय में आई है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाते रहे हैं। इंडिया ब्लॉक के लिए यह प्रदर्शन एकजुटता का प्रतीक है और राष्ट्रीय राजधानी में इस पैमाने का विपक्षी जमावड़ा लंबे समय बाद देखा जा रहा है। गौरतलब है कि रैली का आयोजन दिवाली के त्योहारी सीज़न के बीच हुआ है, जिससे यातायात और भीड़ प्रबंधन की चुनौतियाँ और बढ़ी हैं।
आगे क्या होगा
रैली के बाद इंडिया ब्लॉक के विभिन्न दलों की संयुक्त प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग पर दबाव की रणनीति स्पष्ट होने की संभावना है। दिल्ली पुलिस ने संकेत दिया है कि यदि भीड़ अनुमान से अधिक रही तो आसपास के मार्गों पर अतिरिक्त व्यवस्था लागू की जाएगी।