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राहुल गांधी मानहानि केस: सुल्तानपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में अंतिम बहस शुरू, 29 सितंबर को अगली सुनवाई

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राहुल गांधी मानहानि केस: सुल्तानपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में अंतिम बहस शुरू, 29 सितंबर को अगली सुनवाई

सारांश

आठ साल पुराना मानहानि मामला अब अंतिम पड़ाव पर है। सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में 21 सितंबर को परिवादी पक्ष की बहस आंशिक रूप से हुई; 29 सितंबर को शेष दलीलें रखी जाएंगी, फिर बचाव पक्ष की बारी होगी।

मुख्य बातें

सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में 21 सितंबर 2026 को राहुल गांधी के मानहानि मामले में अंतिम बहस प्रारंभ हुई।
परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्र के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने 45 से 50 मिनट तक दलीलें रखीं।
अदालत ने शेष बहस के लिए अगली तारीख 29 सितंबर 2026 तय की।
यह मामला 2018 में बेंगलुरु प्रेस कॉन्फ्रेंस में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से संबंधित है।
राहुल गांधी को फरवरी 2024 में जमानत मिली थी; उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया था।
आवाज़ नमूना जाँच की अर्जी ट्रायल कोर्ट, सेशन कोर्ट और उच्च न्यायालय तीनों स्तरों पर खारिज हो चुकी है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मानहानि मामले में सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में सोमवार, 21 सितंबर 2026 को अंतिम बहस की कार्यवाही प्रारंभ हुई। परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्र के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने करीब 45 से 50 मिनट तक अपनी दलीलें रखीं, जिसके बाद अदालत ने शेष बहस के लिए अगली तारीख 29 सितंबर 2026 निर्धारित की। यह मामला वर्ष 2018 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से संबंधित है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से उत्पन्न हुआ, जहाँ राहुल गांधी ने कथित तौर पर गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। भाजपा नेता विजय मिश्र ने उस कथित टिप्पणी से आहत होने का हवाला देते हुए सुल्तानपुर की अदालत में मानहानि का परिवाद दाखिल किया था। बाद में मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए विशेष अदालत में स्थानांतरित हुई।

गौरतलब है कि अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब किया था। वे अदालत में पेश हुए और फरवरी 2024 में उन्हें जमानत प्रदान की गई। उस दौरान राहुल गांधी ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था।

आवाज़ नमूना परीक्षण विवाद

मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला से राहुल गांधी की आवाज़ के नमूने का मिलान उस रिकॉर्डिंग से कराने की अर्जी ट्रायल कोर्ट में दी थी, जिसे कथित टिप्पणी से जुड़े साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया था। ट्रायल कोर्ट ने यह अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद शिकायतकर्ता पक्ष ने सेशन कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की, परंतु वहाँ से भी राहत नहीं मिली।

रिपोर्टों के अनुसार उच्च न्यायालय ने भी इस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। इसके पश्चात मूल मानहानि मामले में साक्ष्य संबंधी कार्यवाही पूर्ण की गई और अदालत ने अंतिम बहस के लिए मामला नियत किया।

सोमवार की सुनवाई का विवरण

परिवादी के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि उन्होंने दोपहर बाद तीन बजे अपनी दलीलें आरंभ कीं और 45 से 50 मिनट की बहस में शिकायत में लगाए गए आरोपों तथा कथित टिप्पणी से जुड़े तथ्यों पर अदालत का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 29 सितंबर को शेष बहस पूरी की जाएगी।

राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि परिवादी पक्ष की बहस आंशिक रूप से प्रारंभ हुई है। परिवादी की बहस संपन्न होने के पश्चात बचाव पक्ष की ओर से दलीलें पेश की जाएंगी।

आगे की कार्यवाही

29 सितंबर 2026 को परिवादी पक्ष की शेष अंतिम बहस होगी, जिसके बाद राहुल गांधी के बचाव पक्ष को दलीलें रखने का अवसर मिलेगा। यह मामला एक प्रमुख विपक्षी नेता से जुड़ी कानूनी कार्यवाही के रूप में राष्ट्रीय ध्यान केंद्रित किए हुए है और अंतिम बहस के चरण में पहुँचना इस दीर्घकालिक मुकदमे में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आठ वर्षों की न्यायिक यात्रा में यह एक विपक्षी नेता पर राजनीतिक दबाव की रणनीति के रूप में भी पढ़ा जाता रहा है। आवाज़ नमूना परीक्षण की अर्जी तीन स्तरों पर खारिज होना दर्शाता है कि साक्ष्य की दृष्टि से परिवादी पक्ष को न्यायिक समर्थन सीमित मिला है। अंतिम बहस के चरण में पहुँचना यह बताता है कि मामला निर्णायक मोड़ पर है, किंतु परिणाम जो भी हो — यह राजनीतिक छवि निर्माण और उच्च-प्रोफ़ाइल आपराधिक परिवादों के बीच की महीन रेखा पर गंभीर सवाल उठाता रहेगा।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी का सुल्तानपुर मानहानि मामला क्या है?
यह मामला 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से संबंधित है। भाजपा नेता विजय मिश्र ने सुल्तानपुर की अदालत में मानहानि का परिवाद दाखिल किया था, जो अब एमपी-एमएलए विशेष अदालत में चल रहा है।
21 सितंबर 2026 की सुनवाई में क्या हुआ?
21 सितंबर को परिवादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने अदालत में करीब 45 से 50 मिनट तक अंतिम बहस की दलीलें रखीं। बहस पूरी न हो सकने के कारण अदालत ने शेष बहस के लिए 29 सितंबर 2026 की तारीख नियत की।
29 सितंबर को क्या होगा?
29 सितंबर को परिवादी पक्ष की शेष अंतिम बहस पूरी की जाएगी। उसके बाद राहुल गांधी की ओर से बचाव पक्ष की दलीलें प्रस्तुत की जाएंगी।
आवाज़ नमूना जाँच की अर्जी का क्या हुआ?
शिकायतकर्ता पक्ष ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला से राहुल गांधी की आवाज़ का मिलान साक्ष्य रिकॉर्डिंग से कराने की अर्जी दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इसे खारिज किया, सेशन कोर्ट में निगरानी याचिका भी नामंजूर हुई और रिपोर्टों के अनुसार उच्च न्यायालय ने भी राहत देने से इनकार कर दिया।
राहुल गांधी को इस मामले में जमानत कब मिली थी?
अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब किया था। वे अदालत में उपस्थित हुए और फरवरी 2024 में सुल्तानपुर की विशेष अदालत ने उन्हें जमानत दी थी। राहुल गांधी ने उस समय सभी आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था।
राष्ट्र प्रेस
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