13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर पलटवार: कोएम्प्ट एडुटेक को कांग्रेस राज्यों ने भी दिए थे कार्यादेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर पलटवार: कोएम्प्ट एडुटेक को कांग्रेस राज्यों ने भी दिए थे कार्यादेश

सारांश

पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के 'विवादित कंपनी' वाले आरोप को उन्हीं के राज्यों के अनुबंधों से पलट दिया। कर्नाटक और तेलंगाना की कांग्रेस सरकारों द्वारा कोएम्प्ट एडुटेक को दिए गए कार्यादेशों का हवाला देते हुए उन्होंने 'चयनात्मक आक्रोश' का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 28 मई को एक्स पोस्ट के ज़रिए राहुल गांधी पर 'पॉलिटिकल एम्नेशिया' का आरोप लगाया।
कोएम्प्ट एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड को बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी ( नवंबर 2025 ), कालोजी नारायण राव यूनिवर्सिटी तेलंगाना ( सितंबर 2024 ), वाल्मीकि यूनिवर्सिटी रायचूर ( मार्च 2024 ) और कर्नाटक यूनिवर्सिटी धारवाड़ ( जून 2023 ) ने कार्यादेश दिए।
गोयल ने राहुल गांधी से पूछा — क्या वे कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे की भी मांग करेंगे?
विवाद की शुरुआत राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर लगाए गए आरोपों से हुई।
गोयल ने कांग्रेस पर 'चयनात्मक आक्रोश' और बिना सबूत आरोप लगाने का पुराना पैटर्न अपनाने का आरोप लगाया।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 28 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया और आरोप लगाया कि वे 'पॉलिटिकल एम्नेशिया' से ग्रस्त हैं तथा तथ्यों की बजाय प्रचार को तरजीह देते हैं। गोयल का यह बयान उस विवाद की पृष्ठभूमि में आया है जिसमें राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर कोएम्प्ट एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड को लेकर निशाना साधा था।

कांग्रेस शासित राज्यों से जुड़े कार्यादेश

गोयल ने दावा किया कि जिस कंपनी को राहुल गांधी आज 'विवादित' बता रहे हैं, उसी कंपनी को कांग्रेस-शासित राज्यों की संस्थाओं ने भी अनुबंध दिए। उनके अनुसार बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी (कर्नाटक) ने नवंबर 2025 में, कालोजी नारायण राव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (तेलंगाना) ने सितंबर 2024 में, आदिकवि श्री महर्षि वाल्मीकि यूनिवर्सिटी, रायचूर ने मार्च 2024 में और कर्नाटक यूनिवर्सिटी, धारवाड़ ने जून 2023 में इस कंपनी के साथ समझौते या कार्यादेश जारी किए थे।

गोयल ने यह भी उल्लेख किया कि तेलंगाना स्टेट हेल्थ यूनिवर्सिटी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कंपनी के कार्यों की सराहना की है। गौरतलब है कि तेलंगाना और कर्नाटक, दोनों राज्यों में इस समय कांग्रेस की सरकारें हैं।

गोयल के दो सीधे सवाल

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी से दो प्रश्न सार्वजनिक रूप से पूछे। पहला — यदि यह कंपनी वास्तव में संदिग्ध है, तो क्या वे तेलंगाना और कर्नाटक के कांग्रेस मुख्यमंत्रियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाएंगे और उनके इस्तीफे की मांग करेंगे? दूसरा — क्या कांग्रेस सरकारों ने इन समझौतों पर बिना उचित जांच-पड़ताल के हस्ताक्षर किए थे, या वर्तमान विरोध केवल केंद्र सरकार को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है?

चयनात्मक आक्रोश का आरोप

गोयल ने कांग्रेस पर 'चयनात्मक आक्रोश' का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी का एक पुराना पैटर्न रहा है — बिना सबूत आरोप लगाना और तथ्यों के सामने आने पर षड्यंत्र के सिद्धांतों का सहारा लेना। उन्होंने कहा कि देश अब इस तरह की राजनीति से आगे बढ़ चुका है।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर कोएम्प्ट एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में निशाना साधा था। इसके जवाब में गोयल का यह पलटवार भाजपा (BJP) की उस रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है जिसमें कांग्रेस के आरोपों को उन्हीं के शासित राज्यों के उदाहरणों से काटा जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और विपक्ष के बीच शिक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भूमिका को लेकर तनाव बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मूल प्रश्न का उत्तर नहीं देता — कंपनी की साख वास्तव में कैसी है। 'तुमने भी किया था' की राजनीति दोनों पक्षों की जवाबदेही को धुंधला कर देती है। असली सवाल यह है कि किसी भी राज्य सरकार — चाहे वह कांग्रेस की हो या किसी अन्य दल की — ने इन अनुबंधों में उचित परिश्रम (due diligence) किया या नहीं। मीडिया कवरेज जब तक इस पारस्परिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे नहीं जाती और कंपनी के वास्तविक प्रदर्शन की जांच नहीं करती, तब तक जनता को तथ्य नहीं मिलेंगे।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल और राहुल गांधी के बीच यह विवाद किस बारे में है?
यह विवाद कोएम्प्ट एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को लेकर है। राहुल गांधी ने इस कंपनी को 'विवादित' बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा था, जिसके जवाब में गोयल ने कहा कि इसी कंपनी को कांग्रेस-शासित राज्यों ने भी कार्यादेश दिए हैं।
कोएम्प्ट एडुटेक को कांग्रेस शासित किन संस्थाओं ने अनुबंध दिए?
गोयल के दावे के अनुसार बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी (नवंबर 2025), कालोजी नारायण राव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज तेलंगाना (सितंबर 2024), वाल्मीकि यूनिवर्सिटी रायचूर (मार्च 2024) और कर्नाटक यूनिवर्सिटी धारवाड़ (जून 2023) ने इस कंपनी को कार्यादेश जारी किए।
पीयूष गोयल ने राहुल गांधी से क्या सवाल पूछे?
गोयल ने दो सवाल पूछे: पहला, यदि कंपनी संदिग्ध है तो क्या राहुल गांधी कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाएंगे? दूसरा, क्या कांग्रेस सरकारों ने बिना जांच-पड़ताल के ये समझौते किए, या यह विरोध केवल केंद्र सरकार को निशाना बनाने के लिए है?
'चयनात्मक आक्रोश' से गोयल का क्या आशय था?
गोयल का आरोप है कि कांग्रेस का पुराना पैटर्न रहा है — बिना सबूत आरोप लगाना और तथ्य सामने आने पर षड्यंत्र सिद्धांतों का सहारा लेना। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस शासित राज्य खुद उसी कंपनी को कार्यादेश दे रहे हों, तो केवल केंद्र पर निशाना साधना 'चयनात्मक आक्रोश' है।
इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
विवाद की शुरुआत राहुल गांधी के उस बयान से हुई जिसमें उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर कोएम्प्ट एडुटेक से जुड़े मामले में आरोप लगाए थे। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस शासित राज्यों के अनुबंधों का हवाला दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले