13 जुलाई 2026
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सीबीएसई ने कोएम्प्ट एडुटेक कॉन्ट्रैक्ट विवाद पर राहुल गांधी के आरोप खारिज किए, 1.85 करोड़ छात्रों का मामला

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सीबीएसई ने कोएम्प्ट एडुटेक कॉन्ट्रैक्ट विवाद पर राहुल गांधी के आरोप खारिज किए, 1.85 करोड़ छात्रों का मामला

सारांश

सीबीएसई ने राहुल गांधी के उन आरोपों को सिरे से खारिज किया जिनमें 1.85 करोड़ छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन में हेरफेर का दावा था। बोर्ड ने कोएम्प्ट एडुटेक को दिए कॉन्ट्रैक्ट को जीएफआर नियमों के तहत पारदर्शी बताया, जबकि विपक्ष न्यायिक और एसआईटी जांच की माँग पर अड़ा है।

मुख्य बातें

सीबीएसई ने 27 मई 2026 को कोएम्प्ट एडुटेक कॉन्ट्रैक्ट विवाद पर सभी आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन बताकर खारिज किया।
बोर्ड के अनुसार आरएफपी 28 अगस्त 2025 को केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल पर जारी हुई और जीएफआर प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि मूल्यांकन अनियमितताओं से करीब 1.85 करोड़ छात्र प्रभावित हुए।
गांधी ने स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी जांच की माँग की तथा कंपनी के तेलंगाना 2019 विवाद का हवाला दिया।
कोएम्प्ट एडुटेक पर आरोप है कि यह पहले ग्लोबारेना नाम से काम करती थी और विवादास्पद पृष्ठभूमि रखती है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 27 मई 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि बोर्ड परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन हेतु कोएम्प्ट एडुटेक को दिया गया कॉन्ट्रैक्ट पूरी तरह नियमसम्मत और पारदर्शी प्रक्रिया के अनुसार है। बोर्ड ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगाए गए 'हेरफेर' के आरोपों को भ्रामक, गलत और तथ्यों से परे बताते हुए सिरे से नकार दिया।

सीबीएसई का आधिकारिक स्पष्टीकरण

बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आधिकारिक पोस्ट के ज़रिए बताया कि सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) के सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए यह कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। सीबीएसई के अनुसार, 28 अगस्त 2025 को केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल पर प्रस्ताव के लिए अनुरोध (आरएफपी) जारी किया गया था और निर्धारित योग्यता मानदंडों को पूरा करने वाले बोलीदाता को ही यह ठेका सौंपा गया।

राहुल गांधी के आरोप और माँगें

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि मूल्यांकन प्रणाली में अनियमितताओं के कारण देशभर के करीब 1.85 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि 'सीबीएसई रिजल्ट में हुई गड़बड़ी से देशभर के लाखों छात्रों और उनके माता-पिता सदमे में हैं।' गांधी ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी जांच की माँग की।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 'हमेशा की तरह इस मुद्दे पर भी कोई जवाबदेही नहीं दिखाई दे रही।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोएम्प्ट एडुटेक पहले ग्लोबारेना नाम से संचालित होती थी और 2019 में तेलंगाना में भी विवादों में रह चुकी है।

कंपनी की पृष्ठभूमि पर सवाल

राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि आखिर कोएम्प्ट एडुटेक को कॉन्ट्रैक्ट किसके आदेश पर दिया गया, क्या प्रक्रिया अपनाई गई, कंपनी की पृष्ठभूमि की जांच हुई थी या नहीं, और कंपनी प्रबंधन का सरकार से क्या संबंध है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बोर्ड परीक्षा परिणामों की विश्वसनीयता को लेकर अभिभावकों और छात्रों में पहले से ही बेचैनी है।

सीबीएसई की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की शुरुआत परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के उद्देश्य से की गई थी। बोर्ड ने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार करते हुए कहा कि आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। फिलहाल सरकार की ओर से न्यायिक जांच या एसआईटी गठन पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, और यह मामला राजनीतिक और शैक्षिक दोनों क्षेत्रों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उन मूल सवालों का जवाब नहीं देता जो राहुल गांधी ने उठाए हैं — कंपनी की पृष्ठभूमि, तेलंगाना के पुराने विवाद और कॉन्ट्रैक्ट के निर्णय-निर्माताओं की पहचान। यह ऐसे समय में आया है जब NEET और अन्य परीक्षा विवादों के बाद सार्वजनिक परीक्षा तंत्र पर भरोसा पहले से कमज़ोर है। 1.85 करोड़ छात्रों का आँकड़ा राजनीतिक रूप से शक्तिशाली है, लेकिन बिना स्वतंत्र ऑडिट के न तो इसे सिद्ध किया जा सकता है, न खारिज। जब तक सरकार पारदर्शी जांच से नहीं गुज़रती, यह विवाद केवल आरोप-प्रत्यारोप का खेल बना रहेगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीएसई डिजिटल मूल्यांकन विवाद क्या है?
यह विवाद बोर्ड परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन के लिए कोएम्प्ट एडुटेक को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट को लेकर है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में अनियमितताएँ हुईं जिससे करीब 1.85 करोड़ छात्र प्रभावित हुए, जिसे सीबीएसई ने पूरी तरह नकार दिया है।
राहुल गांधी ने सीबीएसई पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने दावा किया कि सीबीएसई परिणामों में हेरफेर हुआ और कोएम्प्ट एडुटेक — जो कथित तौर पर पहले ग्लोबारेना नाम से काम करती थी और 2019 में तेलंगाना में विवादों में रह चुकी है — को बिना उचित पृष्ठभूमि जांच के कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। उन्होंने स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी जांच की माँग की।
सीबीएसई ने कोएम्प्ट एडुटेक को कॉन्ट्रैक्ट कैसे दिया?
सीबीएसई के अनुसार, 28 अगस्त 2025 को केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल पर आरएफपी जारी की गई थी और सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) के सभी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए योग्य बोलीदाता को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। बोर्ड ने इसे पूरी तरह पारदर्शी और नियमसम्मत बताया है।
क्या सीबीएसई मामले में कोई जांच होगी?
अभी तक केंद्र सरकार की ओर से न्यायिक जांच या एसआईटी गठन पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राहुल गांधी ने इसकी माँग की है, लेकिन सीबीएसई ने आरोपों को ही निराधार बताते हुए किसी जांच की आवश्यकता से इनकार किया है।
कोएम्प्ट एडुटेक और ग्लोबारेना का क्या संबंध है?
राहुल गांधी के आरोपों के अनुसार कोएम्प्ट एडुटेक पहले ग्लोबारेना नाम से काम करती थी और 2019 में तेलंगाना में विवादास्पद रही है। सीबीएसई ने इन आरोपों पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है, केवल कॉन्ट्रैक्ट प्रक्रिया को नियमसम्मत बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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