सीबीएसई रिजल्ट गड़बड़ी पर राहुल गांधी का हमला: 'जेबकतरे अब बोर्ड के अंदर बैठे हैं'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार, 2 जून 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सीबीएसई (CBSE) की 12वीं कक्षा के नतीजों में कथित गड़बड़ी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड की गलती का खामियाजा लाखों छात्र अपनी जेब से भर रहे हैं।
राहुल गांधी ने क्या कहा
राहुल गांधी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'जेबकतरों से सावधान। आज वो सीबीएसई के अंदर बैठे हैं।' उन्होंने विस्तार से बताया कि सीबीएसई की गलती से अंक गलत आने पर छात्रों को डिजिटल स्कैन कॉपी के लिए ₹100 प्रति विषय, पुनर्गणना के लिए ₹100 प्रति पेपर और पुनर्मूल्यांकन के लिए ₹25 प्रति प्रश्न का शुल्क चुकाना पड़ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी उत्तर-पत्रिका की सही जाँच करवाने के लिए एक छात्र को ₹2,000 तक खर्च करने पड़ सकते हैं। उन्होंने लिखा, 'गलती सीबीएसई की, सजा बच्चे की और कमाई सरकार की।'
4 लाख आवेदनों पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि जब 4 लाख छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन के आवेदन दिए हैं, तो सीबीएसई की इससे होने वाली कमाई का हिसाब क्या है। उन्होंने यह भी कहा कि जब उत्तर-पत्रिकाओं की स्कैनिंग मोबाइल फोन से की गई हो, तो गलत मार्किंग अपरिहार्य है — और उस गलती को सुधरवाने की कीमत भी छात्र ही चुका रहा है।
शिक्षा को 'कारोबार' बनाने का आरोप
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा, 'जब शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया जाए तब गलती सुधारी नहीं जाती, बढ़ाई जाती है। इसकी सबसे बड़ी कीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं — अपने समय से, अपने आत्मविश्वास से, और अपने भविष्य से।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीबीएसई 12वीं के नतीजों में बड़े पैमाने पर अंकों की गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं।
छात्रों से संवाद और ट्रोलिंग का मुद्दा
इससे पहले राहुल गांधी ने सीबीएसई के कुछ प्रभावित छात्रों के साथ हुई बातचीत का एक वीडियो भी साझा किया था। छात्रों ने बताया कि जब उन्होंने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया तो उन्हें ट्रोल किया गया और देशद्रोही तक कहा गया। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब परीक्षा परिणामों की गड़बड़ी को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा हो — पिछले वर्ष भी नीट परीक्षा विवाद ने राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ी थी।
आगे क्या
सीबीएसई की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विपक्ष की माँग है कि पुनर्मूल्यांकन शुल्क माफ किया जाए और गड़बड़ी की स्वतंत्र जाँच कराई जाए। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह मामला आने वाले दिनों में संसद में भी गूँज सकता है।