15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान में कच्चे तेल उत्पादन की गिरावट रोकने को सरकार की नई रणनीति, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर जोर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान में कच्चे तेल उत्पादन की गिरावट रोकने को सरकार की नई रणनीति, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर जोर

सारांश

राजस्थान में कच्चे तेल के उत्पादन में गिरावट का रुझान चिंता का विषय बन चुका है। ACS अपर्णा अरोड़ा ने जयपुर में उच्च-स्तरीय बैठक में तेल कंपनियों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और दोहरी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए — राज्य जो देश में ऑनशोर गैस उत्पादन में दूसरे और कच्चे तेल में तीसरे स्थान पर है।

मुख्य बातें

अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा ने 14 जुलाई को जयपुर सचिवालय में उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
राजस्थान देश में ऑनशोर प्राकृतिक गैस उत्पादन में दूसरे और कच्चे तेल उत्पादन में तीसरे स्थान पर है।
राज्य में लगभग 15 लाख टन कच्चे तेल को प्रोसेस करने की मौजूदा क्षमता है।
कंपनियों को नए क्षेत्रों में एक्सप्लोरेशन और मौजूदा क्षेत्रों में आधुनिक रिकवरी तकनीक — दोनों अपनाने के निर्देश।
राजस्थान में चार प्रमुख बेसिन : जैसलमेर, बाड़मेर-सांचौर, बीकानेर-नागौर और विंध्यन।
राज्य के भीतर अधिकतम रिफाइनिंग से वैल्यू एडिशन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर जोर।

राजस्थान सरकार ने कच्चे तेल के उत्पादन में आई लगातार गिरावट को पलटने के लिए तेल और गैस उत्पादक कंपनियों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी अपनाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान एवं पेट्रोलियम) अपर्णा अरोड़ा ने मंगलवार, 14 जुलाई को जयपुर सचिवालय में आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य के भीतर अधिकतम रिफाइनिंग से वैल्यू एडिशन और आर्थिक विकास दोनों को बड़ा बल मिलेगा।

बैठक का मुख्य घटनाक्रम

सचिवालय में हुई इस बैठक में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की खोज एवं उत्पादन से जुड़ी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अरोड़ा ने बताया कि देश में ऑनशोर प्राकृतिक गैस उत्पादन में राजस्थान दूसरे स्थान पर है, जबकि कच्चे तेल के उत्पादन में राज्य तीसरे स्थान पर है। उन्होंने विश्व स्तर पर सफल तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

दोहरी रणनीति पर जोर

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने तेल और गैस कंपनियों को दो-आयामी रणनीति अपनाने को कहा — पहला, नए संभावित क्षेत्रों में एक्सप्लोरेशन गतिविधियाँ तेज करना; और दूसरा, आधुनिक रिकवरी तकनीकों के जरिए मौजूदा क्षेत्रों से उत्पादन बढ़ाना। उन्होंने उत्पादन में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए एक दीर्घकालिक कार्य योजना तैयार करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

राजस्थान के प्रमुख तेल-गैस बेसिन

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि राजस्थान में चार प्रमुख कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस बेसिन हैं: जैसलमेर बेसिन, बाड़मेर-सांचौर बेसिन, बीकानेर-नागौर बेसिन और विंध्यन बेसिन। इन बेसिनों में नई खोज गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं। गौरतलब है कि राजस्थान में अभी राज्य के भीतर उत्पादित लगभग 15 लाख टन कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता मौजूद है।

वैल्यू एडिशन और आर्थिक विकास

अरोड़ा ने कहा कि राजस्थान के कच्चे तेल की राज्य के भीतर ही अधिकतम रिफाइनिंग से आर्थिक विकास और मूल्य संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान मिलेगा। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब हाल के वर्षों में उत्पादन में गिरावट का रुझान देखा गया है और राज्य सरकार इस प्रवृत्ति को पलटने के लिए व्यापक कार्य योजना बनाने में जुटी है। राजस्थान सरकार की यह पहल राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या इस बार दीर्घकालिक कार्य योजना में उत्पादन लक्ष्य, समयसीमा और जवाबदेही का ढाँचा स्पष्ट होगा। बाड़मेर-सांचौर जैसे समृद्ध बेसिनों की मौजूदगी के बावजूद एक्सप्लोरेशन की गति धीमी रहना चिंताजनक है। राज्य के भीतर रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने का विचार सराहनीय है, लेकिन बिना निवेश प्रतिबद्धता और नियामक सुगमता के यह भी कागज़ी इरादा बनकर रह सकता है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान सरकार कच्चे तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए क्या कदम उठा रही है?
राजस्थान सरकार ने तेल और गैस कंपनियों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी अपनाने और नए क्षेत्रों में एक्सप्लोरेशन तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एक व्यापक दीर्घकालिक कार्य योजना तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
राजस्थान में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन में देश में कौन-सा स्थान है?
राजस्थान देश में ऑनशोर प्राकृतिक गैस उत्पादन में दूसरे और कच्चे तेल उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। राज्य में लगभग 15 लाख टन कच्चे तेल को प्रोसेस करने की मौजूदा क्षमता है।
राजस्थान में कच्चे तेल और गैस के प्रमुख बेसिन कौन-से हैं?
राजस्थान में चार प्रमुख बेसिन हैं — जैसलमेर बेसिन, बाड़मेर-सांचौर बेसिन, बीकानेर-नागौर बेसिन और विंध्यन बेसिन। इन्हीं बेसिनों में नई खोज गतिविधियों के विस्तार की योजना है।
राज्य में कच्चे तेल की रिफाइनिंग से क्या फायदा होगा?
ACS अपर्णा अरोड़ा के अनुसार, राजस्थान के कच्चे तेल की राज्य के भीतर ही अधिकतम रिफाइनिंग से वैल्यू एडिशन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और आर्थिक विकास को भी बड़ा बल मिलेगा। इससे राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी।
तेल कंपनियों के लिए दोहरी रणनीति क्या है?
सरकार ने तेल कंपनियों को दो-आयामी रणनीति अपनाने को कहा है — नए संभावित क्षेत्रों में एक्सप्लोरेशन तेज करना और आधुनिक रिकवरी तकनीकों के जरिए मौजूदा क्षेत्रों से उत्पादन बढ़ाना। यह रणनीति हाल के वर्षों में उत्पादन में आई गिरावट को पलटने के लिए अपनाई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले