राजस्थान में कच्चे तेल उत्पादन की गिरावट रोकने को सरकार की नई रणनीति, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान सरकार ने कच्चे तेल के उत्पादन में आई लगातार गिरावट को पलटने के लिए तेल और गैस उत्पादक कंपनियों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी अपनाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान एवं पेट्रोलियम) अपर्णा अरोड़ा ने मंगलवार, 14 जुलाई को जयपुर सचिवालय में आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य के भीतर अधिकतम रिफाइनिंग से वैल्यू एडिशन और आर्थिक विकास दोनों को बड़ा बल मिलेगा।
बैठक का मुख्य घटनाक्रम
सचिवालय में हुई इस बैठक में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की खोज एवं उत्पादन से जुड़ी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अरोड़ा ने बताया कि देश में ऑनशोर प्राकृतिक गैस उत्पादन में राजस्थान दूसरे स्थान पर है, जबकि कच्चे तेल के उत्पादन में राज्य तीसरे स्थान पर है। उन्होंने विश्व स्तर पर सफल तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
दोहरी रणनीति पर जोर
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने तेल और गैस कंपनियों को दो-आयामी रणनीति अपनाने को कहा — पहला, नए संभावित क्षेत्रों में एक्सप्लोरेशन गतिविधियाँ तेज करना; और दूसरा, आधुनिक रिकवरी तकनीकों के जरिए मौजूदा क्षेत्रों से उत्पादन बढ़ाना। उन्होंने उत्पादन में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए एक दीर्घकालिक कार्य योजना तैयार करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
राजस्थान के प्रमुख तेल-गैस बेसिन
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि राजस्थान में चार प्रमुख कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस बेसिन हैं: जैसलमेर बेसिन, बाड़मेर-सांचौर बेसिन, बीकानेर-नागौर बेसिन और विंध्यन बेसिन। इन बेसिनों में नई खोज गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं। गौरतलब है कि राजस्थान में अभी राज्य के भीतर उत्पादित लगभग 15 लाख टन कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता मौजूद है।
वैल्यू एडिशन और आर्थिक विकास
अरोड़ा ने कहा कि राजस्थान के कच्चे तेल की राज्य के भीतर ही अधिकतम रिफाइनिंग से आर्थिक विकास और मूल्य संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान मिलेगा। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब हाल के वर्षों में उत्पादन में गिरावट का रुझान देखा गया है और राज्य सरकार इस प्रवृत्ति को पलटने के लिए व्यापक कार्य योजना बनाने में जुटी है। राजस्थान सरकार की यह पहल राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।