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राजस्थान में मानसून 10.96% पिछड़ा, 242.63 मिमी बारिश दर्ज; 16 जिलों में अभी भी कमी

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राजस्थान में मानसून 10.96% पिछड़ा, 242.63 मिमी बारिश दर्ज; 16 जिलों में अभी भी कमी

सारांश

राजस्थान में इस मानसून सीजन में सामान्य से 10.96% कम बारिश हुई है — पिछले साल की इसी अवधि के 410.76 मिमी के मुकाबले इस साल केवल 242.63 मिमी। 16 जिले अभी भी कमी झेल रहे हैं और कोटा-उदयपुर डिवीजन सबसे अधिक प्रभावित हैं।

मुख्य बातें

राजस्थान में इस मानसून सीजन में अब तक 242.63 मिमी बारिश दर्ज, जबकि सामान्य अपेक्षा 272.49 मिमी की थी।
कुल वर्षा में 10.96% की कमी; पिछले दो दिनों में औसतन 20 मिमी बारिश से आंशिक राहत।
7 जिलों में सामान्य से अधिक, 18 जिलों में सामान्य और 16 जिलों में सामान्य से कम बारिश।
कोटा और उदयपुर डिवीजन वर्षा की कमी से सर्वाधिक प्रभावित।
पिछले साल इसी अवधि तक 410.76 मिमी बारिश थी — इस साल का आँकड़ा करीब 168 मिमी कम।

राजस्थान में इस मानसून सीजन में अब तक 242.63 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य अपेक्षा 272.49 मिमी की थी — यानी राज्य में कुल वर्षा में 10.96 प्रतिशत की कमी बनी हुई है। पिछले दो दिनों में औसतन 20 मिमी बारिश से कई सूखाग्रस्त इलाकों को राहत ज़रूर मिली है, लेकिन यह राहत पूरे राज्य में एकसमान नहीं रही।

बारिश का असमान वितरण

मौसम आँकड़ों के अनुसार, अब तक सात जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जबकि 18 जिलों में बारिश सामान्य स्तर के आसपास रही है। वहीं, 16 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हो रही है, जो राज्य में वर्षा वितरण की गहरी असमानता को उजागर करती है। यह ऐसे समय में आया है जब खरीफ फसलों की बुवाई का अहम चरण चल रहा है।

कोटा और उदयपुर डिवीजन सबसे अधिक प्रभावित

कोटा और उदयपुर डिवीजन उन क्षेत्रों में शामिल हैं जहाँ वर्षा की कमी का सर्वाधिक असर पड़ा है। गौरतलब है कि ये दोनों डिवीजन आमतौर पर मानसून के दौरान अच्छी वर्षा के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार हालिया भारी बारिश के बाद भी यहाँ कमी बनी हुई है।

पिछले साल से बड़ा अंतर

पिछले वर्ष इसी अवधि तक राजस्थान में 410.76 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जबकि इस साल यह आँकड़ा केवल 242.63 मिमी है। यह अंतर — करीब 168 मिमी का — इस मौसम में मानसून की असमान और धीमी प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

खेती और जल संसाधनों पर असर

जिन जिलों में बारिश मौसमी औसत से नीचे है, वहाँ वर्षा का असमान वितरण कृषि, जल संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। हाल की बारिश से मिट्टी की नमी और पानी की उपलब्धता में कुछ सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

आगे क्या

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में और बारिश होने का अनुमान है। आगामी सप्ताह की मौसमी स्थिति यह तय करेगी कि राजस्थान इस सीजन की शेष वर्षा-कमी को पाट पाएगा या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि अस्थायी। खरीफ सीजन में देरी और जल संसाधनों पर दबाव के मद्देनज़र राज्य सरकार को सिंचाई प्रबंधन और किसान सहायता पर तत्काल ध्यान देने की ज़रूरत है — केवल मौसम पूर्वानुमान जारी करना पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में इस मानसून सीजन में अब तक कितनी बारिश हुई है?
12 अगस्त 2026 तक राजस्थान में इस मानसून सीजन में 242.63 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य अपेक्षा 272.49 मिमी की थी। इस तरह राज्य में कुल वर्षा में 10.96 प्रतिशत की कमी है।
राजस्थान के किन जिलों में बारिश की सबसे अधिक कमी है?
कुल 16 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा रही है। कोटा और उदयपुर डिवीजन वर्षा की कमी से सर्वाधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं, जो आमतौर पर मानसून में अच्छी बारिश के लिए जाने जाते हैं।
पिछले साल की तुलना में इस साल राजस्थान में कितनी कम बारिश हुई है?
पिछले साल इसी अवधि तक राजस्थान में 410.76 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जबकि इस साल यह आँकड़ा केवल 242.63 मिमी है — यानी करीब 168 मिमी का बड़ा अंतर, जो इस मौसम में मानसून की धीमी प्रगति को दर्शाता है।
बारिश की कमी से राजस्थान में खेती पर क्या असर पड़ रहा है?
जिन जिलों में बारिश मौसमी औसत से कम है, वहाँ कृषि, जल संसाधन और ग्रामीण आजीविका प्रभावित हो रही है। खरीफ फसलों की बुवाई के अहम चरण में मिट्टी की नमी की कमी किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
क्या आने वाले दिनों में राजस्थान में और बारिश होगी?
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में और बारिश होने का अनुमान है। यह बारिश राज्य की शेष वर्षा-कमी को कम करने में कितनी सहायक होगी, यह आगामी मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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