15 सितंबर 2026
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राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा को 4,151 से अधिक सीटें, डॉ. अनिल पटेल बोले — कोटा में राहुल का अभियान विफल

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राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा को 4,151 से अधिक सीटें, डॉ. अनिल पटेल बोले — कोटा में राहुल का अभियान विफल

सारांश

राजस्थान के निकाय चुनावों में भाजपा का 4,151 से अधिक सीटें जीतने का दावा — यह सिर्फ स्थानीय जीत नहीं, बल्कि 'ट्रिपल इंजन' की राजनीतिक रणनीति की परीक्षा भी है। कोटा में राहुल गांधी के अभियान की विफलता को भाजपा बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में पेश कर रही है।

मुख्य बातें

राजस्थान निकाय चुनाव में 10,251 से अधिक सीटों पर मतदान हुआ, जिनमें भाजपा को 4,151 से ज़्यादा सीटें मिलने का दावा है।
अनिल पटेल ने कोटा में कांग्रेस और राहुल गांधी के प्रचार अभियान को जनता द्वारा नकारे जाने की बात कही।
इस बार चुनाव पिछली बार के आठ चरणों की बजाय एक साथ कराए गए — भाजपा ने इसे 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' पैटर्न बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और स्थानीय निकायों में भाजपा सरकार के साथ 'ट्रिपल इंजन' व्यवस्था का दावा।
भाजपा ने कांग्रेस पर निकाय विभाजन को राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग करने का आरोप लगाया, लेकिन उसे असफल बताया।

राजस्थान में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। भाजपा प्रवक्ता डॉ. अनिल पटेल ने 15 सितंबर 2026 को गांधीनगर में पार्टी के पक्ष में आए जनादेश का विवरण देते हुए कहा कि 10,251 से अधिक सीटों पर हुए मतदान में भाजपा को 4,151 से ज़्यादा सीटों पर जनता का समर्थन मिला। उन्होंने इसे राज्य में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के प्रति मतदाताओं की अस्वीकृति का स्पष्ट संकेत बताया।

चुनाव परिणामों का ब्यौरा

डॉ. पटेल के अनुसार, इस बार निकाय चुनाव पिछली बार की तरह अलग-अलग आठ चरणों में नहीं, बल्कि एक साथ कराए गए। उन्होंने इसे 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' पद्धति से जोड़ते हुए कहा कि एकसाथ मतदान होने से मतदाताओं को अपना जनादेश स्पष्ट रूप से व्यक्त करने का अवसर मिला। उनका दावा है कि कांग्रेस को अलग-अलग चरणों और स्थानीय समीकरणों से जो राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद थी, वह इस बार नहीं मिल सका।

कोटा में कांग्रेस अभियान की विफलता पर निशाना

कोटा के चुनाव परिणामों का विशेष उल्लेख करते हुए डॉ. पटेल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोटा में कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से चलाए गए प्रचार अभियान का नतीजों पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। पटेल ने आरोप लगाया कि विपक्ष का प्रचार जमीनी स्तर पर कम और आभासी माध्यमों पर अधिक केंद्रित रहता है। उनके अनुसार, कोटा के युवाओं सहित शहर के मतदाताओं ने भाजपा को समर्थन देकर इसका जवाब दिया।

निकाय विभाजन पर कांग्रेस पर आरोप

डॉ. पटेल ने कांग्रेस के कार्यकाल में हुए नगर निकायों के प्रशासनिक विभाजन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए कई जिलों में निकायों का विभाजन राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से किया था। उनके दावे के अनुसार, जिन क्षेत्रों में यह विभाजन हुआ, वहाँ भी मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में मत दिया।

'ट्रिपल इंजन' सरकार और विकास का वादा

भाजपा प्रवक्ता ने स्थानीय निकायों में पार्टी की जीत को 'ट्रिपल इंजन' शासन व्यवस्था से जोड़ा — अर्थात केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्य में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अब स्थानीय निकायों में भाजपा की सरकार। उन्होंने कहा कि इस तिहरे समन्वय से सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू करने में बेहतर गति आएगी और जनसेवा के काम और मज़बूत होंगे।

संगठन की भूमिका को श्रेय

डॉ. पटेल ने चुनावी सफलता का श्रेय पार्टी के संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि राज्य से लेकर स्थानीय निकाय स्तर तक कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं के बीच जाकर सरकार की योजनाओं और पार्टी की नीतियों को पहुँचाया। यह परिणाम भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहवर्धक होने के साथ-साथ आगामी चुनावों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 10,251 में से 4,151 सीटें — यानी लगभग 40% — 'शानदार' जीत है या सीमित बहुमत। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नज़रअंदाज़ करती है कि जब कोई पार्टी खुद अपनी जीत का ऐलान करती है, तो संख्याओं की स्वतंत्र पुष्टि ज़रूरी होती है। 'ट्रिपल इंजन' का नारा आकर्षक है, लेकिन इसकी असली कसौटी यह होगी कि अगले 12 महीनों में नागरिक सुविधाओं में कितना ठोस सुधार आता है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में भाजपा को कितनी सीटें मिलीं?
भाजपा प्रवक्ता डॉ. अनिल पटेल के दावे के अनुसार, 10,251 से अधिक सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा को 4,151 से ज़्यादा सीटों पर जनता का समर्थन मिला। यह दावा पार्टी की ओर से किया गया है और स्वतंत्र सत्यापन अपेक्षित है।
कोटा में कांग्रेस के अभियान का क्या हुआ?
भाजपा प्रवक्ता डॉ. अनिल पटेल ने कहा कि कोटा में कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से चलाए गए प्रचार अभियान का नतीजों पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। उनके अनुसार कोटा के युवाओं सहित शहरी मतदाताओं ने भाजपा को वरीयता दी।
'ट्रिपल इंजन' सरकार से राजस्थान को क्या फायदा होगा?
भाजपा का दावा है कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्य में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और स्थानीय निकायों में भाजपा सरकार होने से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय और गति आएगी। यह तर्क राजनीतिक है और इसकी व्यावहारिक परीक्षा आने वाले समय में होगी।
इस बार निकाय चुनाव एक साथ क्यों कराए गए?
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि पिछली बार राजस्थान में निकाय चुनाव आठ अलग-अलग चरणों में हुए थे, जबकि इस बार एक साथ मतदान कराया गया। उन्होंने इसे 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' पैटर्न बताते हुए कहा कि इससे मतदाताओं को स्पष्ट जनादेश देने का मौका मिला।
भाजपा ने निकाय विभाजन पर कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
डॉ. अनिल पटेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कई जिलों में नगर निकायों का राजनीतिक लाभ के लिए विभाजन किया गया था। उनके अनुसार इन क्षेत्रों में भी मतदाताओं ने भाजपा को समर्थन दिया, जिससे कांग्रेस की यह रणनीति विफल रही।
राष्ट्र प्रेस
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