16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र में 50,000 रुपए के इनामी अपराधी की गिरफ्तारी की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र में 50,000 रुपए के इनामी अपराधी की गिरफ्तारी की

सारांश

राजस्थान पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। महेश दिलीप दहले, जो 50,000 रुपए का इनामी था, को महाराष्ट्र से पकड़ा गया। पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए त्वरित कार्रवाई की।

मुख्य बातें

राजस्थान पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया।
महेश दिलीप दहले पर कई गंभीर आरोप हैं।
पुलिस ने खुफिया जानकारी के माध्यम से कार्रवाई की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपराधी को पकड़ने में मदद की।
आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सौंपा गया है।

जयपुर, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत 50,000 रुपए के इनामी कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) बिपिन कुमार पांडे के निर्देश पर एक विशेष टीम ने एक अंतरराज्यीय अभियान चलाया, जिसके फलस्वरूप महेश दिलीप दहले (जिसे 'चाचाजी' या 'सरदारजी' के नाम से जाना जाता है) को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में पकड़ा गया।

आरोपी पर पुलिस दल पर फायरिंग, हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) हरेंद्र कुमार महावर की देखरेख में, विशेष टीम को जोधपुर और फलोदी क्षेत्रों में खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए तैनात किया गया था।

ऑपरेशन के दौरान, हेड कांस्टेबल रविंद्र सिंह को विश्वसनीय जानकारी मिली कि फलोदी थाना क्षेत्र का मोस्ट वांटेड अपराधी दहले मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में अपनी पहचान छुपा रहा था।

सूचनाओं के तकनीकी सत्यापन के बाद, टीम ने दोनों राज्यों में एक समन्वित अभियान शुरू किया।

चौबीसों घंटे निगरानी रखते हुए और व्यापक छानबीन करते हुए, पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और रणनीतिक ढंग से जाल बिछाया। आईजी (जोधपुर रेंज) सत्येंद्र सिंह के समन्वय से, फलोदी जिला पुलिस की टीम भी इस अभियान में शामिल हुई।

अहिल्यानगर के तपोवन रोड पर पहुँचते ही, टीम ने मुखबिर द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार एक संदिग्ध की पहचान की। पुलिस की उपस्थिति को देखते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने त्वरित और साहसी कार्रवाई करते हुए उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया।

शुरुआत में, दहले ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन निरंतर पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान स्वीकार कर ली। वह मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले का निवासी है।

यह मामला अप्रैल 2022 का है, जब फलोदी पुलिस को एक बिना नंबर वाली पिकअप गाड़ी में अवैध हथियारों के परिवहन की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। इसके परिणामस्वरूप, आरोपी और उसके साथियों ने पुलिस दल पर अंधाधुंध फायरिंग की और जान से मारने की नीयत से अपनी गाड़ी को एक गश्ती वाहन से टकरा दिया।

मुठभेड़ के दौरान, पुलिस ने मौके पर ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और तीन पिस्तौल और 14 कारतूस बरामद किए। हालांकि, दहले भागने में सफल रहा और तब से फरार था। इस ऑपरेशन का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर शैलेंद्र शर्मा ने किया। हेड कांस्टेबल रविंद्र सिंह और कांस्टेबल नरेश कुमार ने फील्ड ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सहायक सब-इंस्पेक्टर शंकर दयाल शर्मा और कांस्टेबल ब्रजेश कुमार शर्मा ने तकनीकी सहायता प्रदान की।

फलोदी पुलिस टीम के एएसआई पीराराम और डीएसटी सदस्यों - हेड कांस्टेबल गोर्धनराम, कांस्टेबल महेंद्र कुमार और कांस्टेबल भगवानराम - ने भी गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए फलोदी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी साबित करती है कि कानून का हाथ हर जगह पहुंचता है। ऐसे अभियानों से समाज में सुरक्षा का विश्वास बढ़ता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महेश दिलीप दहले को क्यों गिरफ्तार किया गया?
महेश दिलीप दहले को कई गंभीर अपराधों जैसे हत्या के प्रयास और पुलिस पर फायरिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
इस गिरफ्तारी में पुलिस की क्या भूमिका थी?
पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर एक समन्वित अभियान चलाया और आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।
दहले पर कौन-कौन से आरोप हैं?
उस पर पुलिस दल पर फायरिंग, हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन के आरोप हैं।
इस ऑपरेशन का नेतृत्व किसने किया?
इस ऑपरेशन का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर शैलेंद्र शर्मा ने किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी का क्या हुआ?
आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए फलोदी पुलिस को सौंप दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले