राजस्थान विधानसभा में यूसीसी बिल पेश, कांग्रेस विधायकों ने किया वॉकआउट
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन 21 अगस्त 2026 को भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किया गया। राज्य सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल ने सदन में यह बिल प्रस्तुत किया, जिस पर आगामी सत्र में चर्चा और मतदान होना है। कांग्रेस विधायकों ने दोपहर 1 बजकर 21 मिनट पर सदन से वॉकआउट कर विधेयक के पेश होने का बहिष्कार किया।
मुख्य घटनाक्रम
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुद्दा उठाया कि कांग्रेस विधायकों को गुरुवार को विधानसभा के गेट पर रोका गया था। उन्होंने सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमले का मुद्दा भी उठाने की कोशिश की, जो स्कूलों का निरीक्षण करने गए थे।
स्पीकर ने प्रश्नकाल के दौरान इन मुद्दों को उठाने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद कांग्रेस विधायक वेल में आ गए और सरकार को 'भगोड़ा' बताते हुए पोस्टर लहराने लगे। इसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायकों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'भगोड़ा' और 'चोर' कहते हुए नारे लगाए। हंगामा बढ़ने पर सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर 1 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
यूसीसी बिल का पेश होना
दोपहर 1 बजे सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होने पर भी विरोध जारी रहा। इसी शोरगुल के बीच मंत्री जोगाराम पटेल ने समान नागरिक संहिता विधेयक सदन में पेश कर दिया। विधेयक पर विस्तृत बहस और मतदान बाद में होना है। कांग्रेस विधायक दोपहर 1:21 बजे सदन से वॉकआउट कर गए।
दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दे उठाने नहीं दिए जा रहे और सरकार जनता की चिंताओं को नजरअंदाज कर केवल अपना विधायी एजेंडा आगे बढ़ा रही है।
मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस को 'लोकतंत्र का हत्यारा' बताते हुए कहा कि विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों और नेता प्रतिपक्ष को राजनीतिक श्रेय न मिलने की आशंका के चलते जानबूझकर हंगामा कराया गया।
सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आरोप लगाया कि गुरुवार को कांग्रेस विधायक बाहरी लोगों और 'असामाजिक तत्वों' को विधानसभा परिसर में लाने की कोशिश कर रहे थे, इसीलिए उन्हें गेट पर रोका गया।
आम जनता और विपक्ष पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब यूसीसी देशभर में एक संवेदनशील और विवादास्पद मुद्दा बना हुआ है। राजस्थान में इस विधेयक के पेश होने से प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ने की संभावना है। कांग्रेस विधायकों की गैरमौजूदगी में विधानसभा की कार्यवाही जारी रही और स्पीकर ने सदस्यों से पहले वित्त विभाग की अनुदान मांगें पास करने का आग्रह किया था।
क्या होगा आगे
यूसीसी विधेयक पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा और वोटिंग की प्रक्रिया आगामी सत्र में पूरी होनी है। विपक्ष के बहिष्कार के बाद यह देखना होगा कि कांग्रेस बहस में भाग लेती है या नहीं। राजस्थान, यूसीसी लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन सकता है — उत्तराखंड के बाद — जो इस विधेयक के राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करता है।