राजनाथ सिंह ने तमिल मतदाताओं से कहा- 'महिला आरक्षण के प्रति सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता'
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नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः स्पष्ट किया, जबकि इससे पहले लोकसभा में इस से संबंधित विधेयक गिर चुका था।
तमिलनाडु में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि डीएमके, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों ने संसद में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कानून को पास नहीं होने दिया।
वासुदेवनल्लूर विधानसभा क्षेत्र में राजनाथ सिंह ने कहा, "मैं आपको सरकार की ओर से और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए संकल्प के आधार पर यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि संसद में हमें जैसे ही पहला मौका मिलेगा, हम महिलाओं को उनका कोटा जरूर देंगे।"
राजनाथ सिंह 23 अप्रैल को राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रचार को तेज करने के लिए भाजपा के अन्य स्टार प्रचारकों के साथ शामिल हो गए हैं।
वह दक्षिणी तमिलनाडु में एनडीए के चुनाव प्रचार की अगुवाई कर रहे हैं।
दिन भर उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा; उन्होंने तिरुनेलवेली जिले के राधापुरम विधानसभा क्षेत्र और तेनकासी जिले के पुलियांगुडी में रैलियों को संबोधित किया, साथ ही मुख्य कार्यक्रम स्थल से लगभग 400 मीटर दूर पनागुडी में एक रोड शो भी किया।
एनडीए के चुनाव प्रचार में अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल जैसी कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो चुकी हैं, जिन्होंने हाल के दिनों में गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे हैं।
इससे पहले रविवार को गृह मंत्री शाह ने इरोड दक्षिण इलाके में एक रोड शो किया था।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "तमिलनाडु की जनता ने डीएमके की भ्रष्टाचार से भरी और असंतोषजनक राजनीति को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प ले लिया है; जनता ने तमिलनाडु में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनाने का पक्का इरादा कर लिया है।"
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु की जनता डीएमके के भ्रष्ट और तुष्टीकरण की राजनीति पर आधारित शासन को खत्म करने और एनडीए की सरकार बनाने के लिए पूरी तरह से दृढ़ है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए सरकार संसद में प्रस्तावित 'परिसीमन विधेयक' को पास करवाएगी। साथ ही, उन्होंने डीएमके और कांग्रेस के गठबंधन पर आरोप लगाया कि वे तमिलनाडु में राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने के प्रयासों में रुकावट डाल रहे हैं।
मोदाकुरिची में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य में विधानसभा सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है, ताकि बढ़ती आबादी के अनुसार सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके और कांग्रेस की 'संकीर्ण राजनीतिक सोच और अपने निजी स्वार्थों' के कारण इस प्रस्ताव को रोक दिया गया। शाह ने कहा, "हम इस साजिश को स्वीकार नहीं करेंगे। एनडीए सरकार तमिलनाडु की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि परिसीमन विधेयक पारित किया जाएगा।"