25 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल बढ़ा, अब 31 अक्टूबर 2027 तक पद पर रहेंगे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल बढ़ा, अब 31 अक्टूबर 2027 तक पद पर रहेंगे

सारांश

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह को एक साल का अभूतपूर्व विस्तार मिला — इस पद के इतिहास में पहली बार किसी सचिव को इतने लंबे समय तक बनाए रखा गया है। DRDO सुधारों और निजी क्षेत्र को मिसाइल निर्माण में शामिल करने की उनकी पहल इस असाधारण निर्णय की पृष्ठभूमि है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने 24 अक्टूबर 2026 को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2027 तक कर दिया।
सिंह केरल कैडर के 1989 बैच के IAS अधिकारी हैं और 1 नवंबर 2024 को 40वें रक्षा सचिव बने थे।
31 मई 2026 से वे DRDO अध्यक्ष एवं रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं।
कामत के कार्यकाल समाप्त होने के बाद से DRDO का कोई नियमित प्रमुख नियुक्त नहीं हुआ है।
सिंह से पहले किसी भी रक्षा सचिव को एक साल का विस्तार नहीं मिला था — संजय मित्रा को 2019 में केवल तीन महीने का विस्तार मिला था।

केंद्र सरकार ने शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाते हुए उन्हें 31 अक्टूबर 2027 तक पद पर बनाए रखने का निर्णय लिया। यह फैसला उनके निर्धारित दो साल के कार्यकाल की समाप्ति से महज एक सप्ताह पहले आया है, जो 31 अक्टूबर 2026 को पूरी होने वाली थी। रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में उनके उल्लेखनीय योगदान को इस विस्तार की मुख्य वजह बताया जा रहा है।

सिंह की भूमिका और उपलब्धियाँ

केरल कैडर के 1989 बैच के वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी सिंह ने 1 नवंबर 2024 को गिरिधर अरमाने के स्थान पर देश के 40वें रक्षा सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था। शांत स्वभाव और दृढ़ निश्चय के लिए जाने जाने वाले सिंह ने रक्षा मंत्रालय में त्वरित निर्णय लेने की संस्कृति विकसित करने के साथ-साथ पारंपरिक मिसाइल निर्माण को निजी क्षेत्र के लिए खोलने में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में सुधारों को भी तेज़ी से आगे बढ़ाया, जिसे सरकार ने इस असाधारण विस्तार का मुख्य आधार बताया है। गौरतलब है कि अगस्त 2024 में इस पद पर उनकी नियुक्ति के समय ही उनकी सेवा अवधि सेवानिवृत्ति के पश्चात भी अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई थी।

DRDO का अतिरिक्त प्रभार

सिंह 31 मई 2026 से रक्षा सचिव के दायित्व के अतिरिक्त रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा DRDO के अध्यक्ष का प्रभार भी संभाल रहे हैं। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) के मई के आदेश के तहत उन्हें यह दोहरी ज़िम्मेदारी तब सौंपी गई जब समीर वी. कामत — जो 25 अगस्त 2022 से DRDO के प्रमुख थे — का कार्यकाल पूर्ण हुआ। यह व्यवस्था किसी नियमित प्रमुख की नियुक्ति होने तक अथवा अगले आदेश तक जारी रहने की बात कही गई थी। तब से अब तक DRDO का कोई नियमित प्रमुख नियुक्त नहीं किया गया है।

ऐतिहासिक संदर्भ: पहले के रक्षा सचिवों से तुलना

वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सिंह के पूर्ववर्तियों की नियुक्ति-शैली पर नज़र डालें तो एक स्पष्ट पैटर्न उभरता है। अजय कुमार और गिरिधर अरमाने सामान्य सेवानिवृत्ति पर पद छोड़ गए। आरके माथुर और जी. मोहन कुमार ने सेवानिवृत्ति आयु के बाद भी दो साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा किया। संजय मित्रा को 2019 में अपने दो साल के निर्धारित कार्यकाल के बाद केवल तीन महीने का विस्तार प्राप्त हुआ था। इस प्रकार सिंह ऐसे पहले रक्षा सचिव बनने जा रहे हैं जिन्हें इतने लंबे समय — पूरे एक साल — के लिए विस्तार दिया गया है, जो इस पद के इतिहास में अभूतपूर्व है।

रक्षा नीति पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रक्षा खरीद नीति में बड़े बदलावों के बीच घरेलू उत्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। सिंह का विस्तारित कार्यकाल नीति-निरंतरता सुनिश्चित करेगा, खासतौर पर DRDO के चल रहे सुधार कार्यक्रम और निजी क्षेत्र को रक्षा उत्पादन में शामिल करने की मुहिम में। आगामी महीनों में DRDO के नियमित प्रमुख की नियुक्ति पर भी सबकी नज़रें रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संस्थागत रूप से असामान्य स्थिति है। सवाल यह है कि क्या यह विस्तार सिंह की व्यक्तिगत क्षमता में विश्वास का संकेत है, या DRDO नेतृत्व के उत्तराधिकार-नियोजन में देरी को छिपाने का तरीका। निजी क्षेत्र को मिसाइल निर्माण में शामिल करने जैसे संवेदनशील सुधारों के बीच नीति-निरंतरता ज़रूरी है, लेकिन नियमित संस्थागत नियुक्तियों में लंबे अंतराल रक्षा प्रशासन की संरचनात्मक मजबूती पर सवाल उठाते हैं।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल क्यों बढ़ाया गया?
रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा देने, DRDO में सुधारों को गति देने और पारंपरिक मिसाइल निर्माण को निजी क्षेत्र के लिए खोलने में उनके योगदान को विस्तार का आधार बताया गया है। यह एक साल का विस्तार इस पद के इतिहास में अभूतपूर्व है।
राजेश कुमार सिंह अब कब तक रक्षा सचिव पद पर रहेंगे?
केंद्र सरकार के 24 अक्टूबर 2026 के फैसले के अनुसार सिंह अब 31 अक्टूबर 2027 तक रक्षा सचिव के पद पर बने रहेंगे। इससे पहले उनका कार्यकाल 31 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला था।
DRDO का नियमित प्रमुख कब नियुक्त होगा?
मई 2026 में समीर वी. कामत का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से DRDO का कोई नियमित प्रमुख नियुक्त नहीं किया गया है। सिंह तब से यह अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं और सरकार ने अभी तक नियमित नियुक्ति की कोई तिथि घोषित नहीं की है।
राजेश कुमार सिंह से पहले रक्षा सचिवों को विस्तार कैसे मिला था?
संजय मित्रा को 2019 में दो साल के कार्यकाल के बाद केवल तीन महीने का विस्तार मिला था, जबकि अजय कुमार और गिरिधर अरमाने सामान्य सेवानिवृत्ति पर पद से हटे। सिंह को दिया गया एक साल का विस्तार इस पद के इतिहास में सबसे लंबा है।
राजेश कुमार सिंह कौन हैं और उन्होंने कब रक्षा सचिव का पदभार संभाला?
राजेश कुमार सिंह केरल कैडर के 1989 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 1 नवंबर 2024 को गिरिधर अरमाने के स्थान पर भारत के 40वें रक्षा सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले